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Bareilly News: छह समूहों से तैयार कराए तिरंगे, 3.60 लाख का भुगतान रोका
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बीडीओ कार्यालय पहुंचीं समूह की महिलाएं। संवाद
बिशारतगंज। 15 अगस्त पर हर घर तिरंगा लहराने की योजना के तहत मझगवां ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में संचालित स्वयं सहायता समूहों से तिरंगा तैयार कराए गए थे, लेकिन इसका भुगतान आठ माह बाद भी नहीं किए जाने के कारण समूह संचालकों को घाटा उठाना पड़ रहा है।
सरकार एक तरफ स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ जिम्मेदार इन प्रयासों को पलीता लगा रहे हैं। जिले के अधिकारियों के निर्देश पर मझगवां ब्लॉक के गांव कुन्डरिया इकलासपुर, बलेई भगवंतपुर, जैतपुर शरीफपुर, अखा, महोलिया एवं अंतपुर गांव में संचालित समूह से तिरंगे तैयार कराए गए थे। किसी भी समूह को झंडे तैयार करने पर व्यय होने वाली राशि का कोई एडवांस नहीं दिया गया। समूह की महिलाओं ने अपनी जमा पूंजी से तो किसी ने लोन लेकर कड़ी मशक्कत कर समय से झंडा तैयार कर जिले पर भिजवा दिए।
गांव कुन्डरिया इकलासपुर के समूह खुशबू का 68 हजार, गांव बलेई भगवंतपुर के समूह श्रीगणेश का 40 हजार, गांव जैतपुर शरीफपुर के समूह श्री गणेश का 50 हजार, गांव अखा के समूह प्रकाश का 24 हजार, गांव महोलिया के समूह सांई का 94 हजार एवं गांव अंतपुर के समूह गंगा का 30 हजार व सभी छह समूहों का तीन लाख 60 हजार रुपये का बकाया है। नियमानुसार सभी समूहों को इसका भुगतान अगस्त माह के अंत तक प्राप्त हो जाना चाहिए था।
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आठ माह से चल रहा खेल, बैंकों को भरना पड़ रहा ब्याज
बृहस्पतिवार को भुगतान की मांग लेकर खंड विकास अधिकारी हरषेंद्र कुमार से मिलने ब्लॉक पहुंची समूह संचालिका पूनम चौहान, बबली, सरस्वती, कुंती, हीरा कली, अनीता देवी, पप्पू देवी, वंदना सिंह आदि ने बताया कि जब भी वह ब्लॉक पर आती हैं। जल्द भुगतान का आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। भुगतान न होने से कई समूह की महिलाओं में आपस में विवाद की स्थिति बन रही है। समूह सदस्य महिलाओं को निजी कार्यों के लिए रुपये की आवश्यकता पड़ती है। वह समूह से लेकर मय ब्याज वापस जमा करती हैं। अब लाभ के लिए किया गया काम घाटे का सौदा साबित हो रहा है। उल्टा बैंक को ब्याज भरना पड़ रहा है। संवाद
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अनगिनत बार जिले के अधिकारियों को भेजे गए पत्र
इस संबंध में एडीओ आईएसबी मदन पाल ने बताया वह इस संबंध में अनेक बार जिले के अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। जिले से जल्द भुगतान भेजने की बात कह दी जाती है।
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इसकी फाइल व रिपोर्ट मिशन निदेशक को भेजी गई है। वहां से प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद समूहों का भुगतान कराया जाएगा।
-योगेंद्र लाल भारती, उपायुक्त रोजगार, राष्ट्रीय आजीविका मिशन
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सरकार एक तरफ स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ जिम्मेदार इन प्रयासों को पलीता लगा रहे हैं। जिले के अधिकारियों के निर्देश पर मझगवां ब्लॉक के गांव कुन्डरिया इकलासपुर, बलेई भगवंतपुर, जैतपुर शरीफपुर, अखा, महोलिया एवं अंतपुर गांव में संचालित समूह से तिरंगे तैयार कराए गए थे। किसी भी समूह को झंडे तैयार करने पर व्यय होने वाली राशि का कोई एडवांस नहीं दिया गया। समूह की महिलाओं ने अपनी जमा पूंजी से तो किसी ने लोन लेकर कड़ी मशक्कत कर समय से झंडा तैयार कर जिले पर भिजवा दिए।
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गांव कुन्डरिया इकलासपुर के समूह खुशबू का 68 हजार, गांव बलेई भगवंतपुर के समूह श्रीगणेश का 40 हजार, गांव जैतपुर शरीफपुर के समूह श्री गणेश का 50 हजार, गांव अखा के समूह प्रकाश का 24 हजार, गांव महोलिया के समूह सांई का 94 हजार एवं गांव अंतपुर के समूह गंगा का 30 हजार व सभी छह समूहों का तीन लाख 60 हजार रुपये का बकाया है। नियमानुसार सभी समूहों को इसका भुगतान अगस्त माह के अंत तक प्राप्त हो जाना चाहिए था।
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आठ माह से चल रहा खेल, बैंकों को भरना पड़ रहा ब्याज
बृहस्पतिवार को भुगतान की मांग लेकर खंड विकास अधिकारी हरषेंद्र कुमार से मिलने ब्लॉक पहुंची समूह संचालिका पूनम चौहान, बबली, सरस्वती, कुंती, हीरा कली, अनीता देवी, पप्पू देवी, वंदना सिंह आदि ने बताया कि जब भी वह ब्लॉक पर आती हैं। जल्द भुगतान का आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। भुगतान न होने से कई समूह की महिलाओं में आपस में विवाद की स्थिति बन रही है। समूह सदस्य महिलाओं को निजी कार्यों के लिए रुपये की आवश्यकता पड़ती है। वह समूह से लेकर मय ब्याज वापस जमा करती हैं। अब लाभ के लिए किया गया काम घाटे का सौदा साबित हो रहा है। उल्टा बैंक को ब्याज भरना पड़ रहा है। संवाद
अनगिनत बार जिले के अधिकारियों को भेजे गए पत्र
इस संबंध में एडीओ आईएसबी मदन पाल ने बताया वह इस संबंध में अनेक बार जिले के अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। जिले से जल्द भुगतान भेजने की बात कह दी जाती है।
इसकी फाइल व रिपोर्ट मिशन निदेशक को भेजी गई है। वहां से प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद समूहों का भुगतान कराया जाएगा।
-योगेंद्र लाल भारती, उपायुक्त रोजगार, राष्ट्रीय आजीविका मिशन