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बारिश में बंद हो जाते हैं ये स्कूल
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Thu, 28 Jul 2016 01:24 AM IST
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शहर के प्राथमिक विद्यालयाें में से 40 स्कूलों के भवन जर्जर हैं। यह जानकारी शासन तक पहुंच चुकी है। यदि इन स्कूलों को खोला जाता है तो कभी भी हादसा हो सकता है। दूसरी तरफ यदि विद्यालय बंद किया जाता है तोे पठन-पाठन प्रभावित होगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने बीच का रास्ता निकालते हुए इन स्कूलाें को शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। दिक्कत यह है कि यदि स्कूल शिफ्ट होंगे तो दूरी बढ़ जायेगी और बच्चे वहां तक नहीं पहुंच पायेंगे। हालांकि अभी 40 में से सिर्फ छह स्कूलाें को शिफ्ट किया गया है।
शिफ्टिंग से खड़ा हुआ दूरी का संकट
बाग बृगटान स्कूल को जोगीनवादा सामुदायिक केंद्र में शिफ्ट किया गया है। यहां के बच्चे नये भवन तक जा पाने में असमर्थ हैं। इसी क्रम में सूफी टोला द्वितीय को छोटी बिहार में शिफ्ट किया गया है। आजमनगर को कालीबाड़ी द्वितीय में भेजा गया है। बमनपुरी को बिहारीपुर में और घेर जाफर खां को जोगीनवादा में भेजा गया है। जखीरा को तुलाशेरपुर शिफ्ट किया है। इनमें बमनपुरी और आजमनगर को छोड़ दें तो बाकी जगहों के बच्चों के लिए दूरी का संकट खड़ा हो गया है। इससे स्कूलों में बच्चे नहीं जा रहे हैं।
कई स्कूल पहले से शिफ्ट हैं
मुरावपुरा स्कूल को चौधरी मोहल्ले में, मौलानगर को सीबीगंज में, गुलाबनगर को महेशपुर और कहरवान स्कूल को नदोसी में पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है। इनको शिफ्ट किए दो से तीन साल हो गए। पुराने स्कू लाें के बच्चे शिफ्ट किये गये जगहों पर नहीं जा रहे हैं।
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बना मासाब पढ़ रहे हैं 54 बच्चे
शेरगढ़। कस्बापुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेें 54 बच्चे हैं। यहां तैनात एकमात्र शिक्षक डिल्लीधर गंगवार 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गये। अब तक यहां किसी की तैनाती नहीं हुई। अटैचमेंट के तौर पर बरीपुरा स्कूल में तैनात आराधना भारद्वाज को यहां भेजा गया लेकिन वह एक ही कमरे में तीनों कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ा रहीं हैं। बीईओ देवेश राय ने बताया कि 10 पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रहलादपुर, मोहद्दीनपुर, ढकिया ठाकूरान, औंरगाबाद, बल्ली, मदनापुर, सुकटिया, मवई जरैल, भूडासी और कस्बापुर में पठन-पाठन ठीक कराने के लिए 22 जुलाई को अध्यापकों को लेटर रिसीव करा दिया गया है।
वर्जन----
स्कूलाें को शिफ्ट करना जरूरी था। बच्चे पढ़ने के लिए दूसरे स्कूलाें में जा रहे हैं। अन्य जर्जर स्कूल की हालत अभी बहुत खराब नहीं है। इसलिए शिफ्ट नहीं किया गया है। - नरेंद्र सिंह पवार, बीईओ महानगर
पांच स्कूलों को मिले एक-एक टीचर
बिशारतगंज। मझगवां ब्लाक के 131 प्राइमरी स्कूलों में से नौहारा हसनपुर, लोहारी, बसंतपुर और वरा सिरसा में अटैचमेंट खत्म होने के कारण एक जुलाई से ताले लटके थे। सोमवार को दूसरे स्कूलों से टीचरों का तबादला कर यहां पढ़ाई शुरू कराई गई है। कृष्णपुरा मजरा बसंतपुर, पांडी, नूरपुर बुजूर्ग और हाजीपुर मजरा झाऊनगला में भी एक-एक शिक्षक तैनात हैं। इनके अवकाश या विभागीय बैठकों में जाने पर स्कूल में ताला लटक जाता है। 48 जूनियर स्कूलों में से नौहरा हसनपुर, ढकौरा, इस्माइलपुर, गुरुगावां मुस्तकिल, गणेशपुर मजरा गुरुगावां मुस्तकिल, पिपरिया उपराला, बसंतपुर, लोहारी, रटुइया, नूरपुर, मुगलपुर, हाफिजगंज, अन्तपुर, वरा राजपुर, रम्पूरा खुर्द और खनगांवा श्याम में भी एक-एक शिक्षक की तैनाती है।
फोटो- गुलडिया भवानी के स्कूल में भरा पानी, परेशान नौनिहाल।
कैसे स्कूल जायें नौनिहाल, स्कूल परिसर में भरा है पानी
टांडाछंगा। गुलड़िया भवानी के प्राइमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में करीब एक महीने से पानी भरा है। वर्षा के पानी का निकास न होने के कारण नौनिहाल घुटने घुटने तक भरे पानी को पार कर स्कूल कैंपस में पहुंचते हैं। यही हाल यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों का भी है। इसी परिसर में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं। पानी भरा होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री किरन मिश्रा ने बताया कि बच्चों को निगरानी में रखना पढता है। स्कूल आने व छुट्टी के समय सहायिका मीरा गौतम की मदद से बच्चों को गोद में उठाकर उस पार ले जाते हैं। प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश गंगवार का कहना है कि वह कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन किसी ने उनकी शिकायत और बच्चों की परेशानी को दूर करने की कोशिश नहीं की। शिक्षामित्र नीलम कुशवाहा का कहना है कि वह दोनो पैरों से विकलांग हैं। स्कूूल परिसर में पानी भरा होने से उनका बैट्री चालित रिक्शा भी खराब हो चुका है।
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शिफ्टिंग से खड़ा हुआ दूरी का संकट
बाग बृगटान स्कूल को जोगीनवादा सामुदायिक केंद्र में शिफ्ट किया गया है। यहां के बच्चे नये भवन तक जा पाने में असमर्थ हैं। इसी क्रम में सूफी टोला द्वितीय को छोटी बिहार में शिफ्ट किया गया है। आजमनगर को कालीबाड़ी द्वितीय में भेजा गया है। बमनपुरी को बिहारीपुर में और घेर जाफर खां को जोगीनवादा में भेजा गया है। जखीरा को तुलाशेरपुर शिफ्ट किया है। इनमें बमनपुरी और आजमनगर को छोड़ दें तो बाकी जगहों के बच्चों के लिए दूरी का संकट खड़ा हो गया है। इससे स्कूलों में बच्चे नहीं जा रहे हैं।
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कई स्कूल पहले से शिफ्ट हैं
मुरावपुरा स्कूल को चौधरी मोहल्ले में, मौलानगर को सीबीगंज में, गुलाबनगर को महेशपुर और कहरवान स्कूल को नदोसी में पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है। इनको शिफ्ट किए दो से तीन साल हो गए। पुराने स्कू लाें के बच्चे शिफ्ट किये गये जगहों पर नहीं जा रहे हैं।
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बना मासाब पढ़ रहे हैं 54 बच्चे
शेरगढ़। कस्बापुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेें 54 बच्चे हैं। यहां तैनात एकमात्र शिक्षक डिल्लीधर गंगवार 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गये। अब तक यहां किसी की तैनाती नहीं हुई। अटैचमेंट के तौर पर बरीपुरा स्कूल में तैनात आराधना भारद्वाज को यहां भेजा गया लेकिन वह एक ही कमरे में तीनों कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ा रहीं हैं। बीईओ देवेश राय ने बताया कि 10 पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रहलादपुर, मोहद्दीनपुर, ढकिया ठाकूरान, औंरगाबाद, बल्ली, मदनापुर, सुकटिया, मवई जरैल, भूडासी और कस्बापुर में पठन-पाठन ठीक कराने के लिए 22 जुलाई को अध्यापकों को लेटर रिसीव करा दिया गया है।
वर्जन----
स्कूलाें को शिफ्ट करना जरूरी था। बच्चे पढ़ने के लिए दूसरे स्कूलाें में जा रहे हैं। अन्य जर्जर स्कूल की हालत अभी बहुत खराब नहीं है। इसलिए शिफ्ट नहीं किया गया है। - नरेंद्र सिंह पवार, बीईओ महानगर
पांच स्कूलों को मिले एक-एक टीचर
बिशारतगंज। मझगवां ब्लाक के 131 प्राइमरी स्कूलों में से नौहारा हसनपुर, लोहारी, बसंतपुर और वरा सिरसा में अटैचमेंट खत्म होने के कारण एक जुलाई से ताले लटके थे। सोमवार को दूसरे स्कूलों से टीचरों का तबादला कर यहां पढ़ाई शुरू कराई गई है। कृष्णपुरा मजरा बसंतपुर, पांडी, नूरपुर बुजूर्ग और हाजीपुर मजरा झाऊनगला में भी एक-एक शिक्षक तैनात हैं। इनके अवकाश या विभागीय बैठकों में जाने पर स्कूल में ताला लटक जाता है। 48 जूनियर स्कूलों में से नौहरा हसनपुर, ढकौरा, इस्माइलपुर, गुरुगावां मुस्तकिल, गणेशपुर मजरा गुरुगावां मुस्तकिल, पिपरिया उपराला, बसंतपुर, लोहारी, रटुइया, नूरपुर, मुगलपुर, हाफिजगंज, अन्तपुर, वरा राजपुर, रम्पूरा खुर्द और खनगांवा श्याम में भी एक-एक शिक्षक की तैनाती है।
फोटो- गुलडिया भवानी के स्कूल में भरा पानी, परेशान नौनिहाल।
कैसे स्कूल जायें नौनिहाल, स्कूल परिसर में भरा है पानी
टांडाछंगा। गुलड़िया भवानी के प्राइमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में करीब एक महीने से पानी भरा है। वर्षा के पानी का निकास न होने के कारण नौनिहाल घुटने घुटने तक भरे पानी को पार कर स्कूल कैंपस में पहुंचते हैं। यही हाल यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों का भी है। इसी परिसर में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं। पानी भरा होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री किरन मिश्रा ने बताया कि बच्चों को निगरानी में रखना पढता है। स्कूल आने व छुट्टी के समय सहायिका मीरा गौतम की मदद से बच्चों को गोद में उठाकर उस पार ले जाते हैं। प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश गंगवार का कहना है कि वह कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन किसी ने उनकी शिकायत और बच्चों की परेशानी को दूर करने की कोशिश नहीं की। शिक्षामित्र नीलम कुशवाहा का कहना है कि वह दोनो पैरों से विकलांग हैं। स्कूूल परिसर में पानी भरा होने से उनका बैट्री चालित रिक्शा भी खराब हो चुका है।