Umesh Pal Murder: बरेली जेल में बंद हैं अतीक अहमद का भाई अशरफ, सुरक्षा में तैनात स्टाफ बदला, निगरानी बढ़ी
बरेली जेल में हाई अलर्ट घोषित कर अशरफ की सुरक्षा में तैनात स्टाफ को बदला गया है। सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। अशरफ के बैरक से निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और गनर की हत्या के बाद बरेली जिला जेल (सेंट्रल जेल-2) में हाई अलर्ट कर सुरक्षा बंदोबस्त और पुख्ता कर दिए गए हैं। यहां माफिया अतीक अहमद का भाई अशरफ बंद है। अशरफ समेत जेल के टॉप टेन बंदियों की सूची शासन ने तलब कर ली है। कुछ बंदियों की जेल बदली जा सकती है।
करीब दो साल पहले अशरफ को नैनी जेल से बरेली जेल में शिफ्ट किया गया था। तब से उसे काफी सुरक्षित क्षेत्र की सेल में रखा गया है। विशेष निगरानी की जाती है। उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक अहमद और पाल गुट में गैंगवार की आशंका के मद्देनजर सभी ऐसी जेलों में सुरक्षा इंतजामों को नए सिरे से परखा जा रहा है, जहां संबंधित आरोपी बंद हैं।
अशरफ की सुरक्षा में तैनात स्टाफ बदला
बरेली जेल में हाई अलर्ट घोषित कर अशरफ की सुरक्षा में तैनात स्टाफ को बदला गया है। संख्या भी बढ़ाई गई है। अशरफ के बैरक से निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं, जेल की सर्च टीम (नियमित तलाशी लेने वाली टीम) को भी बदल दिया गया है। कुछ नई टीमें निगरानी में लगाई गई हैं। खुफिया टीम अपनी ओर से भी ऐसे लोगों की पड़ताल कर रही है, जो अशरफ के संपर्क में रहे हैं या मुलाकात करने आते रहे हैं।
सुरक्षा व निगरानी बढ़ाई
इसके साथ ही शासन व विभाग के स्तर से टॉप टेन बंदियों की सूची भी जेल प्रशासन से तलब की गई है। जिला जेल के अधीक्षक राजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि शासन व उच्चाधिकारियों से मिले सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है। जेल परिसर पूरी तरह सुरक्षित है, नए निर्देशों के बाद सुरक्षा व निगरानी और बढ़ा दी है।एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि प्रयागराज की घटना के बाद जिला जेल व अन्य जेलों में हाई अलर्ट कर सुरक्षा बंदोबस्त और पुख्ता किए जा रहे हैं। सुरक्षा मानकों का सत्यापन भी किया जा रहा है।
एसटीएफ ने जिला जेल में की पड़ताल
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की एक टीम शनिवार को जेल में पहुंची और कुछ समय वहां रहकर पड़ताल की। सूत्रों के मुताबिक अशरफ के मामले में टोह लेने टीम वहां गई थी। तीन महीने में अशरफ से किसने मुलाकात की, जेल के सरकारी नंबर से अशरफ की किससे बात हुई, जेल में उसके करीबी कौन हैं और वह इस दौरान कहां-कहां तारीख पर गया जैसे बिंदुओं पर जांच की गई है। हालांकि आधिकारिक सूत्रों से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। सूत्रों ने यह भी बताया कि नकली नोटों के मामले में जेल में बंद आरोपियों से इनपुट जुटाने के लिए टीम जेल गई थी।
अतीक भी रहा था बरेली जेल में
वर्ष 2019 में देवरिया जेल में बंद माफिया डॉन अतीक अहमद ने रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को धमकाया था। मामला तूल पकड़ने पर अतीक को बरेली जिला जेल ट्रांसफर किया गया था। यहां वह कुछ दिन ही रहा। उसके आने के तीसरे दिन ही जेल अधिकारियों ने उसका ट्रांसफर कहीं और करने की मांग की थी। इस बीच अतीक को छोड़ने व उससे मिलने उसके गुर्गे भी बरेली आए थे। एक खास नंबर की कारों से अतीक के लोग बजरंग ढाबा के पास पहुंचे तो लोगों की सूचना पर पुलिस ने इन्हें खदेड़ दिया था।