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Bareilly News: नौकरी दिलाने का झांसा देकर विप्रा गैंग ने मामा-भांजे से लाखों ठगे

Fri, 03 Jul 2026 01:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 01:39 AM IST
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The Vipra gang swindled a maternal uncle and nephew out of lakhs by promising them jobs
बरेली। फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा के गिरोह के कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। अब पता लगा है कि विप्रा ने लेखपाल और चपरासी की नौकरी दिलाने के बहाने मामा-भांजे से लाखों रुपये ऐंठ लिए। विप्रा गैंग के खिलाफ कोतवाली में दो नई रिपोर्ट दर्ज की गई हैं।
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बिहारीपुर सिविल लाइन निवासी मुनीश ने कोतवाल राजीव कुमार को बताया कि कुतुबखाना डाकखाने के पास उनकी गजक की दुकान है। जनवरी 2024 में एसडीएम लिखी कार हूटर बजाते हुए उनकी दुकान पर रुकी। कार से निकली महिला ने खुद को प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी व एसडीएम बताया और गजक खरीदकर चली गई। कुछ दिन बाद आकर महिला ने अपना नाम डॉ. विप्रा शर्मा बताया और मुनीश के पास खड़े उनके बेटे हर्ष की सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही।
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मुनीश ने बताया कि विप्रा ने उन्हें अपने गोल्डन ग्रीन पार्क स्थित घर बुलाया। फिर कहा कि वह उनके बेटे को बदायूं में लेखपाल की नौकरी दिलवा देगी। इसके बदले पंद्रह लाख रुपये की मांग की। मुनीश ने 8.60 लाख रुपये दे दिए। कुछ दिन बाद विप्रा ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ का फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया।
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विप्रा ने उनसे कहा कि जल्द ही वह अपने पिता और बहन के साथ चलकर बदायूूं में हर्ष को नियुक्त करा देगी। इसके बाद से वह विप्रा के बुलावे का इंतजार कर रहे थे। जब उन्हें कुछ दिन पहले मीडिया के जरिये विप्रा व उसकी दो बहनों के जेल जाने का पता लगा तो वह विप्रा के पिता वीरेंद्र से मिले और अपने रुपये मांगे। वीरेंद्र बोला कि मेरी बेटियां जेल गईं, अब किसी को रुपये नहीं दूंगा।
बिहारीपुर निवासी रमेश चंद्र ने थाना प्रभारी राजीव कुमार को बताया कि वह अपने भांजे मुनीश की गजक की दुकान पर थे। तभी विप्रा शर्मा, उसकी बहन शिखा शर्मा, पिता वीरेंद्र दुकान पर आए और बेटे की बदायूं के विकास भवन में चपरासी के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही। दो लाख रुपये विप्रा ने नकद लिए और उनके बेटे के शैक्षिक प्रमाण पत्र लेकर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ का पत्र भेज दिया। समाचार पत्रों के जरिये पता चला कि विप्रा फर्जी एसडीएम है। इसके बाद जब उसके पिता वीरेंद्र शर्मा से रुपये मांगे तो जान से मारने की धमकी दी गई।

बारादरी थाने में ही विप्रा के खिलाफ करीब 26 मामले दर्ज हैं। कई मामले दूसरे थानों में दर्ज हुए हैं। फिलहाल पुलिस इनकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है। कोर्ट में इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। - शिवम आशुतोष सिंह, एएसपी
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