{"_id":"64211c3b93b7c4646b0b2093","slug":"umesh-pal-hatyakand-atiq-ahmad-brother-ashraf-bareilly-jail-all-update-in-hindi-2023-03-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उमेश पाल अपहरण कांड: बरेली जेल से अशरफ को ले गई प्रयागराज पुलिस, आज हो सकता है सजा का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उमेश पाल अपहरण कांड: बरेली जेल से अशरफ को ले गई प्रयागराज पुलिस, आज हो सकता है सजा का एलान
Mon, 27 Mar 2023 10:22 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 27 Mar 2023 10:22 AM IST
सार
बरेली जेल से अशरफ को कड़ी सुरक्षा में ले जाया गया। रवानगी के दौरान जब मीडिया ने अशरफ से पूछा कोई खतरा तो नहीं। इस पर गाड़ी में बैठे अशरफ ने हाथ हिलाकर खतरा जताया।
विज्ञापन
बरेली जेल से अशरफ को लेकर प्रयागराज के लिए निकली पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
माफिया अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ को सोमवार सुबह नौ बजे प्रयागराज पुलिस बरेली केंद्रीय जेल 2 से प्रयागराज ले गई। इस दौरान पुलिस और मीडिया के लोग बड़ी संख्या में जेल गेट पर मौजूद रहे। मीडिया की कई गाड़ियां पुलिस वैन के पीछे निकलीं। शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी की सीमा से पुलिस के वाहन सीतापुर की ओर निकल गए।
प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ रविवार रात में ही बरेली आ गई थी। सुबह नौ बजे अशरफ को जेल से निकाला गया तो बड़ी संख्या में मीडिया की मौजूदगी थी। प्रयागराज पुलिस ने जेल गेट पर गाड़ी इस तरह लगाई कि मीडिया से अशरफ की सीधी बात नहीं हो सकी। हालांकि गाड़ी में अशरफ के बैठने के बाद मीडिया ने उससे पूछा कि उसे कोई खतरा तो नहीं है तो अशरफ ने अंदर से हाथ हिलाया। इशारे के अंदाज से माना जा रहा है कि अशरफ ने खतरा जताया है।
विज्ञापन
11 में से एक की मौत हो चुकी है जबकि 10 आरोपियों पर आरोप तय हुए हैं। जिन पर आरोप तय हुए हैं उनमें अतीक अहमद के अलावा उसका भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ और गुर्गा आबिद प्रधान, आशिक उर्फ मल्ली, जावेद इसरार, एजाज अख्तर, दिनेश पासी, खान सौलत, हनीफ और एक अन्य शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: Prayagraj : ऑपरेशन अतीक पर सबसे बड़ा सवाल- क्या विकास दुबे जैसा होगा माफिया डॉन का हाल
विज्ञापन
प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ रविवार रात में ही बरेली आ गई थी। सुबह नौ बजे अशरफ को जेल से निकाला गया तो बड़ी संख्या में मीडिया की मौजूदगी थी। प्रयागराज पुलिस ने जेल गेट पर गाड़ी इस तरह लगाई कि मीडिया से अशरफ की सीधी बात नहीं हो सकी। हालांकि गाड़ी में अशरफ के बैठने के बाद मीडिया ने उससे पूछा कि उसे कोई खतरा तो नहीं है तो अशरफ ने अंदर से हाथ हिलाया। इशारे के अंदाज से माना जा रहा है कि अशरफ ने खतरा जताया है।
विज्ञापन
यह है पूरा मामला
राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल का 2006 में अपहरण कर लिया गया था। 2007 में बसपा सरकार आने पर उमेश पाल की ओर से इस मामले में अधिक समेत 11 लोगों के खिलाफ धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस मामले की सुनवाई 23 मार्च को पूरी हो चुकी है और 28 मार्च को फैसला सुनाया जाना है।
विज्ञापन
11 में से एक की मौत हो चुकी है जबकि 10 आरोपियों पर आरोप तय हुए हैं। जिन पर आरोप तय हुए हैं उनमें अतीक अहमद के अलावा उसका भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ और गुर्गा आबिद प्रधान, आशिक उर्फ मल्ली, जावेद इसरार, एजाज अख्तर, दिनेश पासी, खान सौलत, हनीफ और एक अन्य शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: Prayagraj : ऑपरेशन अतीक पर सबसे बड़ा सवाल- क्या विकास दुबे जैसा होगा माफिया डॉन का हाल