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यूपी: खेत पर गए किसान को बाघ ने बनाया निवाला, रविवार से था गायब, जंगल में सिर और टांग मिली
Tue, 06 Oct 2020 07:07 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 06 Oct 2020 07:07 PM IST
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मौके पर जांच करने पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही थाना क्षेत्र के गांव दलराजपुर में रविवार को खेत पर गए किसान को बाघ ने निवाला बना लिया। मंगलवार को उसका अधखाया सिर व टांग जंगल से बरामद हुई। घटना की जानकारी पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघ के हमले की पुष्टि की है।
पुलिस ने किसान के मिले अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दलराजपुर निवासी ज्ञान सिंह(60) रविवार शाम करीब पांच बजे मझरा पूरब जंगल से सटे हुए गन्ने के खेत को देखने के लिए गए थे। देर शाम जब वह वापस घर नहीं लौटे तब उनके बेटे गुरमीत सिंह सहित परिजन खोजबीन में जुट गए, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
मंगलवार को परिवार वाले और गांव के अन्य लोग उनकी खोजबीन करते हुए जंगल पहुंचे। खेत से कुछ दूरी पर जंगल के अंदर ज्ञान सिंह की खोपड़ी और एक पैर झाड़ी में पडा मिला। घना जंगल होने के कारण ग्रामीण शव के अन्य अवशेष बरामद करने से घबरा गए।
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परिजनों की सूचना पर बेलरायां रेंजर दिनेश बडोला, फॉरेस्ट गार्ड हरीलाल, सुरेंद्र सिंह, जगमोहन मिश्रा मौके पर पहुंचे और आसपास खोजा लेकिन शरीर का अन्य हिस्सा बरामद नहीं हुआ। उन्होंने जंगल में बाघ होने की पुष्टि की।
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पुलिस ने किसान के मिले अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दलराजपुर निवासी ज्ञान सिंह(60) रविवार शाम करीब पांच बजे मझरा पूरब जंगल से सटे हुए गन्ने के खेत को देखने के लिए गए थे। देर शाम जब वह वापस घर नहीं लौटे तब उनके बेटे गुरमीत सिंह सहित परिजन खोजबीन में जुट गए, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
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मंगलवार को परिवार वाले और गांव के अन्य लोग उनकी खोजबीन करते हुए जंगल पहुंचे। खेत से कुछ दूरी पर जंगल के अंदर ज्ञान सिंह की खोपड़ी और एक पैर झाड़ी में पडा मिला। घना जंगल होने के कारण ग्रामीण शव के अन्य अवशेष बरामद करने से घबरा गए।
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परिजनों की सूचना पर बेलरायां रेंजर दिनेश बडोला, फॉरेस्ट गार्ड हरीलाल, सुरेंद्र सिंह, जगमोहन मिश्रा मौके पर पहुंचे और आसपास खोजा लेकिन शरीर का अन्य हिस्सा बरामद नहीं हुआ। उन्होंने जंगल में बाघ होने की पुष्टि की।
रेंजर दिनेश बडोला ने बताया कि जंगल में पदचिन्ह और उसके हमले से बाघ ही लग रहे है। अनुमान है कि ज्ञान सिंह के धड़ को बाघ खा गया है। उन्होंने परिवार वालों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है। मौके पर पहुंचे सिंगाही एसओ प्रदीप सिंह ने अधखाया हिस्सा कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।