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Bareilly News: जिले में वक्फ की 3,171 संपत्तियां, 500 से ज्यादा विवादित

Sat, 10 Aug 2024 07:43 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2024 07:43 AM IST
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There are 3,171 Waqf properties in the district, more than 500 are disputed
बरेली। वक्फ बिल पर संसद में जहां संग्राम चल रहा है, वहीं जिले में भी लोगों की अलग-अलग राय है। जिले में वक्फ की 3,171 संपत्तियां हैं। इनमें 500 से ज्यादा विवादित हैं। इनके मुकदमे वक्फ ट्रिब्यूनल लखनऊ में चल रहे हैं। पहलवान साहब की मजार के पास दुकानों का मामला हो या फिर किला में नवाब साहब की कोठी को लेकर वर्षों से चल रहा विवाद। एक पक्ष इसे वक्फ की मान रहा है तो दूसरा इसे अपनी बता रहा है। समय-समय पर वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद भी चलता रहा। आल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, अधिकारियों व सदस्यों पर भूमाफिया के साथ मिलकर संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने तक का आरोप लगाया है।
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इमामबाड़े के पास की जमीन पर विवाद

किला क्षेत्र के मोहल्ला छीपी टोला में फतेह अली शाह का काला इमामबाड़ा है। इसके आसपास के इलाके में वक्फ की काफी जमीन है। इसकी कीमत करोड़ों में है। बताया जाता है कि कई वर्षों पहले नवाब आसिफ उद्दौला ने वक्फ यानी कि दान किया था। इस जमीन पर कई मकान बने हैं, जिन्हें लोगों को लीज पर दिया गया था। जिन लोगों को लीज पर दिया गया था, अब उनकी मौत हो चुकी है। उनकी दूसरी या तीसरी पीढ़ी इन मकानों में रह रही है। यहां पूर्व में वक्फ की जमीन को बेचने का मामला भी सामने आ चुका है।
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पहलवान साहब की मजार का मामला भी ट्रिब्यूनल के हवाले
नावल्टी चौराहा के पास पहलवान साहब की मजार के पास स्थित बाजार व नौमहला मस्जिद के आगे दुकानों को लेकर विवाद वक्फ ट्रिब्यूनल में चल रहा है। वक्फ कमेटी का कहना है कि उनकी कमेटी वर्ष 1963 की बनी हुई है। यहां 17 दुकानें हैं जो वक्फ बोर्ड की हैं। जबकि, नगर निगम इसे अपना बना रहा है। वर्ष 2018 से इसको लेकर मुकदमा चल रहा है। नौमहला मस्जिद के पास की दुकानों को वक्फ बोर्ड अपना बताता है, जबकि अंजुमन इस्लामिया ट्रस्ट का दावा है कि दुकानें उनकी हैं। इसको लेकर भी वर्ष 2018 से विवाद चल रहा है।
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नवाब साहब की कोठी भी विवादित
किला सब्जी मंडी के सामने नवाब तहव्वर अली की कोठी है। कोठी में ही इमामबाड़ा था। 17-18 दुकानें भी हैं। एक पक्ष इसे वक्फ की संपत्ति बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष अपना दावा कर रहा है। इसको लेकर वक्फ ट्रिब्यूनल में विवाद चल रहा है। इमामबाड़े की जमीन करोड़ों की बताई जा रही है। एक दशक से अधिक समय से इस संपत्ति को लेकर विवाद चला आ रहा है।
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वक्फ बिल को मुस्लिम जमात का खुला समर्थन

फोटो
बरेली। केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन बिल पेश किया है। आल इंडिया मुस्लिम जमात ने इसका खुला समर्थन किया है। ग्रांड मुफ्ती हाउस में शुक्रवार को हुई बैठक में जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल मुसलमानों की आर्थिक बदहाली को दूर करेगा। वक्फ बोर्ड की मनमानी रुकेगी। वक्फ की संपत्तियों को बेचने व लीज पर देने के कारोबार पर लगाम लगेगी। मौलाना ने कहा कि वक्फ बोर्ड के गठन में पारदर्शिता लाई जाए। स्वच्छ छवि वालों को सदस्य बनाया जाए। दागदार छवि वाले व्यक्ति को सदस्य बनाए जाने से पद का दुरुपयोग होता है। बैठक में पीर मौलाना मुजाहिद हुसैन, हाफिज अब्दुल वाहिद नूरी, मौलाना अबसार राजा हबीबी, हाफिज फैजान रजा कादरी, हाजी नाजिम बेग, जोहेब अंसारी, डा. अनवर रजा आदि उपस्थित रहे। संवाद
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संपत्तियां छीनने वाला है संशोधन विधेयक : आईएमसी
बरेली। इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) ने वक्फ संशोधन बिल का खुला विरोध किया है। आईएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. नफीस खान और मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी का कहना है कि यह बिल मुसलमानों के खिलाफ है और वक्फ संपत्तियों को छीनने वाला है। सरकार इसके जरिये मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल करना चाहती है। डॉ. नफीस ने कहा कि यह संशोधन विधेयक मुसलमानों की हमदर्दी में नहीं लाया गया है। वक्फ संपत्तियां भी मस्जिदों-मदरसों और गरीब मुसलमानों के उत्थान के लिए हैं। दूसरों को इनमें दखल का अधिकार नहीं है। जिन वक्फ संपत्तियों पर सरकार की चौकियां व थाने चल रहे हैं, उन्हें मुक्त किया जाए या मार्केट वैल्यू के हिसाब से किराया अदा करें।

मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी ने कहा कि सरकार को संशोधन विधेयक की जगह वक्फ संपत्तियों को कब्जामुक्त कराते हुए उनके विकास के लिए विशेष बजट देना चाहिए। सरकार अगर ऐसा कोई बिल लाती है तो हम उसका स्वागत करेंगे। संवाद
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