{"_id":"66ea347765eafacebe0772a6","slug":"the-team-of-engineers-in-sarnia-again-evaluated-the-assets-bareilly-news-c-4-lko1018-483442-2024-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: सरनिया में अभियंताओं की टीम ने फिर किया परिसंपत्तियों का मूल्यांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: सरनिया में अभियंताओं की टीम ने फिर किया परिसंपत्तियों का मूल्यांकन
विज्ञापन
जिलाधिकारी न्यायालय में दायर आर्बिट्रेशन की अब 24 सितंबर को होगी सुनवाई
बरेली। रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत किए जाने वाले भूखंडों के अधिक मूल्यांकन के मामले में दायर आर्बिट्रेशन में सुनवाई 24 सितंबर को होगी। इस बीच दो अभियंताओं की कमेटी ने मंगलवार को गांव सरनिया के गाटा संख्या 156 पर बने उस गोदाम का निरीक्षण किया, जिसके अधिग्रहण के बदले में 5.95 करोड़ रुपये का मूल्यांकन तय किया गया था। मूल्यांकन को अधिक बताकर एनएचएआई ने डीएम की अदालत में आर्बिट्रेशन दायर किया है, जिस पर सुनवाई चल रही है।
इस दौरान एनएचएआई के आग्रह पर डीएम ने दोबारा मूल्यांकन के निर्देश जारी किए। लोक निर्माण विभाग के नेशनल हाईवे डिवीजन के अधिशासी अभियंता शशांक भार्गव और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अभियंता टीम के साथ मंगलवार दोपहर मौके पर पहुंचे और नाप-जोख की। एनएचएआई से पिछले मूल्यांकन के दस्तावेज प्राप्त किए। मूल्यांकन का आधार समझा। अब अभियंता लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार अग्रवाल की उस मूल्यांकन रिपोर्ट को भी देखेंगे, जिसमें उन्होंने गोदाम की लागत 30 लाख रुपये से कम आंकी है। दोनों मूल्यांकन रिपोर्ट का परीक्षण किए जाने के बाद अब इस मामले में तीसरी मूल्यांकन रिपोर्ट सामने आएगी। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बरेली। रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत किए जाने वाले भूखंडों के अधिक मूल्यांकन के मामले में दायर आर्बिट्रेशन में सुनवाई 24 सितंबर को होगी। इस बीच दो अभियंताओं की कमेटी ने मंगलवार को गांव सरनिया के गाटा संख्या 156 पर बने उस गोदाम का निरीक्षण किया, जिसके अधिग्रहण के बदले में 5.95 करोड़ रुपये का मूल्यांकन तय किया गया था। मूल्यांकन को अधिक बताकर एनएचएआई ने डीएम की अदालत में आर्बिट्रेशन दायर किया है, जिस पर सुनवाई चल रही है।
इस दौरान एनएचएआई के आग्रह पर डीएम ने दोबारा मूल्यांकन के निर्देश जारी किए। लोक निर्माण विभाग के नेशनल हाईवे डिवीजन के अधिशासी अभियंता शशांक भार्गव और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अभियंता टीम के साथ मंगलवार दोपहर मौके पर पहुंचे और नाप-जोख की। एनएचएआई से पिछले मूल्यांकन के दस्तावेज प्राप्त किए। मूल्यांकन का आधार समझा। अब अभियंता लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार अग्रवाल की उस मूल्यांकन रिपोर्ट को भी देखेंगे, जिसमें उन्होंने गोदाम की लागत 30 लाख रुपये से कम आंकी है। दोनों मूल्यांकन रिपोर्ट का परीक्षण किए जाने के बाद अब इस मामले में तीसरी मूल्यांकन रिपोर्ट सामने आएगी। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन