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तीन साल के डिप्लोमा का रिजल्ट छह साल बाद भी नहीं मिला
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 27 Sep 2016 01:33 AM IST
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अलीगढ़ के राजाराम चंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर में तीन वर्षीय डिप्लोमा करने वाले शुभम शर्मा डिप्रेशन में है। परीक्षा देने के बाद भी उसको अनुपस्थित दिखा दिया गया। शुभम के पिता ने इस मामले में न्याय के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई। फैसला शुभम के पक्ष में आने के बाद भी रिजल्ट नहीं दिया गया है। तीन साल के डिप्लोमा का रिजल्ट छह साल बाद भी नहीं मिला। इससे शुभम काफी परेशान है। उसका इलाज मेदांता में चल रहा है।
सर्वोदय नगर बदायूं रोड के शुभम के पिता अशोक शर्मा बीएसएनएल में सीनियर सेक्शन सुपरवाइजर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह बताते हैं कि 2013 में शुभम का पॉलीटेकिभनक का फाइनल ईयर था। इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट मीजरमेंट और टेलीविजन इंजीनियरिंग की परीक्षा 10 और 13 अप्रैल 2014 को हुुई थी। रिजल्ट में इन दोनों तिथियों में शुभम को अनुपस्थित दिखाया है। इस संबंध में शुभम के पिता प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव से मिल चुके हैं लेकिन कोई आदेश नहीं हुआ। कोर्ट ने 4 मार्च 2016 को फैसला सुनाते हुए छह माह में मामला निस्तारण करने को कहा था। अभी तक कुछ नहीं हुआ। आदेश की अवहेलना पर अपील की गई है। अशोक शर्मा बताते हैं कि परिषद की कारगुजारी से केवल शुभम नहीं बल्कि कई बच्चे परेशान हैं।
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सर्वोदय नगर बदायूं रोड के शुभम के पिता अशोक शर्मा बीएसएनएल में सीनियर सेक्शन सुपरवाइजर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह बताते हैं कि 2013 में शुभम का पॉलीटेकिभनक का फाइनल ईयर था। इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट मीजरमेंट और टेलीविजन इंजीनियरिंग की परीक्षा 10 और 13 अप्रैल 2014 को हुुई थी। रिजल्ट में इन दोनों तिथियों में शुभम को अनुपस्थित दिखाया है। इस संबंध में शुभम के पिता प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव से मिल चुके हैं लेकिन कोई आदेश नहीं हुआ। कोर्ट ने 4 मार्च 2016 को फैसला सुनाते हुए छह माह में मामला निस्तारण करने को कहा था। अभी तक कुछ नहीं हुआ। आदेश की अवहेलना पर अपील की गई है। अशोक शर्मा बताते हैं कि परिषद की कारगुजारी से केवल शुभम नहीं बल्कि कई बच्चे परेशान हैं।
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