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Bareilly News: पॉक्सो एक्ट के दोषी को तीन साल की कैद, 10 हजार रुपये जुर्माना
Sat, 09 May 2026 01:41 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 09 May 2026 01:41 AM IST
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स्पेशल जज (कोर्ट संख्या-तीन) ने पॉक्सो एक्ट के दोषी अलीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के निवासी वीर सिंह को शुक्रवार को तीन साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को 15 दिन अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
अलीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि परिचित वीर सिंह 31 जुलाई 2019 की रात एक बजे किसी तरह से उसके घर में घुस आया और उसकी 13 साल की बेटी को बदनीयत से दबोच लिया। बेटी के साथ गलत काम करने की कोशिश की। उसके शोर मचाने पर परिवार के लोग जागे तो आरोपी मौके से भाग गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। पीड़िता अपने बयानों पर कायम रही। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने वीर सिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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पॉक्सो एक्ट में दूसरी बार भी पुलिस की अंतिम रिपोर्ट निरस्त
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने नौ साल की बच्ची के साथ गंदी हरकत करने के मामले में पुलिस की अंतिम रिपोर्ट (एफआर) बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। अब कोर्ट ने विवेचना पर भी सवाल उठाए हैं। विवेचना के दौरान काटे गए पर्चों को लेकर कहा है कि जांच की दिशा कई बार बदली गई।
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प्रेमनगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले के व्यक्ति ने तीन अक्तूबर 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नौ साल की बेटी के साथ सुनील खत्री ने गंदी हरकत की। पीड़िता ने अपने बयानों में आरोप का समर्थन किया। प्रारंभिक जांच में विवेचक ने आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट मांगा, लेकिन बाद में आरोपी के प्रभाव में जांच प्रेमनगर थाने से हटाकर इज्जतनगर थाने को दे दी गई। विवेचना के दौरान आरोपी को बचाने की कोशिश की गई। इसके लिए फर्जी साक्ष्य जुटाए गए और आंतिम रिपोर्ट दे दी गई।
कोर्ट ने दोबारा जांच का आदेश दिया और पुलिस ने आरोपी को बचाने के लिए फिर अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। पीड़ित पक्ष की ओर से प्रोटेस्ट किया गया और कोर्ट ने सुनवाई के बाद अंतिम रिपोर्ट को फिर से निरस्त कर दिया। संवाद
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फर्जी रिपोर्ट-झूठी गवाही, एससी-एसटी एक्ट के आरोपी चार भाई दोषमुक्त
स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अभय श्रीवास्तव ने घर में घुसकर हमला करने और एससी-एसटी एक्ट के आरोपी सगे भाई भुता थाना क्षेत्र के गांव अहिरौला निवासी रूपलाल, श्याम बिहारी, प्रेमी और पिंकू को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। कोर्ट ने झूठी गवाही देने और फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले जयपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
भुता थाना क्षेत्र के गांव अहिरोला निवासी जयपाल ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया था कि उसकी पत्नी गांव की प्रधान है। 16 दिसंबर 2021 की रात रूपलाल, श्याम बिहारी, प्रेमी और पिंकू नशे की हालत में उसके घर में घुस आए। सभी के पास अवैध हथियार थे। हमलावरों ने उसके पूरे परिवार को पीटकर घायल कर दिया। जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। गांव के लोगों ने उनको बचाया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। तीन गवाहों ने रूपलाल, श्याम बिहारी, प्रेमी और पिंकू की घटना में संलिप्तता से इन्कार कर दिया। प्रतिपरीक्षा में जयपाल भी बयानों से मुकर गया। उसने बताया कि गांव के कुछ लोगों के कहने पर उसने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों का दोषमुक्त करार देते हुए जयपाल के खिलाफ मामला दर्ज करने आदेश दिया है।
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पेशबंदी का निकला मामला, एससी-एसटी एक्ट व छेड़खानी के दो आरोपी बरी
स्पेशल जज हेमेंद्र कुमार सिंह ने पॉक्सो, एससी-एसटी एक्ट और चोट पहुंचाने के मामले में आरोपी भुता थाना क्षेत्र के गांव कुआंडांडा निवासी चंद्रपाल सिंह उर्फ लालू और पंडित विनोद उर्फ प्रमोद को बुधवार को बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि मामला पेशबंदी का है। पहले चंद्रपाल ने विपक्षियों पर पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालिया मामले का वादी पुराने मामले में जेल भी गया था।
कुआंडांडा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने कोर्ट के आदेश पर गांव के ही चंद्रपाल और विनोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि 30 अप्रैल 2019 को उसकी 16 साल की बेटी घर में अकेली थी। इस दौरान चंद्रपाल और विनोद ने उसके घर में घुसकर बेटी के साथ छेड़खानी की और कपड़े फाड़ दिए। उसको चोट पहुंचाई और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से स्वतंत्र गवाह पेश नहीं किए गए।
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामला पेशबंदी का है। चंद्रपाल की ओर से दर्ज कराए गए पॉक्सो एक्ट के एक मामले में किशोरी का पिता आरोपी है। जिस तारीख को घर में घुसकर छेड़खानी आरोप है, उस दिन किशोरी अपने घर नहीं, बल्कि पीलीभीत के एक गांव में अपने मामा के घर थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने चंद्रपाल और विनोद को बरी कर दिया।
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स्मैक तस्कर को पांच वर्ष का कठोर कारावास
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार की अदालत ने स्मैक तस्करी के मामले में बरेली निवासी रजा हुसैन को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे पांच वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को पांच माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 28 अप्रैल 2019 को पुलिस ने हल्द्वानी में रजा हुसैन को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 104.64 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि बरामद स्मैक की मात्रा अधिक थी और आरोपी इसे बेचने के उद्देश्य से रखे हुए था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद रजा हुसैन को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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अलीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि परिचित वीर सिंह 31 जुलाई 2019 की रात एक बजे किसी तरह से उसके घर में घुस आया और उसकी 13 साल की बेटी को बदनीयत से दबोच लिया। बेटी के साथ गलत काम करने की कोशिश की। उसके शोर मचाने पर परिवार के लोग जागे तो आरोपी मौके से भाग गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। पीड़िता अपने बयानों पर कायम रही। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने वीर सिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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पॉक्सो एक्ट में दूसरी बार भी पुलिस की अंतिम रिपोर्ट निरस्त
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने नौ साल की बच्ची के साथ गंदी हरकत करने के मामले में पुलिस की अंतिम रिपोर्ट (एफआर) बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। अब कोर्ट ने विवेचना पर भी सवाल उठाए हैं। विवेचना के दौरान काटे गए पर्चों को लेकर कहा है कि जांच की दिशा कई बार बदली गई।
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प्रेमनगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले के व्यक्ति ने तीन अक्तूबर 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नौ साल की बेटी के साथ सुनील खत्री ने गंदी हरकत की। पीड़िता ने अपने बयानों में आरोप का समर्थन किया। प्रारंभिक जांच में विवेचक ने आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट मांगा, लेकिन बाद में आरोपी के प्रभाव में जांच प्रेमनगर थाने से हटाकर इज्जतनगर थाने को दे दी गई। विवेचना के दौरान आरोपी को बचाने की कोशिश की गई। इसके लिए फर्जी साक्ष्य जुटाए गए और आंतिम रिपोर्ट दे दी गई।
कोर्ट ने दोबारा जांच का आदेश दिया और पुलिस ने आरोपी को बचाने के लिए फिर अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। पीड़ित पक्ष की ओर से प्रोटेस्ट किया गया और कोर्ट ने सुनवाई के बाद अंतिम रिपोर्ट को फिर से निरस्त कर दिया। संवाद
फर्जी रिपोर्ट-झूठी गवाही, एससी-एसटी एक्ट के आरोपी चार भाई दोषमुक्त
स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अभय श्रीवास्तव ने घर में घुसकर हमला करने और एससी-एसटी एक्ट के आरोपी सगे भाई भुता थाना क्षेत्र के गांव अहिरौला निवासी रूपलाल, श्याम बिहारी, प्रेमी और पिंकू को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। कोर्ट ने झूठी गवाही देने और फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले जयपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
भुता थाना क्षेत्र के गांव अहिरोला निवासी जयपाल ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया था कि उसकी पत्नी गांव की प्रधान है। 16 दिसंबर 2021 की रात रूपलाल, श्याम बिहारी, प्रेमी और पिंकू नशे की हालत में उसके घर में घुस आए। सभी के पास अवैध हथियार थे। हमलावरों ने उसके पूरे परिवार को पीटकर घायल कर दिया। जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। गांव के लोगों ने उनको बचाया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। तीन गवाहों ने रूपलाल, श्याम बिहारी, प्रेमी और पिंकू की घटना में संलिप्तता से इन्कार कर दिया। प्रतिपरीक्षा में जयपाल भी बयानों से मुकर गया। उसने बताया कि गांव के कुछ लोगों के कहने पर उसने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों का दोषमुक्त करार देते हुए जयपाल के खिलाफ मामला दर्ज करने आदेश दिया है।
पेशबंदी का निकला मामला, एससी-एसटी एक्ट व छेड़खानी के दो आरोपी बरी
स्पेशल जज हेमेंद्र कुमार सिंह ने पॉक्सो, एससी-एसटी एक्ट और चोट पहुंचाने के मामले में आरोपी भुता थाना क्षेत्र के गांव कुआंडांडा निवासी चंद्रपाल सिंह उर्फ लालू और पंडित विनोद उर्फ प्रमोद को बुधवार को बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि मामला पेशबंदी का है। पहले चंद्रपाल ने विपक्षियों पर पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालिया मामले का वादी पुराने मामले में जेल भी गया था।
कुआंडांडा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने कोर्ट के आदेश पर गांव के ही चंद्रपाल और विनोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि 30 अप्रैल 2019 को उसकी 16 साल की बेटी घर में अकेली थी। इस दौरान चंद्रपाल और विनोद ने उसके घर में घुसकर बेटी के साथ छेड़खानी की और कपड़े फाड़ दिए। उसको चोट पहुंचाई और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से स्वतंत्र गवाह पेश नहीं किए गए।
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामला पेशबंदी का है। चंद्रपाल की ओर से दर्ज कराए गए पॉक्सो एक्ट के एक मामले में किशोरी का पिता आरोपी है। जिस तारीख को घर में घुसकर छेड़खानी आरोप है, उस दिन किशोरी अपने घर नहीं, बल्कि पीलीभीत के एक गांव में अपने मामा के घर थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने चंद्रपाल और विनोद को बरी कर दिया।
स्मैक तस्कर को पांच वर्ष का कठोर कारावास
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार की अदालत ने स्मैक तस्करी के मामले में बरेली निवासी रजा हुसैन को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे पांच वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को पांच माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 28 अप्रैल 2019 को पुलिस ने हल्द्वानी में रजा हुसैन को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 104.64 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि बरामद स्मैक की मात्रा अधिक थी और आरोपी इसे बेचने के उद्देश्य से रखे हुए था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद रजा हुसैन को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।