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Bareilly News: एनक्वॉस में अव्वल, हकीकत में इलाज के लिए धक्के खा रहे मरीज

Thu, 04 Jun 2026 12:18 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 04 Jun 2026 12:18 AM IST
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Top in ENQOS, in reality patients are struggling for treatment
बरेली। जिला अस्पताल ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए 92.33 फीसदी अंकों के साथ एनक्वॉस (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) प्रमाणपत्र तो हासिल कर लिया है, लेकिन हकीकत इसके ठीक विपरीत है। अस्पताल प्रबंधन शासन से मिलने वाले बजट से व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने का दावा कर रहा है, जबकि ओपीडी और आईपीडी में पहुंचने वाले मरीज इलाज के नाम पर धक्के खा रहे हैं। एनक्वॉस टीम के निरीक्षण के दौरान भी अमर उजाला ने अव्यवस्थाओं को उजागर किया था।
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शासन की व्यवस्था के अनुसार हर साल सरकारी अस्पतालों का पहले आंतरिक और फिर वाह्य मूल्यांकन किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ टीम अस्पताल के विभिन्न विभागों, वार्डों, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर और आपातकालीन सेवाओं का निरीक्षण करती है। मई में एनक्वॉस की केंद्रीय टीम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था, जिसके बाद यह सर्टिफिकेट जारी किया गया।
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326 बेड वाले इस अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1500 से अधिक मरीज आते हैं। सोमवार को यह संख्या दो हजार के पार निकल जाती है। डॉक्टरों की कमी के चलते घंटों मरीजों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। ओपीडी, दवा काउंटर और फार्मेसी समेत अन्य विभागों में भी कतार लगती है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और बदहाल सफाई व्यवस्था से आम जनता रोजाना जूझ रही है। ऐसे में इस शानदार परिणाम ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अस्पताल को यह अंक किस आधार पर दिए गए?
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जर्जर हो रही इमारत, कई बीमारियाें के नहीं हैं डॉक्टर
जिला अस्पताल का मुख्य भवन करीब 75 वर्ष पुराना है। यहां बच्चा, सर्जिकल व टीबी समेत अन्य वार्डों की हालत जर्जर है। बीते साल यहां पर हादसे भी हो चुके हैं। इमरजेंसी में ठेले पर पहुंचे एक गंभीर मरीज को आधे घंटे तक प्राथमिक उपचार तक नसीब नहीं हुआ था। अस्पताल में वर्षों से गुर्दा, लिवर, हृदय, जैसी गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। इस कारण गंभीर मरीजों को फौरन हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। इन तमाम अव्यस्थाओं के बीच एनक्वॉस के मानकों पर अस्पताल का खरा उतरना जनचर्चा और विवाद का विषय बन गया है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि शासन से आई एनक्वॉस की टीम के निरीक्षण के आधार पर अंक मिले हैं।
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