Bareilly News: मांझे की अवैध फैक्टरी में धमाका, संचालक और दो कारीगरों की मौत, शवों के उड़े चीथड़े
Bareilly News: बरेली के बाकरगंज में शुक्रवार को सुबह मांझे की अवैध फैक्टरी में तेज धमाका हो गया। घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। बताया गया है कि गंधक और पोटाश पीसते वक्त धमाका हुआ था।
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बरेली के किला क्षेत्र के बाकरगंज में शुक्रवार सुबह मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी में धमाका हो गया। इससे फैक्टरी संचालक और दो कारीगरों की मौत हो गई। मजबूत मांझा बनाने के लिए गंधक, पोटाश, कांच और लोहे के बुरादे का मिश्रण तैयार करने के दौरान यह हादसा हुआ। फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद धमाके का राज सामने आएगा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाके की गूंज तीन किलोमीटर दूर तक सुनी गई। इससे इलाके में दहशत फैल गई।
बाकरगंज निवासी अतीक रजा खां (51) मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी चलाते थे। मोहल्ले के ही फैजान (26) और सरताज (24) फैक्टरी में कारीगर थे। अतीक ने अपने घर से सटे भूखंड पर मांझा बनाने का अड्डा बना रखा था। शुक्रवार सुबह 10 बजे अतीक, फैजान और सरताज मांझा बनाने के लिए मसाला तैयार कर रहे थे। इसके लिए गंधक, पोटाश के साथ कांच और लोहे के बारीक बुरादे को मिलाकर लुगदी तैयार की जानी थी।
बताते हैं कि इन घातक पदार्थों का मिश्रण तैयार करने के दौरान ही धमाका हो गया। सूचना पर कई थानों की पुलिस, फायर ब्रिगेड और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची। डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी अनुराग आर्य ने भी जायजा लिया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के बाद विस्फोटक भंडारण की आशंका में पुलिस ने आसपास छानबीन भी की।
सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखा धमाका
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में लुगदी बना रहे अतीक और फैजान के चीथड़े उड़ गए। नजदीक मौजूद सरताज भी गंभीर घायल हो गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया है, पर ऐन मौके पर बिजली गुल होने की वजह से धमाका सीसीटीवी में कैद नहीं हो सका। ऐसा दावा किया गया है।
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नहीं थी अग्निशमन विभाग की एनओसी
सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा ने बताया कि मौके पर आग लगने जैसे संकेत नहीं मिले हैं। अवैध फैक्टरी के संचालक ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं लिया था। फैक्टरी का संचालन इतनी संकरी गली में किया जा रहा था कि वहां पर एनओसी दी ही नहीं जा सकती है।
बाकरगंज में मांझा बनाने की फैक्टरी अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। वहां गंधक-पोटाश का मिश्रण तैयार करने के दौरान हुए धमाके में तीन लोगों की मौत हुई है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। -अनुराग आर्य, एसएसपी
पुलिस हादसे का कारण पता करने के लिए जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। मांझा निर्माण में सावधानी बरतने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।- रविंद्र कुमार, डीएम