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Bareilly News: शातिर अपराधी चंद्रसेन का सहयोग करने वाले दो सिपाहियों को तीन-तीन साल की कैद

Thu, 07 Aug 2025 03:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 07 Aug 2025 03:01 AM IST
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Two constables who helped the vicious criminal Chandrasen were sentenced to three years of imprisonment each
जनपद न्यायालय,बरेली - फोटो : अमर उजाला
बरेली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका पांडेय ने शाहजहांपुर निवासी शातिर अपराधी चंद्रसेन के साथ मिलकर अपहरण और फिरौती वसूली में शामिल दो सिपाहियों को तीन-तीन साल कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह-छह माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा। दोषी सिपाही चंद्रसेन की अभिरक्षा में थे। आगरा सेंट्रल जेल से बरेली पेशी पर आया चंद्रसेन सिपाहियों की अभिरक्षा से फरार हो गया था। इस मामले में आगरा पुलिस लाइन के पांच सिपाहियों को नामजद किया गया था। सुनवाई के दौरान तीन सिपाहियों की पत्रावली को पृथक कर दिया गया था।
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आगरा पुलिस लाइन में तैनात उप निरीक्षक देवदत्त शर्मा ने 10 दिसंबर 2006 को बरेली कोतवाली में मथुरा के थाना राया के नंदा निवासी हेड कांस्टेबल कुंवरजीत सिंह, फिरोजाबाद के थाना टूंडला के टूडली निवासी कांस्टेबल अरब सिंह, मथुरा के थाना हाईवे के नगला निवासी कांस्टेबल शंकर लाल, महौली निवासी कांस्टेबल ज्ञान सिंह और हाथरस के थाना सहमऊ के अद्रायन निवासी कांस्टेबल गीतम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन पांचों की तैनाती आगरा पुलिस लाइन में थी। उन्होंने बताया था कि आगरा सेंट्रल जेल में बंद शातिर अपराधी चंद्रसेन को तीन दिसंबर को शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली और कन्नौज की अदालतों में पेशी पर भेजा गया था। इन जिलों की अदालतों में चंद्रसेन की चार से सात दिसंबर तक अलग-अलग तारीखों में पेशी थी। पांचों सशस्त्र सिपाही चंद्रसेन की अभिरक्षा में थे।
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इस दौरान चंद्रसेन ने बरेली में अपहरण के एक मामले में फिरौती वसूली। अभिरक्षा में लगे सिपाहियों ने उसका सहयोग किया। छह दिसंबर को चंद्रसेन सिपाहियों के सहयोग से अभिरक्षा से फरार हो गया। जांच के बाद पुलिस ने 26 जुलाई 2007 को चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। बुधवार को मामले में अंतिम बहस के बाद कोर्ट ने हेड कांस्टेबल कुंवरजीत सिंह और कांस्टेबल ज्ञान सिंह को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की कैद और जुर्माना भी लगाया है। संवाद
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