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सर्वे सर्विलांस में लापरवाही से ही हुई थी दो संक्रमितों की मौत
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Corona
- फोटो : demo photo
नोडल अफसर नवनीत सहगल ने कोरोना से मृत्युदर बढ़ने जताई नाराजगी
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बरेली। बीते दिनों नोडल अफसर ने सर्वे सर्विलांस की लचर स्थिति को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। मगर, स्थितियां जस की तस हैं। अब नोडल अफसर नवनीत सहगल ने समीक्षा की तो बीते दिनों दो संक्रमितों की मौत में सर्वे सर्विलांस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अफसरों को सर्वे सर्विलांस की स्थिति में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
नोडल अफसर की ओर से की गई समीक्षा में बताया गया कि 19 सितंबर को दो संक्रमितों की मौत हुई। इनमें 61 वर्षीय एक बुजुर्ग को सांस लेने में दिक्कत थी। वहीं, 60 वर्षीय महिला पहले से गंभीर रूप से बीमार थीं। इनके अस्पताल में भर्ती होने पर सैंपल की जांच हुई और तो वह संक्रमित मिलीं और फिर उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके रक्त में ऑक्सीजन का स्तर घटकर 70 रह गया था। समीक्षा में कहा गया है कि अगर सांस लेने में दिक्कत थी तो बुजुर्ग पहले से कहीं न कहीं इलाज करा रहे होंगे। अगर सर्वे सर्विलांस की स्थिति अच्छी होती तो उनमें संक्रमण का समय पर पता लग सकता था। बीते दिनों नोडल अफसर ने फरीदपुर के एक गांव का निरीक्षण किया था तो पता पता चला कि सर्वे टीम सिर्फ घर के बाहर से ही हालचाल पूछकर चली गई, जबकि घर के प्रत्येक सदस्य का ऑक्सीजन स्तर, शरीर का तापमान दर्ज करने के निर्देश हैं। इन दोनों मामलों से यह पता चला है कि स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। इसकी वजह से संक्रमितों की जान बचाना मुश्किल हो रहा है और मृत्युदर बढ़ रही है।
नोडल अफसर की ओर से की गई समीक्षा में बताया गया कि 19 सितंबर को दो संक्रमितों की मौत हुई। इनमें 61 वर्षीय एक बुजुर्ग को सांस लेने में दिक्कत थी। वहीं, 60 वर्षीय महिला पहले से गंभीर रूप से बीमार थीं। इनके अस्पताल में भर्ती होने पर सैंपल की जांच हुई और तो वह संक्रमित मिलीं और फिर उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके रक्त में ऑक्सीजन का स्तर घटकर 70 रह गया था। समीक्षा में कहा गया है कि अगर सांस लेने में दिक्कत थी तो बुजुर्ग पहले से कहीं न कहीं इलाज करा रहे होंगे। अगर सर्वे सर्विलांस की स्थिति अच्छी होती तो उनमें संक्रमण का समय पर पता लग सकता था। बीते दिनों नोडल अफसर ने फरीदपुर के एक गांव का निरीक्षण किया था तो पता पता चला कि सर्वे टीम सिर्फ घर के बाहर से ही हालचाल पूछकर चली गई, जबकि घर के प्रत्येक सदस्य का ऑक्सीजन स्तर, शरीर का तापमान दर्ज करने के निर्देश हैं। इन दोनों मामलों से यह पता चला है कि स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। इसकी वजह से संक्रमितों की जान बचाना मुश्किल हो रहा है और मृत्युदर बढ़ रही है।
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अति, मध्यम और कम, तीन स्तर पर बनाए जाएं संवेदनशील क्षेत्र
नोडल अफसर नवनीत सहगल ने सर्वे सर्विलांस टीम को अपने कार्यक्षेत्र के सभी चिकित्सकों से संपर्क करने, सांस और बुखार के मरीजों को ट्रेस करने और सैंपल की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा संक्रमितों की तादाद के आधार पर अति, मध्यम और कम संवेदनशील इलाकों की सूची बनाकर रिकॉर्ड तैयार करने, सर्वे के दौरान प्रत्येक घर में अपना मोबाइल नंबर और कोविड कंट्रोल सेंटर का नंबर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अगर कोई बीमार है या उसमें कोरोना के लक्षण हैं तो बगैर देरी किए उसके सैंपल की जांच कराने को कहा है।
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