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Umesh Pal Murder Case: अशरफ के सहारे राजनीति चमकाना चाहता था लल्ला गद्दी, मेयर चुनाव लड़ा; पर अब सपा की टिकट..
Sun, 12 Mar 2023 11:32 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 12 Mar 2023 11:32 AM IST
सार
उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश जारी है। सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में पुलिस ने बारादरी, किला, प्रेमनगर क्षेत्र में दबिश दी। लल्ला के दो करीबियों को हिरासत में ले लिया गया।
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Umesh Pal Case
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली जिले के बारादरी थाना इलाके के चक महमूद का निवासी लल्ला गद्दी अपने समाज का बड़ा नेता बनकर राजनीति चमकाना चाहता था। अशरफ से दोस्ती इसी शॉर्टकट को पूरा करने के लिए की थी। पुलिस सोमवार को सद्दाम और लल्ला के गैर जमानती वारंट लेने को कोर्ट में आवेदन करेगी।
इनके हाजिर या गिरफ्तार न होने पर इनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है। अतीक अहमद को गद्दी समाज के बड़े नेता के रूप में जाना जाता है। अतीक के भाई अशरफ से जुड़कर लल्ला ने कमाई तो की ही, वह स्थानीय गद्दी समाज के नेता के रूप में स्थापित होना भी चाहता था।
लल्ला गद्दी पहले एक पार्टी से मेयर का चुनाव लड़ चुका है। इस बार सपा से मेयर का टिकट मांग रहा था। लल्ला गद्दी के खिलाफ बारादरी थाने में छेडछाड़, पॉक्सो एक्ट और मारपीट जैसे मुकदमे पहले दर्ज हो चुके हैं। उसने अपने भी कई गुर्गे बना रखे थे। इनमें से अधिकांश युवक गद्दी समाज से हैं।
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इन्हें लल्ला ने अशरफ से मिलवाकर शहर में अपना राजनैतिक रसूख बढ़ाया था। लल्ला गद्दी की गिरफ्तारी के बाद अशरफ के कई और मददगार बेनकाब हो सकते हैं।
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इनके हाजिर या गिरफ्तार न होने पर इनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है। अतीक अहमद को गद्दी समाज के बड़े नेता के रूप में जाना जाता है। अतीक के भाई अशरफ से जुड़कर लल्ला ने कमाई तो की ही, वह स्थानीय गद्दी समाज के नेता के रूप में स्थापित होना भी चाहता था।
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लल्ला गद्दी पहले एक पार्टी से मेयर का चुनाव लड़ चुका है। इस बार सपा से मेयर का टिकट मांग रहा था। लल्ला गद्दी के खिलाफ बारादरी थाने में छेडछाड़, पॉक्सो एक्ट और मारपीट जैसे मुकदमे पहले दर्ज हो चुके हैं। उसने अपने भी कई गुर्गे बना रखे थे। इनमें से अधिकांश युवक गद्दी समाज से हैं।
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इन्हें लल्ला ने अशरफ से मिलवाकर शहर में अपना राजनैतिक रसूख बढ़ाया था। लल्ला गद्दी की गिरफ्तारी के बाद अशरफ के कई और मददगार बेनकाब हो सकते हैं।
सद्दाम के साथ ही लल्ला गद्दी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। दोनों की गिरफ्तारी या हाजिर न होने की स्थिति में सोमवार को विवेचक की ओर से कोर्ट में गैर जमानती वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में दबिश, दो हिरासत में
उधर, उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश जारी है। सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में पुलिस ने बारादरी, किला, प्रेमनगर क्षेत्र में दबिश दी। लल्ला के दो करीबियों को हिरासत में ले लिया गया। अशरफ से जेल में ज्यादा बार मुलाकात करने वाले नौ लोग ट्रेस हुए हैं। इनमें सात शहर के और दो पीलीभीत के निवासी हैं।
प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड के तार बरेली जेल में बंद अशरफ से जुड़े मिले हैं। इस मामले को लेकर बिथरी चैनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है और जेल के आरक्षी समेत चार लोगों को जेल भेजा जा चुका है। इसके बाद पुलिस और एजेंसियों का मुख्य लक्ष्य अशरफ के साले सद्दाम की गिरफ्तारी है।
सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में एसटीएफ और अन्य एजेंसियां भी जुटीं
सद्दाम 26 दिसंबर के बाद से बरेली नहीं आया, पर उसके गुर्गे लगातार अशरफ से मिलकर सूचनाओं का आदान-प्रदान करते रहे। इसमें बारादरी क्षेत्र का निवासी लल्ला गद्दी भी शामिल है। सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में पुलिस से लेकर एसटीएफ और अन्य एजेंसियां भी जुटी हैं।
सद्दाम और लल्ला का तो सुराग नहीं लगा, पर इनके दो गुर्गे पकड़ में आ गए हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है। ये दोनों जेल में जाकर अशरफ से मुलाकात करते थे। एजेंसियों ने सर्विलांस रिकॉर्ड के आधार पर 50 लोगों की सूची तैयार की है।
सद्दाम से मिलने आती थी पूर्व मंत्री की बेटी
इनमें से नौ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने बार-बार अशरफ से मुलाकात की। पहली कार्रवाई में इसी तरह के लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इनमें एक पूर्व मंत्री की बेटी भी है जो सद्दाम की प्रेमिका है और खुशबू एन्क्लेव में उसकी पत्नी के तौर पर आती-जाती थी।