फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Trident will fall around the illegal construction

त्रिशूल के चारो ओर गिरेंगे अवैध निर्माण

Fri, 15 Jan 2016 01:30 AM IST
बरेली
बरेली Updated Fri, 15 Jan 2016 01:30 AM IST
विज्ञापन
Trident will fall around the illegal construction
बरेली। वायु सेना मुख्यालय ने त्रिशूल के चारो ओर हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने के आदेश दिए तो प्रशासनिक, पुलिस और बीडीए के अफसरों की सांस अटक गई। यह मामला सेना मुख्यालय से मुख्य सचिव के स्तर पर पहुंचने के कारण इन अवैध कब्जों को हटाने के लिए मीटिंगों का दौर शुरू हो गया है। इससे पहले बीडीए और प्रशासनिक अधिकारी की मिलीभगत से अवैध निर्माण होते रहे।
विज्ञापन

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट इजाज की गिरफ्तारी और पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद वायु सेना मुख्यालय के अधिकारियों को त्रिशूल एयरपोर्ट की चिंता सताने लगी। पिछले माह उच्च स्तरीय टीम के दौरे के बाद बाउंड्रीवाल के आसपास अवैध निर्माण और कब्जों का मामला गरमा गया। मुख्यालय ने फिर से कड़ा पत्र लिखकर मुख्य सचिव और कमिश्नर से पूछ लिया कि यह अवैध कब्जे क्यों हो गए। इनको अब ध्वस्त करा दिया जाए।
विज्ञापन

 सेना मुख्यालय ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि त्रिशूल के आसपास 100 मीटर की परिधि में रिंग रोड वाले स्थान पर अवैध कब्जे नहीं होने चाहिए थे। इससे भी आगे 200 मीटर की परिधि में 25 फीट से ज्यादा ऊंची बिल्डिंगे कैसे बन गईं । यहां बने टावर और मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों से भी कम खतरा नहीं है। उसी के बाद अधिकारियों ने त्रिशूल की सुरक्षा का प्लान तैयार किया है। अब अमल करने में कब्जे करने वालों का विरोध झेलने के कारण बीडीए, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पसीने छूट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गुरुवार को भी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा को लेकर माथा पच्ची की। सेना के अधिकारियों ने कह दिया है कि उन्हें त्रिशूल की बाउंड्रीवाल के चारो ओर 100 मीटर तक खाली जमीन चाहिए, जिसके बीच में पेट्रोलिंग के लिए सड़क बनेगी। इस जगह में जो भी निर्माण हैं, वह ध्वस्त हो, इसके लिए तहसील और पुलिस प्रशासन की टीम चिह्नांकन करने के साथ-साथ इस प्रतिबंधित क्षेत्र में बने मकान मालिकों से जमीन का मालिकाना हक के प्रमाण लेगी। जिनके पास मालिकाना हक के प्रमाण नहीं होंगे, उन निर्माण को ध्वस्त करा दिया जाएगा। इसी के साथ-साथ 200 मीटर की परिधि में बनी बिल्डिंगें 25 फीट से अधिक होंगी उनको भी तोड़ने के निर्देश बीडीए के माध्यम से दिलाए जाएंगे।


बायोमैट्रिक सिस्टम से होगी त्रिशूल में एंट्री
बरेली। वायुसेना के त्रिशूल में जल्दी ही बायोमैट्रिक सिस्टम से लोगों की एंट्री होगी। इसके लिए  एयरपोर्ट की तरह के सुरक्षा उपकरण होंगे। जिनमें त्रिशूल के अंदर प्रवेश करने वाले व्यक्ति की स्केनिंग हो जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से वाच टावर बढ़ाने के साथ-साथ सीसी कैमरे लगाने का फैसला लिया है। इस बारे में सेना की ओर से प्रस्ताव भेज दिया गया है। बजट रिलीज होते ही यह सिस्टम लगा दिए जाएंगे।

22 गांवों में नए सिरे से बनेगा परिवार रजिस्टर
वायु सेना और यूबी एरिया के आसपास के 22 गांवों में रहने वाले लोगों के नए सिरे से परिवार रजिस्टर बनेंगे। इन गांवों का परिवार रजिस्टर कंप्यूटराइज्ड होगा, जिसका हर छह महीने में सत्यापन कराया जाएगा। इनमें 15 वायुसेना और सात यूबी एरिया क्षेत्र के गांव हैं। इसके लिए 20 जनवरी को वायुसेना और सेना के यूबी एरिया के अधिकारियों की पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक होगी।


बयान
‘यह मामला सेना और देश की सुरक्षा से जुड़ा है, इसीलिए तत्काल प्रभाव से अवैध निर्माण चिह्नांकित करने और उनका ध्वस्त कराने के लिए पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और सेना पुलिस की टीम बना दी गईं हैं, जिनको डीएम एवं एडीएम (सिटी) कोआर्डिनेट करेंगे।’ प्रमांशु कुमार, कमिश्नर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed