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आगे बढ़ा एसईजेड बनाने का काम, हुआ सर्वे
बरेली।
Updated Tue, 31 Oct 2017 02:08 AM IST
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रबर पऊफैक्टट्री
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रबर फैक्ट्री की बेशकीमती जमीन को कब्जे मेें लेकर उस पर एसईजेड बनाने का काम आगे बढ़ रहा है। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह की पहल पर नोएडा की कंपनी ने रबर फैक्ट्री की जमीन का सर्वे कर लिया है। कानून अड़चनें दूर करके जमीन को वापस लेने के लिए शासन स्तर से कार्रवाई चल रही है। जिला प्रशासन का ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद शहर के सीनियर आर्किटेक्ट अनुपम सक्सेना इस जमीन पर एसईजेड बनाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार करेंगे।
रबर फैक्ट्री स्थापित करने के लिए प्रशासन की ओर से मुंबई के सेठ तुलसीदास किला चंद्र को फतेहगंज पश्चिमी के पास 1300 एकड़ से ज्यादा जमीन कौड़ियों के भाव दी गई थी। 1959 में सेठ ने इस जमीन पर फैक्ट्री की नींव रखी। एग्रीमेंट हुआ था कि फैक्ट्री बंद होने के बाद सरकार अपनी जमीन वापस ले सकती है। इसी आधार पर कमिश्नर डॉ पीवी जगनमोहन ने तत्कालीन डीएम डॉ. पिंकी जोवेल से जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कराई। उनके तबादले के बाद राघवेंद्र विक्रम सिंह डीएम बने तो उन्होंने इसे और अधिक गंभीरता लेकर उद्योग विभाग को जमीन वापस लेने के लिए पत्र लिख दिया। शासन स्तर पर अब सेठ से जमीन वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द यह जमीन फिर सरकार यानी जिला प्रशासन के कब्जे में होगी। डीएम ने बताया कि रबर फैक्ट्री की जमीन बेशकीमती है। इस जमीन का सर्वे करने की जिम्मेदारी उन्होंने नोएडा की निजी प्राइवेट कंपनी को दी थी। कंपनी ने सर्वे पूरा करने के बाद रिपोर्ट दी है। इसी के आधार पर जनप्रतिनिधियों से राय लेकर आर्किटेक्ट अनुपम सक्सेना से एसईजेड का लेआउट तैयार कराने का बाद शासन को भेजा जाएगा।
रबर फैक्ट्री स्थापित करने के लिए प्रशासन की ओर से मुंबई के सेठ तुलसीदास किला चंद्र को फतेहगंज पश्चिमी के पास 1300 एकड़ से ज्यादा जमीन कौड़ियों के भाव दी गई थी। 1959 में सेठ ने इस जमीन पर फैक्ट्री की नींव रखी। एग्रीमेंट हुआ था कि फैक्ट्री बंद होने के बाद सरकार अपनी जमीन वापस ले सकती है। इसी आधार पर कमिश्नर डॉ पीवी जगनमोहन ने तत्कालीन डीएम डॉ. पिंकी जोवेल से जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कराई। उनके तबादले के बाद राघवेंद्र विक्रम सिंह डीएम बने तो उन्होंने इसे और अधिक गंभीरता लेकर उद्योग विभाग को जमीन वापस लेने के लिए पत्र लिख दिया। शासन स्तर पर अब सेठ से जमीन वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द यह जमीन फिर सरकार यानी जिला प्रशासन के कब्जे में होगी। डीएम ने बताया कि रबर फैक्ट्री की जमीन बेशकीमती है। इस जमीन का सर्वे करने की जिम्मेदारी उन्होंने नोएडा की निजी प्राइवेट कंपनी को दी थी। कंपनी ने सर्वे पूरा करने के बाद रिपोर्ट दी है। इसी के आधार पर जनप्रतिनिधियों से राय लेकर आर्किटेक्ट अनुपम सक्सेना से एसईजेड का लेआउट तैयार कराने का बाद शासन को भेजा जाएगा।
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