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Bareilly News: सत्र नियमित करने के लिए प्रवेश के एक माह बाद ही परीक्षा, पढ़ाई का समय न मिलने से विद्यार्थी परेशान
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से परास्नातक में प्रवेश के करीब एक माह बाद ही मुख्य परीक्षाएं कराने का विद्यार्थियों ने विरोध किया है। उन्होंने सत्र नियमित करने के लिए पाठ्यक्रम की पूरी पढ़ाई न कराने पर नाराजगी जताई। विश्वविद्यालय पर भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
विवि की ओर से परास्नातक पहले व तीसरे सेमेस्टर की मुख्य व बैक परीक्षा 16 से 28 नवंबर तक कराने की सारिणी जारी की गई है। इसको लेकर विद्यार्थियों ने कहा कि एक सेमेस्टर में पढ़ाई के लिए 90 दिनों का समय देना चाहिए। विवि की ओर से प्रवेश और परीक्षा के बीच पढ़ाई का पर्याप्त समय नहीं देने से मानसिक दबाव बना हुआ है।
सछास जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा ने कहा कि विवि ने सात अक्तूबर तक परास्नातक तीसरे सेमेस्टर का परिणाम जारी किया है। प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को भी एक माह तक का समय पढ़ाई के लिए नहीं दिया गया। सत्र नियमित करने की उपलब्धि से अधिक महत्वपूर्ण विद्यार्थियों का भविष्य है।
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22 सितंबर तक प्रवेश, सात नवंबर से परीक्षा
विवि की ओर से बीकॉम, बीसीए, बीएससी, एमए ड्राइंग-पेंटिंग, रक्षा अध्ययन, गणित, संगीत, दर्शनशास्त्र, उर्दू, सांख्यिकी, संस्कृत, मनोविज्ञान आदि पाठ्यक्रमों में 22 सितंबर तक प्रवेश पंजीकरण कराया गया। इसके बाद कॉलेज ने प्रवेश किए। अब स्नातक पहले, तीसरे व पांचवे सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा 8 नवंबर से व परास्नातक पहले व तीसरे सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा 16 नवंबर से कराने का निर्णय लिया है।
विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए। प्रवेश और परीक्षा कराने की प्रणाली से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अब तक कई विद्यार्थी परास्नातक की फीस जमा कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षाएं कराना उचित नहीं है। - प्रो. वीपी सिंह, सचिव, बरेली कॉलेज शिक्षक संघ
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एनईपी के तहत विवि मात्र प्रवेश कराने और परीक्षा कराने पर ही ध्यान केंद्रित किए है। एनईपी के चार वर्ष पूरी होने के बाद भी सत्र पटरी पर नहीं आ सका है, जिसकी कीमत विद्यार्थियों को चुकानी पड़ रही है। - आनंद कठेरिया, महानगर मंत्री, एबीवीपी
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विवि को छात्रहित को ध्यान में रखते हुए परीक्षा और प्रवेश में समय देना चाहिए। इससे हम सभी को पढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेेगा। प्रवेश प्रक्रिया जारी है ऐसे में एक माह के अंतर परीक्षाएं कराना ठीक नहीं है। - लकी शर्मा, छात्र, बरेली कॉलेज
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स्नातक और परास्नातक प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए 90 दिनों का समय दिया गया। वहीं, जिन विषयों में अब तक पाठ्यक्रम अपूर्ण है, उनकी अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के निर्देश कॉलेजों को दिए गए हैं। प्रवेश से पूर्व भी सत्र नियमित करने संबंधी निर्देश कॉलेजों को दिए थे। - डॉ. अमित सिंह, प्रभारी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय मीडिया सेल
संवाद
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विवि की ओर से परास्नातक पहले व तीसरे सेमेस्टर की मुख्य व बैक परीक्षा 16 से 28 नवंबर तक कराने की सारिणी जारी की गई है। इसको लेकर विद्यार्थियों ने कहा कि एक सेमेस्टर में पढ़ाई के लिए 90 दिनों का समय देना चाहिए। विवि की ओर से प्रवेश और परीक्षा के बीच पढ़ाई का पर्याप्त समय नहीं देने से मानसिक दबाव बना हुआ है।
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सछास जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा ने कहा कि विवि ने सात अक्तूबर तक परास्नातक तीसरे सेमेस्टर का परिणाम जारी किया है। प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को भी एक माह तक का समय पढ़ाई के लिए नहीं दिया गया। सत्र नियमित करने की उपलब्धि से अधिक महत्वपूर्ण विद्यार्थियों का भविष्य है।
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22 सितंबर तक प्रवेश, सात नवंबर से परीक्षा
विवि की ओर से बीकॉम, बीसीए, बीएससी, एमए ड्राइंग-पेंटिंग, रक्षा अध्ययन, गणित, संगीत, दर्शनशास्त्र, उर्दू, सांख्यिकी, संस्कृत, मनोविज्ञान आदि पाठ्यक्रमों में 22 सितंबर तक प्रवेश पंजीकरण कराया गया। इसके बाद कॉलेज ने प्रवेश किए। अब स्नातक पहले, तीसरे व पांचवे सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा 8 नवंबर से व परास्नातक पहले व तीसरे सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा 16 नवंबर से कराने का निर्णय लिया है।
विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए। प्रवेश और परीक्षा कराने की प्रणाली से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अब तक कई विद्यार्थी परास्नातक की फीस जमा कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षाएं कराना उचित नहीं है। - प्रो. वीपी सिंह, सचिव, बरेली कॉलेज शिक्षक संघ
एनईपी के तहत विवि मात्र प्रवेश कराने और परीक्षा कराने पर ही ध्यान केंद्रित किए है। एनईपी के चार वर्ष पूरी होने के बाद भी सत्र पटरी पर नहीं आ सका है, जिसकी कीमत विद्यार्थियों को चुकानी पड़ रही है। - आनंद कठेरिया, महानगर मंत्री, एबीवीपी
विवि को छात्रहित को ध्यान में रखते हुए परीक्षा और प्रवेश में समय देना चाहिए। इससे हम सभी को पढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेेगा। प्रवेश प्रक्रिया जारी है ऐसे में एक माह के अंतर परीक्षाएं कराना ठीक नहीं है। - लकी शर्मा, छात्र, बरेली कॉलेज
स्नातक और परास्नातक प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए 90 दिनों का समय दिया गया। वहीं, जिन विषयों में अब तक पाठ्यक्रम अपूर्ण है, उनकी अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के निर्देश कॉलेजों को दिए गए हैं। प्रवेश से पूर्व भी सत्र नियमित करने संबंधी निर्देश कॉलेजों को दिए थे। - डॉ. अमित सिंह, प्रभारी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय मीडिया सेल
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