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डीएम के तीन आदेश कोतवाल ने रद्दी में फेंक दिए
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 04 Oct 2016 01:09 AM IST
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डीएम के निर्देश के बावजूद कोतवाल ने भ्रष्टाचार के आरोपियों पर मुकदमा दर्ज नहीं कराया। इस पर डीएम ने कोतवाल को जमकर फटकार लगाई और तब मुकदमा लिखा गया। इससे पहले डीएम ने कोतवाली प्रभारी से कहा कि शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो डीजीपी को लिख देंगे। एनआरएचएम में संविदा कर्मी रहे सचिन ने सर्विस प्रोवाइडर कंपनी पर रिश्वत न देने पर संविदा समाप्त करने का आरोप लगाया था। इसी शिकायत पर डीएम ने नौ सितंबर को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश कोतवाली पुलिस को दिए थे। पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी तो सचिन दुबारा 22 सितंबर और तीसरी बार 26 सितंबर को डीएम से मिले। इसके बावजूद रिपोर्ट न लिखे जाने पर डीएम ने सोमवार को कोतवाल केके वर्मा को तलब कर लिया। उस समय कोतवाल डीएम को बताने लगे कि भ्रष्टाचार का आरोप है, इसलिए पहले इस मामले की जांच करा ली जाए। इस पर डीएम ने कोतवाल को जमकर फटकार लगाई। कहा- करप्शन देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। समझाओ नहीं, ड्यूटी करो, अपने दायित्व को समझो। खुद जज मत बनो।
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