फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   There are more accidents on the highway than black spots, 45 people are losing their lives every month.

Bareilly News: ब्लैक स्पाॅट से ज्यादा हाईवे पर हादसे, हर माह जा रही 45 लोगों की जान

Sun, 13 Oct 2024 04:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Oct 2024 04:29 AM IST
विज्ञापन
There are more accidents on the highway than black spots, 45 people are losing their lives every month.
बरेली। चौड़ी सड़कें, तेज गति, डग्गामारी और यातायात नियमों की अनदेखी हर माह औसतन 45 जिंदगियां निगल रही है। यही कारण है कि बरेली सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामले में प्रदेश के टॉप 20 जिलों में आ गया है। चार साल आठ माह में यहां सड़क हादसों में 2,032 लोगों ने जान गंवाई। इस दौरान 3,749 लोग घायल भी हुए। ब्लैक स्पॉट से ज्यादा हादसे सपाट सड़कों पर हो रहे हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2022 के मुकाबले 2023 में हादसों का ग्राफ 22.9 फीसदी तक बढ़ गया। इसमें जान गंवाने वालों की संख्या में 10.5 फीसदी और घायलों की संख्या में 22.9 फीसदी का इजाफा हुआ। हादसों के लिहाज से दिसंबर से फरवरी तक का सीजन ज्यादा खतरनाक होता है। ऐसे में शासन ने लोक निर्माण, परिवहन, यातायात पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही तय कर दी है। अगले माह तक जिले में एक एआरटीओ रोड सेफ्टी, एक एमवीआई और छह एएमवीआई को तैनाती मिल जाएगी। इस बार एक से 30 नवंबर तक व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए भी शासन स्तर से रूपरेखा मांगी गई है।
विज्ञापन


जिले में 35 ब्लैक स्पॉट, बड़ा बाइपास चौराहा सबसे खतरनाक

जिले में नेशनल हाईवे पर 13, स्टेट हाईवे पर 14 और जिला मार्गों पर 10 ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें 12 ब्लैक स्पॉट लोक निर्माण विभाग व अन्य उप्र राजमार्ग प्राधिकरण और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधीन आते हैं। बड़ा बाइपास चौराहे को छोड़ दें तो अन्य ब्लैक स्पॉट पर इस साल बड़े हादसे नहीं हुए हैं। वर्ष 2022 से लेकर अब तक ज्यादातर बड़े हादसे सपाट सड़कों पर ही हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आसपास नहीं कोई ब्लैक स्पॉट, दो हादसों में गई 12 लोगों की जान

दिसंबर 2023 में नैनीताल हाईवे पर इज्जतनगर थाना क्षेत्र में दभौरा खंजनपुर गांव के पास डंपर से टकराने के बाद कार में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। इसी साल सीबीगंज-मथुरापुर के बीच कार और डीसीएम की टक्कर में चार लोगों की जान चली गई थी। इन दोनों स्थानों पर आस-पास कोई ब्लैक स्पॉट नहीं हैं। जांच में दोनों हादसों का कारण तेज रफ्तार को माना गया था। संवाद

-----------
सड़क हादसों पर एक नजर

वर्ष हादसे घायल मृतक
2020 680 425 346
2021 936 757 421

2022 1050 886 487
2023 1290 1091 538
2024 620 590 240
--
रोड इंजीनियरिंग में काफी सुधार हुआ है। वर्ष 2016-17 में ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। अब हाईवे चौड़े हो चुके हैं। कई बाइपास और फ्लाईओवर भी बन गए हैं। ब्लैक स्पॉट पर कम हादसे हो रहे हैं। ज्यादातर हादसों का कारण ओवरस्पीड है। कुछ ब्लैक स्पॉट हैं, जहां सुधार कराया जा रहा है। - राजेश कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी

पिछले साल के मुकाबले इस साल हादसों में मामूली कमी आई है। ज्यादातर हादसों का कारण ओवरस्पीड बन रही है। संबंधित विभाग हादसों को कम करने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। - दिनेश कुमार सिंह, आरटीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed