Ukraine Crisis : खतरे का सायरन बजते ही फोन बंद कराए, बंकर में दशहत के बीच कटी रात
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शाहजहांपुर : यूक्रेन में फंसे शाहजहांपुर के छात्र-छात्राओं अब भी दहशत में जी रहे हैं। उन्होंने परिजन को बजाया कि जिन सड़कों पर चहल-पहल रहती थी। वहां सन्नाटा पसरा है। बम और मिसाइलों की आवाज इस सन्नाटे को चीर रही हैं। सड़कों पर लड़ाकू टैंक की आवाजाही लगी हुई है। शुक्रवार रात तनाव बढ़ने पर खतरे के तीन सायरन बजते ही एनाउंस कर छात्रों के मोबाइल फोन बंद कर बंकरों में जाने के निर्देश दिए। कड़ाके की सर्दी में पूरी रात बंकर में गुजरी। इधर, फोन बंद होने से छात्र-छात्राओं के परिजन की रात भी जागकर कटी। 12 से 15 घंटे के बाद बच्चों का मैसेज आने के बाद राहत की सांस ली।
बदायूं के सात छात्र यूक्रेन में फंसे
जिले के सात छात्रों के युक्रेन के अलग-अलग जिलों में फंसे होने की बात सामने आई है। इसके विपरीत जिला प्रशासन ने फिलहाल ऐसे चार विद्यार्थियों के वहां होने की जानकारी मुख्यालय भेजी है।
यहां बता दें कि भारत सरकार के निर्देश पर बदायूं जिला प्रशासन भी अब ऐसे छात्र छात्राओं को सूची बनाकर गाजियाबाद एडीएम से समन्वय कर उन्हें राहत दिलाने में जुट गया है।
प्रभारी डीएम के ऋषिराज के निर्देश पर यूक्रेन में मौजूद छात्र-छात्राओं की सूची बनाई जा रही है तो प्रदेश भर के ऐसे विद्यार्थियों का ब्योरा एकत्र करने की जिम्मेदारी गाजियाबाद के एडीएम को दी गई है। इसके अलावा प्रदेश के राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद भी इस काम में लगे हैं और भारतीय दूतावास तक जिलों से मिली सूचनाएं पहुंचा रहे हैं।
शनिवार को बदायूं प्रशासन के पास सहसवान के छात्र शादाब पुत्र आस मोहम्मद, बगरैन के आकाश गुप्ता पुत्र राजेश गुप्ता के अलावा बदायूं शहर के आनंद यादव पुत्र राघवेंद्र यादव व अयाज अंसारी पुत्र रहनुमा बेगम के नाम आ गए थे। सीडीओ के स्तर से इस बारे में राहत आयुक्त व प्रदेश मुख्यालय पर सूचना उपलब्ध कराई गई है। सीडीओ ने बताया कि जानकारी लगातार अपडेट की जा रही हैं।
इसके साथ ही इस्लामनगर कस्बे के तीन मेडिकल छात्रों इमरान, तौहीद व ओसामा भी यूक्रेन में फंसे हैं जिनका नाम अभी जिला प्रशासन की सूची में नहीं है।
शून्य से भी पांच डिग्री नीचे तापमान में बंकरों में सुरक्षित हैं चार छात्र
बदायूं / इस्लामनगर: जिले के चार छात्र शनिवार को भी पूरे दिन यूक्रेन के बंकरों में सुरक्षाबलों के साये में बैठे रहे। उन्होंने परिवार वालों को बताया कि वे सुरक्षित तो हैं पर इसके अलावा बहुत सारी परेशानियां झेल रहे हैं। बताया कि शून्य से पांच डिग्री नीचे तापमान में बंकरों में उन्हें वक्त गुजारना पड़ रहा है। इस्लामनगर के तीन छात्र इमरान, ओसामा व तौहीद यूक्रेन के डेनिप्रो में हैं। इमरान के पिता हाजी सलीम भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा बदायूं के जिलाध्यक्ष हैं। हाजी सलीम दिल्ली में मुख्तार अब्बास नकवी से मिले थे और बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए बात की थी। उन्होंने बताया कि बच्चों ने बताया है कि डेनिप्रो से रूसी सेना केवल 80 किमी दूर है। कुछ छात्र रूमानिया बॉर्डर पहुंच गए थे जिन्हें वहां से भारत भेजा गया है। इन छात्रों से कहा गया है कि इंतजार करें, जल्द ही आपको भी पहुंचाया जाएगा।
यूक्रेन में फंसे अयाज की मुश्किलें बढ़ीं, भोजन और पानी की भी दिक्कत
बदायूं : शहर के नाहर खां सराय निवासी मेडिकल छात्र अयाज भी यूक्रेन में फंसे हैं। शनिवार को अयाज की मां रहनुमा बेगम अपने परिवार के लोगों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचीं और वहां प्रभारी डीएम ऋषिराज से मुलाकात कर बेटे की दुश्वारियों के बारे में बताया।
रहनुमा बेगम अपने रिश्तेदार सपा नेता हाफिज इरफान के साथ शनिवार दोपहर प्रभारी डीएम के पास आईं। उन्होंने बताया कि बेटा अयाज एमबीबीएस की पढ़ाई के लिहाज से यूक्रेन के लवानो फ्रेंकिस्क शहर में रह रहा है। रूस के हमलों के बाद दूसरे छात्रों के साथ वह भी अपने कमरे में फंसा है। बताया कि वहां बाजार और एटीएम भी बंद पड़े हैं। अयाज व उसके साथियों के पास खाने को भोजन व पानी तक का संकट है। उनकी अयाज से बात होती है तो वह वहां की भयावह स्थिति के बारे में बताता है। उनकी मांग थी कि स्थानीय अधिकारी भारत सरकार व दूतावास से संपर्क कर अयाज की घर वापसी की व्यवस्था कराएं। प्रभारी डीएम ने उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। कहा कि वह इसकी जानकारी प्रदेश मुख्यालय के जरिये सरकार को भेज देंगे। कोशिश रहेगी कि जल्द ही राहत मिल जाए।
यूक्रेन में फंसे पीलीभीत के छात्र रोमानिया-पोलैंड बॉर्डर पहुंचे
रूस के हमले से यूक्रेन में शनिवार को भी दहशत का माहौल रहा। जिले के कई छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। शुक्रवार की रात छात्रों ने बंकर में गुजारी। शनिवार सुबह कई छात्र रोमानिया और पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचे।
अब वहां से उन्हें हवाई सेवा मिलने की उम्मीद है। वहीं, जिला प्रशासन के पास 11 छात्रों की सूचना पहुंची है। इनमें नौ छात्रों की पूरी डिटेल मिल गई है। डीएम ने इन छात्रों के नंबर को जोड़कर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। जिस पर छात्र पल-पल की जानकारी अपडेट कर रहे हैं। उनमें कई छात्रों ने फोन के जरिए बताया कि वह रोमानिया बार्डर पर पहुंच गए हैं। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि एक फार्मेट जारी किया है। जिन अभिभावकों के बच्चे यूक्रेन में फंसे हैं, वह सूचना विभाग में दें। वहां फंसे छात्रों से लगातार बातचीत हो रही है। उनको यूक्रेन के पड़ोसी देशों से हवाई सेवा मिल जाएगी। कई छात्र बार्डर पर पहुंच गए हैं।
रोमानिया बॉर्डर पहुंचा सार्थक
यूक्रेन में फंसा मझोला निवासी सार्थक शनिवार को रोमानिया बॉर्डर पहुंचा। उसके साथ भारत के कुछ अन्य छात्र भी हैं। यूक्रेन में भारतीय दूतावास की तरफ से छात्रों को कहा गया था कि वह रोमानिया या पोलैंड पहुंचे। वहां से उन्हें हवाई सेवा मिल जाएगी। सार्थक के परिवार वालों ने बताया कि सार्थक रोमानिया बार्डर पर पहुंच गया है। उनकी थोड़ी चिंता कम हुई। बेटे के सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
इन छात्रों की पहुंची सूचना
- ग्रुरप्रीत सिंह कीव में फंसे हैं
- साहब सिंह पोल्टावा
- अंशुल गुप्ता, खारकीव
- हैदर अली खारकिव
- हर्षित शुक्ला, खारकीव
- सार्थक सक्सेना, टेर्नोपिल के पास
- शिवम गुप्ता, कीव
- अनमोल वर्मा, कीव
- कृष्णकांत प्रसाद, फ्रैंकिव्स्क