{"_id":"69e699eb76f91f1ff4032f4f","slug":"theatre-is-not-just-a-hobby-it-requires-dedication-and-hard-work-iravati-bareilly-news-c-4-bly1053-868503-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"थिएटर महज शौक नहीं, चाहता है लगन और तपस्या : इरावति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थिएटर महज शौक नहीं, चाहता है लगन और तपस्या : इरावति
Tue, 21 Apr 2026 02:56 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 21 Apr 2026 02:56 AM IST
विज्ञापन
बरेली। विंडरमेयर थिएटर में सोमवार की शाम ड्रामा स्कूल मुंबई की अकादमिक प्रमुख इरावति कार्णिक का व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें रंगमंच में रुचि रखने वाले युवाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। सवाल पूछकर उन्होंने अपनी जिज्ञासाएं भी शांत की।
व्याख्यान में इरावति ने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि थिएटर महज शौक नहीं है। यह लगन चाहता है। यहां तपस्या से गुजरकर ही बारीकियां समझ आती हैं। गुरु-शिष्य की परंपरा थिएटर में हमेशा से रही है।
नए दौर में यह परंपरा ड्रामा स्कूलों के रूप में सामने आई है। जहां क्षेत्रीय, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय विचारों और तकनीकों का प्रशिक्षण मिलता है। उन्होंने कलाकारों से पूछा कि थिएटर प्रशिक्षण से पहले और बाद में उनके अनुभव कैसे रहे? कलाकारों ने बताया कि कार्यशाला से बेहतर बदलाव आते हैं और वे अधिक एकाग्रता से काम कर पाते हैं।
विज्ञापन
पूर्व में दया दृष्टि चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश्वर सिंह के साथ रंग विनायक रंगमंडल के कलाकारों ने इरावति कार्णिक का स्वागत किया। इस दौरान दानिश खान, अजय चौहान, पप्पू वर्मा, हृदेश प्रताप सिंह, ज्योति, फरीद, शैलेश राय, मोहसिन, विभा, भूपेंद्र, नीति, सम्युन खान, दीपक बंधुनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
व्याख्यान में इरावति ने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि थिएटर महज शौक नहीं है। यह लगन चाहता है। यहां तपस्या से गुजरकर ही बारीकियां समझ आती हैं। गुरु-शिष्य की परंपरा थिएटर में हमेशा से रही है।
विज्ञापन
नए दौर में यह परंपरा ड्रामा स्कूलों के रूप में सामने आई है। जहां क्षेत्रीय, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय विचारों और तकनीकों का प्रशिक्षण मिलता है। उन्होंने कलाकारों से पूछा कि थिएटर प्रशिक्षण से पहले और बाद में उनके अनुभव कैसे रहे? कलाकारों ने बताया कि कार्यशाला से बेहतर बदलाव आते हैं और वे अधिक एकाग्रता से काम कर पाते हैं।
विज्ञापन
पूर्व में दया दृष्टि चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश्वर सिंह के साथ रंग विनायक रंगमंडल के कलाकारों ने इरावति कार्णिक का स्वागत किया। इस दौरान दानिश खान, अजय चौहान, पप्पू वर्मा, हृदेश प्रताप सिंह, ज्योति, फरीद, शैलेश राय, मोहसिन, विभा, भूपेंद्र, नीति, सम्युन खान, दीपक बंधुनी आदि मौजूद रहे।