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वनविभाग अब औषधीय पौधे लगाएगा
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बरेली। वन विभाग अगले साल से विभागीय पौधरोपण में इमारती लकड़ी के पौधों के बजाय पर्यावरण के लिए बेहतर माने जाने वाले पौधे लगाएगा। यह घोषणा मंगलवार को यहां कार्यभार संभालने के बाद नवागत मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा ने की।
उन्होंने कहा कि वन विभाग अब तक सॉल, शीशम, सागौन, यूकेलिप्टिस जैसे पौधे लगाने को तरजीह देता था लेकिन अगले साल इसमें बदलाव किया जाएगा। सड़क किनारे और वन विभाग की खाली जमीनों पर बेल, हर्र, बहेड़ आंवला, नीम आदि पौधे लगाए जाएंगे। विभाग की नर्सरी में जैविक खाद का इस्तेमाल कर इनकी पौध तैयार कराई जाएगी। ललित वर्मा ने बताया कि पीलीभीत के जंगल से निकलकर अमरिया के कृषि इलाकों में ठिकाना बनाए बाघों को जल्द जंगल में शिफ्ट करने के लिए प्लान बनाया जाएगा। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में स्टाफ और संसाधनों की कमी भी पूरी की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि वन विभाग अब तक सॉल, शीशम, सागौन, यूकेलिप्टिस जैसे पौधे लगाने को तरजीह देता था लेकिन अगले साल इसमें बदलाव किया जाएगा। सड़क किनारे और वन विभाग की खाली जमीनों पर बेल, हर्र, बहेड़ आंवला, नीम आदि पौधे लगाए जाएंगे। विभाग की नर्सरी में जैविक खाद का इस्तेमाल कर इनकी पौध तैयार कराई जाएगी। ललित वर्मा ने बताया कि पीलीभीत के जंगल से निकलकर अमरिया के कृषि इलाकों में ठिकाना बनाए बाघों को जल्द जंगल में शिफ्ट करने के लिए प्लान बनाया जाएगा। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में स्टाफ और संसाधनों की कमी भी पूरी की जाएगी।
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