फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The two -year-old daughter died in the valley dip

नाले में डूबकर मर गई दो साल की बिटिया

Mon, 07 Dec 2015 01:32 AM IST
बरेली
बरेली Updated Mon, 07 Dec 2015 01:32 AM IST
विज्ञापन
The two -year-old daughter died in the valley dip
बरेली। नगर निगम की लापरवाही से एक और बच्ची की जान चली गई। नई बस्ती मोहन तालाब में दो साल की बच्ची गहरे नाले में गिर गई। काफी देर तक मां बाप यही समझते रहे कि बच्ची खेल रही होगी। जब घर से लेकर गली में बच्ची नहीं मिली तो नाला गैंग बुलाया गया। नाला गैंग ने दो घंटे की कवायद के बाद बच्ची का शव निकाला। इसके बाद गली में भीड़ जमा हो गई। इकलौती बच्ची खोने से मां बाप बदहवास हो गए। दो महीने पहले भी एक बच्चे की जान नाले में गिरने से चली गई थी।
विज्ञापन

घनी बस्तियों में नगर निगम के खुले चौड़े नाले बच्चों की जान ले रहे हैं। नालों को कवर्ड करने की कभी कोशिश नहीं की गई। रविवार पूर्वाह्न 11 बजे नई बस्ती मोहन तालाब निवासी मो. नसीर की दो साल की बच्ची निशा बच्चों के साथ घर में खेल रही थी। ताऊ नन्हें का घर गली में ही करीब 40 मीटर की दूरी पर नाले के नजदीक है। मां जैदा घर में खाना बनाने चली गईं तो बच्ची अन्य बच्चों के साथ गली में अपने ताऊ के घर तक पहुंच गई। घर के बगल से चौड़ा नाला निकला है। पिता नसीर के मुताबिक बच्ची उसी समय अचानक नाले में गिर गई। काफी देर बाद जब खोजने पर बच्ची नहीं मिली तो ताऊ के घर ढूंढा गया। अपराह्न दो बजे के बाद नसीर ने भाइयों और गली मोहल्ले वालों के साथ मिलकर नाले में घुसकर बच्ची को ढूंढा। फिर भी पता नहीं चला। पार्षद जहीरूद्दीन ने बताया कि नसीर ने फोन पर बच्ची के नाले में गिरने की जानकारी दी तो उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी से बात कर नाला गैंग भेजा। नाला गैंग ने दो घंटे की कवायद के बाद बच्ची का शव नाले से निकाला। पार्षद का कहना है कि नाले पर स्लिप डालने के लिए वह नगर निगम से कह चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर नाले पर स्लैब पड़ जाते तो बच्ची की जान नहीं जाती।
विज्ञापन


शादी के 15 साल बाद गोद ली थी बच्ची
नसीर और जैदा की शादी के 15 साल तक कोई संतान नहीं हुई तो दो साल पहले दोनों ने बच्ची को गोद लिया था। मां-बाप अपनी अकेली बच्ची को बेहद लाड़ दुलार से रखते थे। इकलौती बेटी खोने के बाद दोनों बदहवास हो गए। उनको संभालना मुश्किल हो रहा था। परिवार के अन्य सदस्यों के अलावा गली मोहल्ले के तमाम लोग भी नसीर के घर आकर इकलौती बच्ची के खोने पर दुख प्रकट कर रहे थे। देर शाम तक गली में भारी भीड़ जमा रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


आगे भी कम खतरा नहीं  
नई बस्ती में साबरी मस्जिद के आगे की गली नाले पर ही खत्म होती है। नाले के उस पर डलावघर है। वहां आस-पास के घरों का कूड़ा पड़ता है। नाला के पार कूड़ा फेंकने के लिए ही लोगों ने गली को खुला छोड़ रखा है। नाले पर न तो स्लैब पड़ी है, न ही कवर्ड है। नाला कूड़े से पटा पड़ा है। वहां पानी होने का भी पता नहीं चलता। बच्चे कूड़े का ढेर समझकर नाले पर कूदते हैं और पानी में डूबते चले जाते हैं। आए दिन बच्चों को गली से कोई न कोई निकालता है। ये नाला बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि बड़ों के लिए भी खतरनाक है।  

वीरभट्टी में भी हो चुका है हादसा
करीब डेढ़ महीने पहले सुभाषनगर के वीर भट्टी इलाके में डेढ़ साल के अमन की नाले में गिरकर मौत हो गई थी। वह नाला भी इसी तरह खुला था। तब इलाके के लोगों ने नाला खुला होने पर नगर निगम के विरोध में काफी हंगामा किया था। इससे पहले पुराना शहर के जगतपुर और बुखारपुरा में भी नाले में गिरकर बच्चे हादसे का शिकार हो चुके हैं।


‘नाले पर आगे से अतिक्रमण है। उसकी सफाई नहीं हो पा रही है। पार्षद से भी इस बारे में बात की गई लेकिन लोग अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं हुए। गली के बराबर में नाले पर स्लैब डालने के लिए निर्माण विभाग को लिखेंगे। नाले की सफाई भी कराई जाएगी।’ डा. अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed