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Bareilly News: चुरई दलपतपुर गोशाला में बीमार गायों का इलाज चालू
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मीरगंज। चुरई दलपतपुर में डेढ़ करोड़ की लागत से बनी गोशाला में इस समय चार गाय गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, जिनका इलाज जारी है। शनिवार रात वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें गोशाला में अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं।
केयर टेकर शेर सिंह, धर्मपाल, रविंद्र एवं विष्णु ने बताया कि शनिवार रात गांव के दर्जनों लोग आए थे। उन्होंने रात में ही गोशाला में घुसकर गोवंशों की वीडियो बनाकर वायरल कर धमकाया था। उन्होंने बताया कि गोशाला की चहारदीवारी नहीं होने से रात में सांड़ तार के खंभे उखाड़कर बाहर निकलकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे ग्रामीण नाराज होकर अभद्रता करते हैं। इसलिए जब तक चहारदीवारी नहीं बन जाते, तब तक यह समस्या जारी रहेगी। इस समय गोशाला में 250 गोवंश हैं।
पशुओं को भरपेट नहीं मिलता चारा
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि गोवंशों को भरपेट चारा नहीं मिलता है। इस कारण वह गोशाला से निकलकर पड़ोस के खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाती है। उन्हें गोशाला होने के बावजूद पूरी रात खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इधर, गोशाला परिसर में ही गायों को दफनाने के गड्ढे मिले। अभी दो दिन पूर्व भी किसी गोवंश को दफनाया गया है।
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वर्जन
बीमार गाय कपूरपुर गोशाला से बीमारी की हालत में आई हैं। उनका तभी से इलाज चल रहा है। सारी व्यवस्थाएं ठीक हैं।
- कुलदीप सिंह, बीडीओ मीरगंज
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केयर टेकर शेर सिंह, धर्मपाल, रविंद्र एवं विष्णु ने बताया कि शनिवार रात गांव के दर्जनों लोग आए थे। उन्होंने रात में ही गोशाला में घुसकर गोवंशों की वीडियो बनाकर वायरल कर धमकाया था। उन्होंने बताया कि गोशाला की चहारदीवारी नहीं होने से रात में सांड़ तार के खंभे उखाड़कर बाहर निकलकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे ग्रामीण नाराज होकर अभद्रता करते हैं। इसलिए जब तक चहारदीवारी नहीं बन जाते, तब तक यह समस्या जारी रहेगी। इस समय गोशाला में 250 गोवंश हैं।
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पशुओं को भरपेट नहीं मिलता चारा
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि गोवंशों को भरपेट चारा नहीं मिलता है। इस कारण वह गोशाला से निकलकर पड़ोस के खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाती है। उन्हें गोशाला होने के बावजूद पूरी रात खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इधर, गोशाला परिसर में ही गायों को दफनाने के गड्ढे मिले। अभी दो दिन पूर्व भी किसी गोवंश को दफनाया गया है।
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बीमार गाय कपूरपुर गोशाला से बीमारी की हालत में आई हैं। उनका तभी से इलाज चल रहा है। सारी व्यवस्थाएं ठीक हैं।
- कुलदीप सिंह, बीडीओ मीरगंज