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महाशिवरात्रि पर इस बार बरसेगी विष्णु की कृपा
बरेली।
Updated Thu, 23 Feb 2017 01:06 AM IST
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शिव सती
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वैसे तो महाशिवरात्रि भगवान शिव और पार्वती की आराधना का दिन होता है, लेकिन इस बार संयोग कुछ ऐसा है कि भगवान विष्णु भी भक्ताें पर कृपा बरसाएंगे। शिवरात्रि पर श्रवण नक्षत्र और वरियान योग का संयोग बन रहा है। बताया जा रहा है कि श्रवण नक्षत्र के स्वामी भगवान विष्णु हैं और भगवान विष्णु शिवजी के आराध्य देव हैं। ऐसे में इस बार महाशिवरात्रि पर आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी।
आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि 24 फरवरी को त्रयोदशी तिथि पूरे दिन रहने के बाद रात 9 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि लगेगी। चतुर्दशी तिथि का होना शिवरात्रि पर विशेष महत्व रखता है। श्रवण नक्षत्र शुक्रवार को संपूर्ण दिवस और संपूर्ण रात्रि व्याप्त रहेगा, वहीं वरियान योग रात 9 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। शिवरात्रि पर व्रत व रुद्राभिषेक से शिवजी प्रसन्न होंगे साथ ही विष्णु भगवान की भी कृपा बरसेगी।
पंडित रमेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि काल सर्पदोष, पितृ दोष, शनि देव की ढैय्या या साढ़े साती से पीड़ित जातकों के लिए यह पर्व वरदान साबित होगा। नाग नागिन का जोड़ा शिवलिंग पर चढ़ाने से पितृ दोष और काल सर्प दोषों से मुक्ति मिलेगी। वहीं काले तिल अर्पण करने से शनि दोष से छुटकारा मिलेगा।
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ऐसे करें अभिषेक
आचार्य मुकेश मिश्रा दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत, इत्र, चंदन, गुलाब जल से शिवलिंग को स्नान कराएं। फिर शुद्ध जल से रुद्राष्टाध्यायी पाठ के द्वारा या ऊं नम: शिवाय 108 बार बोलकर लगातार जल की धारा से अभिषेक करें। साफ कपड़े से शिवलिंग को पोछकर वस्त्र, जनेऊ, चंदन, रोली, सिंदूर, अबीर, गुलाल, अक्षत व फूल माला पहनाएं। भांग, धतूरा, वेलपत्र शिव को प्रिय है। संतान प्राप्ति के लिए गौ दुग्ध, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए गन्ने का रस, स्थिरता के लिए शहद घी व रोग शांति के लिए कुश गंगा जल से अभिषेक करें। शिवलिंग की अर्ध परिक्रमा ही करें।
मंदिराें पर सफाई के लिए मिले समिति के लोग
श्री नाथ नगरी सेवा समिति की ओर से श्रवण गुप्ता, सचिन मेहरा, अमित अरोरा, गौरव सक्सेना, कमल दिवाकर, सचिन कश्यप व अन्य ने अपर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। मांग की है कि मंदिरों में आसपास सफाई की जाए और प्रमुख मार्गों पर चूने का छिड़काव हो। गड्ढे भरे जाएं और पेयजल की व्यवस्था हो। कैंट विधायक राजेश अग्रवाल ने शिवरात्रि पर शहर में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, यातायात व्यवस्था सुधारने, सुरक्षा, सफाई और पेयजल व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों के अध्यक्षों को पत्र लिखा है।
शहर की परिक्रमा करेंगे भक्त, होगा दीपदान
नाथ नगरी जलाभिषेक समिति और श्री नाथ नगरी सेवा समिति की ओर से 24 फरवरी को दोपहर 12 बजे से परिक्रमा श्यामगंज स्थित गिरधारी लाल मंदिर और कन्हैया टोला से शुरू होगी। टोली यहां से बनखंडी नाथ, पशुपतिनाथ, धोपेश्वरनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, अलखनाथ से त्रिवटीनाथ मंदिर पर जाकर थमेगी। दूसरी टोली त्रिवटीनाथ मंदिर से वनखंडीनाथ, पशुपतिनाथ, धोपेश्वरनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, अलखनाथ मंदिर पर जाकर थमेगी। आयोजन में मनोज देवल, पंकज देवल, ब्रजवासी, आशुतोष, अनूप, धर्मेश, धर्मार्थ सक्सेना व अन्य का सहयोग रहेगा। कुष्ठ सेवा आश्रम कमेटी की ओर से हवन व रामायण सुबह 10 बजे से होगा। इसके अलावा विश्व जागृति मिशन की ओर से 24 फरवरी को शाम 5.30 बजे धोपेश्वरनाथ मंदिर पर दीप दान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
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आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि 24 फरवरी को त्रयोदशी तिथि पूरे दिन रहने के बाद रात 9 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि लगेगी। चतुर्दशी तिथि का होना शिवरात्रि पर विशेष महत्व रखता है। श्रवण नक्षत्र शुक्रवार को संपूर्ण दिवस और संपूर्ण रात्रि व्याप्त रहेगा, वहीं वरियान योग रात 9 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। शिवरात्रि पर व्रत व रुद्राभिषेक से शिवजी प्रसन्न होंगे साथ ही विष्णु भगवान की भी कृपा बरसेगी।
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पंडित रमेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि काल सर्पदोष, पितृ दोष, शनि देव की ढैय्या या साढ़े साती से पीड़ित जातकों के लिए यह पर्व वरदान साबित होगा। नाग नागिन का जोड़ा शिवलिंग पर चढ़ाने से पितृ दोष और काल सर्प दोषों से मुक्ति मिलेगी। वहीं काले तिल अर्पण करने से शनि दोष से छुटकारा मिलेगा।
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ऐसे करें अभिषेक
आचार्य मुकेश मिश्रा दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत, इत्र, चंदन, गुलाब जल से शिवलिंग को स्नान कराएं। फिर शुद्ध जल से रुद्राष्टाध्यायी पाठ के द्वारा या ऊं नम: शिवाय 108 बार बोलकर लगातार जल की धारा से अभिषेक करें। साफ कपड़े से शिवलिंग को पोछकर वस्त्र, जनेऊ, चंदन, रोली, सिंदूर, अबीर, गुलाल, अक्षत व फूल माला पहनाएं। भांग, धतूरा, वेलपत्र शिव को प्रिय है। संतान प्राप्ति के लिए गौ दुग्ध, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए गन्ने का रस, स्थिरता के लिए शहद घी व रोग शांति के लिए कुश गंगा जल से अभिषेक करें। शिवलिंग की अर्ध परिक्रमा ही करें।
मंदिराें पर सफाई के लिए मिले समिति के लोग
श्री नाथ नगरी सेवा समिति की ओर से श्रवण गुप्ता, सचिन मेहरा, अमित अरोरा, गौरव सक्सेना, कमल दिवाकर, सचिन कश्यप व अन्य ने अपर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। मांग की है कि मंदिरों में आसपास सफाई की जाए और प्रमुख मार्गों पर चूने का छिड़काव हो। गड्ढे भरे जाएं और पेयजल की व्यवस्था हो। कैंट विधायक राजेश अग्रवाल ने शिवरात्रि पर शहर में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, यातायात व्यवस्था सुधारने, सुरक्षा, सफाई और पेयजल व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों के अध्यक्षों को पत्र लिखा है।
शहर की परिक्रमा करेंगे भक्त, होगा दीपदान
नाथ नगरी जलाभिषेक समिति और श्री नाथ नगरी सेवा समिति की ओर से 24 फरवरी को दोपहर 12 बजे से परिक्रमा श्यामगंज स्थित गिरधारी लाल मंदिर और कन्हैया टोला से शुरू होगी। टोली यहां से बनखंडी नाथ, पशुपतिनाथ, धोपेश्वरनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, अलखनाथ से त्रिवटीनाथ मंदिर पर जाकर थमेगी। दूसरी टोली त्रिवटीनाथ मंदिर से वनखंडीनाथ, पशुपतिनाथ, धोपेश्वरनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, अलखनाथ मंदिर पर जाकर थमेगी। आयोजन में मनोज देवल, पंकज देवल, ब्रजवासी, आशुतोष, अनूप, धर्मेश, धर्मार्थ सक्सेना व अन्य का सहयोग रहेगा। कुष्ठ सेवा आश्रम कमेटी की ओर से हवन व रामायण सुबह 10 बजे से होगा। इसके अलावा विश्व जागृति मिशन की ओर से 24 फरवरी को शाम 5.30 बजे धोपेश्वरनाथ मंदिर पर दीप दान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।