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त्रिशूल एयरबेस से सटकर बनीं दुकानें सील

Wed, 03 Feb 2016 01:05 AM IST
बरेली
बरेली Updated Wed, 03 Feb 2016 01:05 AM IST
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Trishul airbase became the nestle shops sealed
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण ने परतापुर चौधरी और कंजादासपुर के मोड़ पर बनी चार दुकानों को सील करके नोटिस चस्पा कर दिया है। नोटिस में लिखा है कि बार-बार निर्देश के बावजूद भवन का निर्माण नहीं रोका गया, इसलिए इन दुकानों का निर्माण सील कर दिया गया है। अब इसके ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी।
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पिछले माह त्रिशूल एयरबेस के प्रतिबंधित इलाकों में अवैध निर्माण की खबरें अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की गईं थीं। इन खबरों को कमिश्नर और डीएम ने गंभीरता से लिया और बीडीए की टीम को अवैध निर्माण का सर्वे करने के आदेश दिए थे। उसी दौरान बीडीए के इंजीनियरों की साठगांठ से बन रहीं चार दुकानों का भी खुलासा गया किया था। इस मामले में डीएम ने बीडीए के उपाध्यक्ष को जांच के आदेश दिए थे। इस मामले की जांच उप सचिव अजय सिंह ने की, जिसमें चार दुकानों के अवैध तरीके से बनने की पुष्टि की गई। उसी के आधार पर नोटिस भेजा गया। नोटिस तामील न होने पर बीडीए के अधिकारियों ने दुकानों को सील करने का आदेश चस्पा कर दिया। इस मामले में जेई को भी प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए जवाब तलब किया है। जिसमें एक सप्ताह के अंदर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
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इसी अभियान में बीडीए ने अब तक 650, तहसील ने नौ सौ तथा नगर निगम ने 200 अवैध निर्माण को सर्वे में शामिल किया है। प्रतिबंधित क्षेत्र के अवैध निर्माण का सर्वे अभी जारी है, जिसे 10 फरवरी तक पूरा करके  कमिश्नर को सौंप दिया जाएगा। उसी के बाद कमिश्नर अपने स्तर से इन अवैध निर्माण के बारे में फैसला करेंगे।
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त्रिशूल के आसपास प्रापर्टी बेचने की तैयारी में लोग
बरेली। त्रिशूल एयरबेस के आसपास के इलाकों में बीडीए, तहसील, नगर निगम और पुलिस की टीम के दौरे के कारण वहां के  बाशिंदों में घबराहट है। अधिकतर लोगों का कहना है कि मकान और प्लॉट खरीदते समय किसी ने नहीं बताया था कि यह प्रतिबंधित क्षेत्र है। उस समय तो बीडीए के इंजीनियरों की टीम आती रही और सुुविधा शुल्क लेकर बिना नक्शे के मकान बनवाती गई। पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद पता चला कि उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्र में मकान बनवा लिए हैं। ऐसे में कई दर्जन मकानों में रहने वालों ने तो घरों की दीवार पर ‘बिकाऊ है’ लिखा दिया है। कई गांवों के मकानों में तो बोर्ड लगा दिए हैं।
लोगों का कहना है कि प्रशासन को चाहिए था कि वह इस तरह का बोर्ड लगाता कि सेना का प्रतिबंधित क्षेत्र और इस इलाके में मकान या फिर दुकान आदि का बनाना अवैध है। ऐसा न होने पर अधिकतर लोग जमीन लेकर फंस गए हैं। यह स्थिति त्रिशूल एयरबेस के आसपास के गांव चामड़, चिलकोरा, कंजादासपुर, आलोक नगर, परतापुर चौधरी, गायत्री नगर, पीर बहोड़ा, बिहार कला आदि इलाकों की हैं। अब इन गांवों में रहने वालों ने कुछ दिनों के लिए भवनों का निर्माण रोक दिया है।


70 मकानों का सर्वे किया
 बीडीए की टीम ने मंगलवार को परतापुर चौधरी, गायत्री नगर, कंजादासपुर इलाकों में अवैध निर्माण का सर्वे किया। तीन टीमों ने 70 मकानों का सर्वे किया, अब तक 650 मकानों को अवैध माना है। अवैध मकानों का सर्वे पूरा करने में तीन दिन का समय और लगेगा। उसी के बाद रिपोर्ट तैयार करके कमिश्नर को भेज दी जाएगी। बाद में कमिश्नर के स्तर पर ही तय होगा कि इन अवैध मकानों के बारे में क्या होना है। तहसील की टीम ने भी अवैध निर्माण का सर्वे किया लेकिन नगर निगम की टीम सर्वे के लिए नहीं पहुंची।
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