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Bareilly News: जीएसटी फैसले से असमंजस में बकाया भुगतान कर चुके व्यापारी

Mon, 24 Jun 2024 06:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2024 06:01 AM IST
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Traders who have paid dues are confused by GST decision
बरेली। जीएसटी के पुराने बकाये पर थमाए जा रहे नोटिस पर कौंसिल के फैसले से सैकड़ों व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। पर वे व्यापारी जिन्होंने बकाया भुगतान जमा कर दिया, उन्हें रिफंड मिलेगा या नहीं इससे असमंजस में हैं।
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बीते वर्ष जीएसटी मुख्यालय ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए वर्ष 2017, 2018, 2019, 2020 में पंजीकृत रहे व्यापारी जिन्होंने जीएसटी भुगतान में किन्हीं वजहों से पूरा कर जमा नहीं किया, उन्हें नोटिस जारी किए थे। इसको लेकर देश भर में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। सार्वजनिक मंच से भी नोटिस को खारिज किए जाने की मांग सरकार से हुई। बरेली के भी करीब तीन हजार व्यापारियों को नोटिस जारी हुआ था। जिन्होंने विभाग पर सवालिया निशान लगाया तो अफसरों ने सीधे मुख्यालय से एआई नोटिस जारी होने की बात कही, पर राहत नहीं मिली थी।
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शनिवार को जीएसटी कौंसिल की बैठक में 2017-18, 2018-19, 2019-20 के बकाएदारों को पेनाल्टी से मुक्त करने पर सहमति बनी। बरेली के कई व्यापारियों ने राहत की सांस ली, पर जिन्होंने पेनल्टी के साथ संबंधित कर जमा कर दिया, उन्हें राहत मिलेगी या नहीं, यह सवाल उठा है।
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फैसलों का स्वागत, व्यापारियों को मिलेगी राहत
चार्टर्ड एकाउंटेंट मोहित टंडन के मुताबिक कौंसिल ने कई अहम निर्णय लिए। एक जुलाई 2017 को जीएसटी प्रभावी हुआ। तत्कालीन परिस्थिति में जीएसटी जमा करने की तकनीकी पहलू से तमाम व्यापारी अनभिज्ञ थे। दो या पांच सौ रुपए कम जमा होने पर अब उन्हें चक्रवृद्धि ब्याज के तहत पेनल्टी का नोटिस जारी हो रहा था। जो सही नहीं था। सरकार ने अब इस पर व्यापारियों को राहत दी है।

बायोमीट्रिक से थमेगा फर्जी आईटीसी क्लेम
मोहित के मुताबिक आईटीसी क्लेम आधार के जरिए बायोमीट्रिक होने से फर्जी क्लेम पर प्रभावी अंकुश लगेगा। बता दें कि बीते दिनों बरेली में जीएसटी छापा में कई कारोबारियों द्वारा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम के जरिए टैक्स भुगतान से बचा जा रहा था। जांच में तथ्य सामने आने पर कारोबारियों ने गलती स्वीकार कर जीएसटी भुगतान किया था। बताया कि अन्य निर्णय भी सराहनीय हैं। ब्यूरो

- पुराने बकाया पर जारी हो रहे नोटिस पर लग रहे ब्याज और जुर्माना को माफ करने का फैसले स्वागत योग्य है। अपील संबंधी प्रकरण में अभी पूरी तरह राहत नहीं मिली है। फिर सरकार को ज्ञापन भेजेंगे। - राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय महामंत्री, उप्र उद्योग व्यापार मंडल

- जीएसटी कौंसिल में दूध की पैकिंग सामग्री पर जीएसटी दर निर्धारित होने, प्लेटफार्म टिकट पर जीएसटी खत्म करने समेत व्यापारियों को जारी होने से बकाया नोटिस का फैसला सराहनीय है। - संजीव चांदना, प्रांतीय महामंत्री, उप्र इलेक्ट्रिकल कांट्रैक्टर मर्चेंट वेलफेयर एसोसिएशन
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