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Bareilly News: बिछीं भूमिगत लाइनें...सिस्टम भी है तैयार, स्मार्ट मीटर का हो रहा इंतजार
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बरेली। गांधी उद्यान से लेकर चौकी चौराहा, चौकी चौराहा से विकास भवन, पटेल चौक से नावल्टी, पटेल चौक से नगर निगम, पटेल चौक से चौपुला, चौकी चौराहा से हेड पोस्ट ऑफिस व नगर निगम कार्यालय से सेटेलाइट तक भूमिगत बिजली लाइनें बिछ चुकी हैं। सिस्टम तैयार है, लेकिन इसका इस्तेमाल तभी हो पाएगा, जब पुराने मीटर हटाकर इन मार्गों पर पड़ने वाले प्रतिष्ठानों और घरों के बाहर स्मार्ट मीटर लग जाएंगे।
भूमिगत केबल पड़ने के बाद स्मार्ट सिटी के अफसरों को स्मार्ट मीटर लगवाने थे। मुख्यालय से अनुमोदन लिए बगैर 106 मीटर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एसई ने कार्यदायी संस्था को दे दिए थे। इस पर एसई के खिलाफ पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन से शिकायत की गई। शिकायत के बाद स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम रुक गया। छह महीने से मीटर खरीदे जाने का इंतजार हो रहा है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने स्मार्ट मीटर देने के मामले में मुख्यालय से अनुमति न होने की वजह से हाथ खींच लिए। यह स्थिति तब है जब मुख्य मार्गों पर भूमिगत केबल पड़ गए। जंक्शन बॉक्स भी बन गए। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बाद भी बिजली आपूर्ति का सिस्टम स्मार्ट नहीं हो सका। अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल का कहना है कि मीटर खरीदने का काम स्मार्ट सिटी की कार्यदायी संस्था को करना है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने 106 स्मार्ट मीटर दिए थे, जिसे कार्यदायी संस्था वापस करेगी। जून तक सभी मीटर लग जाएंगे।
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भूमिगत केबल पड़ने के बाद स्मार्ट सिटी के अफसरों को स्मार्ट मीटर लगवाने थे। मुख्यालय से अनुमोदन लिए बगैर 106 मीटर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एसई ने कार्यदायी संस्था को दे दिए थे। इस पर एसई के खिलाफ पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन से शिकायत की गई। शिकायत के बाद स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम रुक गया। छह महीने से मीटर खरीदे जाने का इंतजार हो रहा है।
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने स्मार्ट मीटर देने के मामले में मुख्यालय से अनुमति न होने की वजह से हाथ खींच लिए। यह स्थिति तब है जब मुख्य मार्गों पर भूमिगत केबल पड़ गए। जंक्शन बॉक्स भी बन गए। करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बाद भी बिजली आपूर्ति का सिस्टम स्मार्ट नहीं हो सका। अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल का कहना है कि मीटर खरीदने का काम स्मार्ट सिटी की कार्यदायी संस्था को करना है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने 106 स्मार्ट मीटर दिए थे, जिसे कार्यदायी संस्था वापस करेगी। जून तक सभी मीटर लग जाएंगे।
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