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Bareilly News: प्रताड़ना से परेशान बंदी ने जेल में निगला ब्लेड, हालत गंभीर
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बरेली। सेंट्रल जेल टू में प्रताड़ना से परेशान एक बंदी ने ब्लेड निगल लिया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में उसे मेरठ रेफर कर दिया गया है। उसने जेल प्रशासन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन मिश्रा ने आरोपों को निराधार बताया है।
आंवला थाने के मोहल्ला बजरिया निवासी सिकंदर बारादरी थाना क्षेत्र के एजाजनगर गौंटिया में किराये के मकान में रहता था। दो माह पहले पुलिस ने उसे तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सिकंदर का छोटा भाई सूरज पहले से जेल में बंद था। दोनों भाइयों के बैरक अलग-अलग थे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक का कहना है कि सिकंदर कई दिन से गुहार लगा रहा था कि उसे व उसके भाई को एक ही बैरक में कर दिया जाए। नियमों का हवाला देकर उसकी मांग को ठुकरा दिया गया।
इस कारण उसने भाई के बैरक में शिफ्ट होने के लिए यह ड्रामा किया है। इधर, सिकंदर का आरोप है कि जेल में उसको प्रताड़ित किया जा रहा था। इससे परेशान होकर शुक्रवार की रात उसने ब्लेड निगल कर आत्महत्या करने की कोशिश की। संवाद
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सुरक्षा पर सवाल, जेल में कैसे पहुंचा ब्लेड
ताजा मामले के बाद जेल की सुरक्षा पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि हाई सिक्योरिटी जेल परिसर में ब्लेड कैसे पहुंच गया। ऐसे में तो बंदी और कैदी जेल में किसी पर भी हमला कर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी जेल में पूर्वांचल के माफिया अतीक का भाई अशरफ भी बंद रहा था। प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश सेंट्रल जेल में ही रची गई थी। खुलासा होने पर जेल प्रशासन के कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी।
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आंवला थाने के मोहल्ला बजरिया निवासी सिकंदर बारादरी थाना क्षेत्र के एजाजनगर गौंटिया में किराये के मकान में रहता था। दो माह पहले पुलिस ने उसे तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सिकंदर का छोटा भाई सूरज पहले से जेल में बंद था। दोनों भाइयों के बैरक अलग-अलग थे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक का कहना है कि सिकंदर कई दिन से गुहार लगा रहा था कि उसे व उसके भाई को एक ही बैरक में कर दिया जाए। नियमों का हवाला देकर उसकी मांग को ठुकरा दिया गया।
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इस कारण उसने भाई के बैरक में शिफ्ट होने के लिए यह ड्रामा किया है। इधर, सिकंदर का आरोप है कि जेल में उसको प्रताड़ित किया जा रहा था। इससे परेशान होकर शुक्रवार की रात उसने ब्लेड निगल कर आत्महत्या करने की कोशिश की। संवाद
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सुरक्षा पर सवाल, जेल में कैसे पहुंचा ब्लेड
ताजा मामले के बाद जेल की सुरक्षा पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि हाई सिक्योरिटी जेल परिसर में ब्लेड कैसे पहुंच गया। ऐसे में तो बंदी और कैदी जेल में किसी पर भी हमला कर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी जेल में पूर्वांचल के माफिया अतीक का भाई अशरफ भी बंद रहा था। प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश सेंट्रल जेल में ही रची गई थी। खुलासा होने पर जेल प्रशासन के कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी।