{"_id":"6ad52492108fd99cbe0414ca","slug":"two-kilometer-long-roads-will-be-built-using-cement-and-concrete-instead-of-tar-33-such-projects-have-been-approved-bareilly-news-c-4-bly1052-991107-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: तारकोल नहीं, सीमेंट व कंक्रीट से बनेंगी दो किमी लंबाई की सड़कें, 33 को मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: तारकोल नहीं, सीमेंट व कंक्रीट से बनेंगी दो किमी लंबाई की सड़कें, 33 को मंजूरी
विज्ञापन
पीलीभीत। पश्चिम एशिया में संघर्ष की तपिश का असर अभी सड़कों पर खत्म नहीं हुआ है। तारकोल की कमी और उसकी कीमतों में तेजी के कारण अब यहां भी दो किमी से कम दायरे वाली सड़क का निर्माण सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) से होगा।
सड़क के निर्माण का तरीका बदलने के लिए बीते अगस्त माह में इसके लिए आदेश हुए थे। बरसात का मौसम बीतने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने पर अब इसका असर दिखेगा। शासन के आदेश पर जिले में चिह्नित सड़कों का निर्माण सीमेंट-कंक्रीट से करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पहले चरण में जिले में दो किमी दायरे की 33 सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी ने बजट स्वीकृत होने के बाद निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। यह बदलाव सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमेन की कीमत कुछ ही महीनों में डेढ़ गुना होने और इसकी आपूर्ति घटने के बीच किया जा रहा है। ये सड़कें बीसलपुर, सदर, पूरनपुर, कलीनगर व अमरिया िवधानसभा क्षेत्र में बनेंगी।
विज्ञापन
अब तक सड़कों के निर्माण और मरम्मत में तारकोल-बजरी का इस्तेमाल प्रमुखता से होता रहा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों और आपूर्ति पर पड़ रहे असर से सड़क निर्माण की लागत भी प्रभावित हो रही है। बिटुमेन महंगा होने के साथ इसकी उपलब्धता घटने से निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने में मुश्किलें आ रही हैं। ऐसे में शासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर यह निर्णय लिया है। पीडब्ल्यूडी इन सड़कों का निर्माण कराएगा। विभाग का जोर स्वीकृत बजट के अनुरूप निर्माण कार्य आगे बढ़ाने पर रहेगा।
पहले चरण में इन सड़कों को शामिल किए जाने के बाद आगे की कार्ययोजना और निर्माण की समयसीमा पर भी नजर रहेगी।
--
शासन स्तर से यह फैसला लिया गया है। जिले में पहले चरण में दो किलोमीटर दायरे की करीब 33 सड़कों के निर्माण के लिए इस नई व्यवस्था को मंजूरी मिली है। सभी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद जल्द ही सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। - संजीव कुमार जैन, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
सड़क के निर्माण का तरीका बदलने के लिए बीते अगस्त माह में इसके लिए आदेश हुए थे। बरसात का मौसम बीतने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने पर अब इसका असर दिखेगा। शासन के आदेश पर जिले में चिह्नित सड़कों का निर्माण सीमेंट-कंक्रीट से करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विज्ञापन
पहले चरण में जिले में दो किमी दायरे की 33 सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी ने बजट स्वीकृत होने के बाद निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। यह बदलाव सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमेन की कीमत कुछ ही महीनों में डेढ़ गुना होने और इसकी आपूर्ति घटने के बीच किया जा रहा है। ये सड़कें बीसलपुर, सदर, पूरनपुर, कलीनगर व अमरिया िवधानसभा क्षेत्र में बनेंगी।
विज्ञापन
अब तक सड़कों के निर्माण और मरम्मत में तारकोल-बजरी का इस्तेमाल प्रमुखता से होता रहा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों और आपूर्ति पर पड़ रहे असर से सड़क निर्माण की लागत भी प्रभावित हो रही है। बिटुमेन महंगा होने के साथ इसकी उपलब्धता घटने से निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने में मुश्किलें आ रही हैं। ऐसे में शासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर यह निर्णय लिया है। पीडब्ल्यूडी इन सड़कों का निर्माण कराएगा। विभाग का जोर स्वीकृत बजट के अनुरूप निर्माण कार्य आगे बढ़ाने पर रहेगा।
पहले चरण में इन सड़कों को शामिल किए जाने के बाद आगे की कार्ययोजना और निर्माण की समयसीमा पर भी नजर रहेगी।
शासन स्तर से यह फैसला लिया गया है। जिले में पहले चरण में दो किलोमीटर दायरे की करीब 33 सड़कों के निर्माण के लिए इस नई व्यवस्था को मंजूरी मिली है। सभी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद जल्द ही सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। - संजीव कुमार जैन, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग