{"_id":"689517e3ccf35d33af0180b7","slug":"trump-tariff-agreement-reached-on-25-percent-will-stop-exports-on-50-percent-bareilly-news-c-4-vns1074-699545-2025-08-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Trump Tariff: अमेरिकी टैरिफ पर बरेली के उद्यमियों ने खोला मोर्चा, केंद्र सरकार से करारा जवाब देने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Trump Tariff: अमेरिकी टैरिफ पर बरेली के उद्यमियों ने खोला मोर्चा, केंद्र सरकार से करारा जवाब देने की मांग
Fri, 08 Aug 2025 03:41 PM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 03:41 PM IST
सार
बरेली के कारोारियों का कहना है कि अमेरिका द्वारा 25 फीसदी टैरिफ लागू होने पर कीमतें कम करनी पड़ीं, लेकिन अब 50 फीसदी पर समझौता नहीं होगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत के उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने पर बरेली के निर्यातकों को मुनाफा से समझौता करना पड़ा। अब 50 फीसदी टैरिफ लागू होने पर नाराजगी जताई है। साथ ही, निर्यात बंद करने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
बरेली से अमेरिका में सबसे ज्यादा मेंथॉल, एरोमा का निर्यात होता है। अनुमानित सालाना टर्नओवर करीब 60 करोड़ का है। दूसरे पायदान पर बासमती चावल और फिर जरी जरदोजी का निर्यात होता है।
विज्ञापन
कारोबारियों का कहना है कि बीते दिनों 25 फीसदी टैरिफ लागू होने पर ही निर्यातकों ने कीमत कम करने को कहा था ताकि टैरिफ लागू होने पर माल की मांग बरकरार रहे। ऐसी स्थिति में मुनाफा को कम कर कीमतें तय की गईं, लेकिन अब 50 फीसदी टैरिफ लागू होने की घोषणा हुई है। हालांकि, इस संबंध में अभी निर्यातकों से कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Raksha Bandhan 2025: छह शुभ संयोग में मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानिए राखी बंधवाने का शुभ मुहूर्त
हालांकि, अगर 50 फीसदी टैरिफ प्रभावी हुआ तो नुकसान में कारोबार मुमकिन नहीं। ऐसी स्थिति में निर्यात बंद करना होगा। साथ ही, निर्यात के लिए दुनिया भर के दूसरे देशों में कारोबार बढ़ाना होगा। कारोबारियों ने केंद्र सरकार से अमेरिका की मनमानी पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
अब नुकसान नहीं करेंगे बर्दाश्त, तलाश रहे नया विकल्प
मेंथॉल कारोबारी एवं निर्यातक गौरव मित्तल के मुताबिक, 25 फीसदी टैरिफ लागू होने पर कीमतें कम करनी पड़ी, लेकिन अब 50 फीसदी पर समझौता नहीं होगा। अमेरिका में उत्पाद का निर्यात बंद करने की नौबत है इसलिए अन्य विकल्प तलाश रहे हैं। बताया कि अमेरिका में लैवेंडर उत्पाद की मांग है। इसलिए एरोमा मिशन के तहत जम्मू कश्मीर में लैवेंडर का कारोबार बढ़ा रहे थे, जो अब स्थगित करना पड़ सकता है।
एमएसएमई के लिए मौका, अन्य देशों को बनाएं बाजार
आईआईए चेयरमैन मयूर धीरवानी के मुताबिक, अमेरिका की ओर टैरिफ लागू होने पर अब देश के एमएसएमई और लघु उद्योग के लिए बेहतर मौका है। कारोबार को अमेरिका से हटाकर एशियाई देशों से संपर्क करना होगा। 50 फीसदी टैरिफ लागू होगा ये भविष्य के गर्त में है। पर इस विषम परिस्थिति में उद्यमियों को भविष्य के लिए तैयार होना होगा। आज अमेरिका, कल कोई और देश भी ऐसे फैसले ले सकता है।
मेंथॉल कारोबारी एवं निर्यातक गौरव मित्तल के मुताबिक, 25 फीसदी टैरिफ लागू होने पर कीमतें कम करनी पड़ी, लेकिन अब 50 फीसदी पर समझौता नहीं होगा। अमेरिका में उत्पाद का निर्यात बंद करने की नौबत है इसलिए अन्य विकल्प तलाश रहे हैं। बताया कि अमेरिका में लैवेंडर उत्पाद की मांग है। इसलिए एरोमा मिशन के तहत जम्मू कश्मीर में लैवेंडर का कारोबार बढ़ा रहे थे, जो अब स्थगित करना पड़ सकता है।
एमएसएमई के लिए मौका, अन्य देशों को बनाएं बाजार
आईआईए चेयरमैन मयूर धीरवानी के मुताबिक, अमेरिका की ओर टैरिफ लागू होने पर अब देश के एमएसएमई और लघु उद्योग के लिए बेहतर मौका है। कारोबार को अमेरिका से हटाकर एशियाई देशों से संपर्क करना होगा। 50 फीसदी टैरिफ लागू होगा ये भविष्य के गर्त में है। पर इस विषम परिस्थिति में उद्यमियों को भविष्य के लिए तैयार होना होगा। आज अमेरिका, कल कोई और देश भी ऐसे फैसले ले सकता है।