{"_id":"5dcc6b4e8ebc3e5b5066c1d3","slug":"train-bareilly-news-bly3838739145","type":"story","status":"publish","title_hn":"डुप्लीकेट पंजाब मेल की चपेट में आईं गायें, पांच की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डुप्लीकेट पंजाब मेल की चपेट में आईं गायें, पांच की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। चंदौसी-शाहजहांपुर रूट पर महेशपुरा में बुधवार की सुबह गायों का एक झुंड डुप्लीकेट पंजाब मेल की चपेट में आ गया। हादसे में पांच गायों की मौत हो गई। दो घायल गायों का चौबारी स्थित शेल्टर होम में इलाज किया गया।
बुधवार तड़के अमृतसर-हावड़ा डुप्लीकेट चंदौसी होते हुए शाहजहांपुर की ओर जा रही थी। महेशपुरा के आसपास गायों का झुंड रेलवे क्रासिंग से गुजरती ट्रेन से टकरा गया। स्पीड अधिक होने के कारण ड्राइवर ने ट्रेन नहीं रोकी, जिससे इंजन गायों को काटता हुए चला गया। करीब दो किलोमीटर आगे चलकर ड्राइवर ने रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद को गायों के कटने की सूचना दी। गायों को कटा देखकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर पीएफए के रुहेलखंड प्रभारी धीरज पाठक मौके पर पहुंचे और दो जख्मी गायों को तांगे पर डालकर चौबारी स्थित शेल्टर होम ले आए। पशु चिकित्सा अधिकारी को शेल्टर होम बुलाकर इलाज कराया गया। उन्होंने बताया कि रामगंगा से मीरानपुर तक हजारों गाए हैं, जो अक्सर पटरियों पर आ जाती हैं। कुछ लोगों कहना था कि आसपास के लोगों ने ही गायों के झुंड को ट्रैक की तरफ हांक दिया था। जिससे वह खेतों की तरफ नहीं न जाकर पटरियों पर चलीं आईं।
विज्ञापन
बुधवार तड़के अमृतसर-हावड़ा डुप्लीकेट चंदौसी होते हुए शाहजहांपुर की ओर जा रही थी। महेशपुरा के आसपास गायों का झुंड रेलवे क्रासिंग से गुजरती ट्रेन से टकरा गया। स्पीड अधिक होने के कारण ड्राइवर ने ट्रेन नहीं रोकी, जिससे इंजन गायों को काटता हुए चला गया। करीब दो किलोमीटर आगे चलकर ड्राइवर ने रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद को गायों के कटने की सूचना दी। गायों को कटा देखकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर पीएफए के रुहेलखंड प्रभारी धीरज पाठक मौके पर पहुंचे और दो जख्मी गायों को तांगे पर डालकर चौबारी स्थित शेल्टर होम ले आए। पशु चिकित्सा अधिकारी को शेल्टर होम बुलाकर इलाज कराया गया। उन्होंने बताया कि रामगंगा से मीरानपुर तक हजारों गाए हैं, जो अक्सर पटरियों पर आ जाती हैं। कुछ लोगों कहना था कि आसपास के लोगों ने ही गायों के झुंड को ट्रैक की तरफ हांक दिया था। जिससे वह खेतों की तरफ नहीं न जाकर पटरियों पर चलीं आईं।
विज्ञापन