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Bareilly News: सियासत के आगे व्यवस्था बेबस, बच्चों की स्क्रीनिंग पर संकट
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बरेली। जन्मजात रोगों से बच्चों को निजात दिलाने की कवायद शुरू होने से पहले ही अर्बन आरबीएसके महिला चिकित्साधिकारी को आंवला का चार्ज दे दिया। चर्चा है कि सत्तापक्ष के एक नेता के निर्देश पर सीएमओ ने तैनाती दी है। इससे शहर में बच्चाें की हेल्थ स्क्रीनिंग प्रभावित होने की आशंका है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में जन्मजात दोष की चपेट में आने वाले बच्चों की स्क्रीनिंग शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए चार चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति दो माह पूर्व हुई थी। इनमें एक चिकित्साधिकारी (आयुष) डॉ. निवेदिता वर्मा तैनाती के बाद एक दिन ड्यूटी ज्वॉइन करने पहुंचीं, फिर माह भर लगातार गैरहाजिर रहीं।
नोटिस जारी हुए पर जवाब नहीं दिया। प्रकरण संज्ञान में लेकर सीएमओ ने वेतन भुगतान रोका। तब संबंधित चिकित्साधिकारी ने आंवला में तैनाती के लिए अर्जी लगाई। अब उन्हें आंवला का चार्ज मिल गया है।
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चर्चा है कि चिकित्साधिकारी की आंवला क्षेत्र के ही एक सत्ता पक्ष के नेता तक पहुंच है। उनकी कॉल सीएमओ के पास पहुंचने की वजह से ड्यूटी से गैरहाजिर होने पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शहरी क्षेत्र में तैनाती के बावजूद करीब 50 किमी दूर मनचाहे क्षेत्र आंवला में तैनाती मिल गई।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में जन्मजात दोष की चपेट में आने वाले बच्चों की स्क्रीनिंग शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए चार चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति दो माह पूर्व हुई थी। इनमें एक चिकित्साधिकारी (आयुष) डॉ. निवेदिता वर्मा तैनाती के बाद एक दिन ड्यूटी ज्वॉइन करने पहुंचीं, फिर माह भर लगातार गैरहाजिर रहीं।
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नोटिस जारी हुए पर जवाब नहीं दिया। प्रकरण संज्ञान में लेकर सीएमओ ने वेतन भुगतान रोका। तब संबंधित चिकित्साधिकारी ने आंवला में तैनाती के लिए अर्जी लगाई। अब उन्हें आंवला का चार्ज मिल गया है।
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चर्चा है कि चिकित्साधिकारी की आंवला क्षेत्र के ही एक सत्ता पक्ष के नेता तक पहुंच है। उनकी कॉल सीएमओ के पास पहुंचने की वजह से ड्यूटी से गैरहाजिर होने पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शहरी क्षेत्र में तैनाती के बावजूद करीब 50 किमी दूर मनचाहे क्षेत्र आंवला में तैनाती मिल गई।