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Bareilly News: पॉवरलिफ्टिंग के शौक को बना रहीं जुनून
Wed, 24 Sep 2025 12:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 24 Sep 2025 12:50 AM IST
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बरेली। साहू राम स्वरूप महिला महाविद्यालय में पिछले एक वर्ष से छात्राओं के लिए जिम का सेटअप लगाया गया है। यहां सेहत बनाने के साथ कई छात्राएं पॉवरलिफ्टिंग के खेल में आगे बढ़ रही हैं। छात्राओं का कहना है एक साल पहले यहां जिम खुला है। कोच मनीष रूहेलखंड विश्वविद्यालय से पॉवरलिफ्टिंग में पदक ला चुके हैं और वह छात्राओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। छात्राओं का कहना है सुबह 9.30 से दोपहर दो बजे तक प्रशिक्षण लेती हैं। उन्हें देखकर अन्य छात्राएं भी प्रभावित होती हैं। उनकी पहली वरीयता विश्वविद्यालय के लिए पदक लाना है जिससे वर्ल्ड यूनिवर्सिटी में भाग ले सकें।
ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतिभागी हैं खुशी
मिनी बाइपास की रहने वाली खुशी 85 किलो भार की पॉवरलिफ्टिंग का अभ्यास करती हैं। सबसे पहले वेटलिफ्टिंग की और इसके बाद पॉवर लिफ्टिंग की तरफ ध्यान आकर्षित हुआ। पॉवरलिफ्टिंग में नतीजे अच्छे आने लगे। वह इस समय एमए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। तीन बार स्टेट में स्ट्रांग वुमेन का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। साथ ही ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में प्रतिभागी रहीं। खुशी का कहना है कि उनके परिवार में भाइयों का सपोर्ट है इसलिए और बेहतर करने का उद्देश्य मिलता है।
रेस्लिंग से पॉवरलिफ्टिंग की ओर किया रुख
नवाबगंज की रहने वाली नीलम बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। वह केवल पॉवरलिफ्टिंग का अभ्यास करने के लिए नवाबगंज से कॉलेज के पास ही आकर रह रही हैं। नीलम ने बताया कि पहले तीन साल तक कुश्ती करने के बाद पॉवरलिफ्टिंग करना शुरू किया। अब दो साल से पॉवरलिफ्टिंग कर रही हूं। जूनियर वर्ग में कुश्ती का अभ्यास कर रही हैं। वह 53 किलो भार में अभ्यास कर खेलती हैं।
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पॉवरलिफ्टिंग है जुनून
एमए समाजशास्त्र की छात्रा आरती 49 किलो भारवर्ग में पॉवरलिफ्टिंग करती हैं। आरती ने बताया कि पॉवरलिफ्टिंग उनके लिए जुनून है। अभी उन्हें केवल एक ही वर्ष हुआ है लेकिन इतने समय में काफी कुछ सीख गई हैं। परिवार से पिता का काफी सपोर्ट रहता है। प्रतिदिन दिन में चार से साढ़े चार घंटे अभ्यास करते हैं। वजन संतुलन करने में डाइट का सहयोग कोच देते हैं।
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ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतिभागी हैं खुशी
मिनी बाइपास की रहने वाली खुशी 85 किलो भार की पॉवरलिफ्टिंग का अभ्यास करती हैं। सबसे पहले वेटलिफ्टिंग की और इसके बाद पॉवर लिफ्टिंग की तरफ ध्यान आकर्षित हुआ। पॉवरलिफ्टिंग में नतीजे अच्छे आने लगे। वह इस समय एमए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। तीन बार स्टेट में स्ट्रांग वुमेन का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। साथ ही ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में प्रतिभागी रहीं। खुशी का कहना है कि उनके परिवार में भाइयों का सपोर्ट है इसलिए और बेहतर करने का उद्देश्य मिलता है।
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रेस्लिंग से पॉवरलिफ्टिंग की ओर किया रुख
नवाबगंज की रहने वाली नीलम बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। वह केवल पॉवरलिफ्टिंग का अभ्यास करने के लिए नवाबगंज से कॉलेज के पास ही आकर रह रही हैं। नीलम ने बताया कि पहले तीन साल तक कुश्ती करने के बाद पॉवरलिफ्टिंग करना शुरू किया। अब दो साल से पॉवरलिफ्टिंग कर रही हूं। जूनियर वर्ग में कुश्ती का अभ्यास कर रही हैं। वह 53 किलो भार में अभ्यास कर खेलती हैं।
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पॉवरलिफ्टिंग है जुनून
एमए समाजशास्त्र की छात्रा आरती 49 किलो भारवर्ग में पॉवरलिफ्टिंग करती हैं। आरती ने बताया कि पॉवरलिफ्टिंग उनके लिए जुनून है। अभी उन्हें केवल एक ही वर्ष हुआ है लेकिन इतने समय में काफी कुछ सीख गई हैं। परिवार से पिता का काफी सपोर्ट रहता है। प्रतिदिन दिन में चार से साढ़े चार घंटे अभ्यास करते हैं। वजन संतुलन करने में डाइट का सहयोग कोच देते हैं।