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Bareilly News: व्यावसायिक एलपीजी की कीमत में उछाल से होटल कारोबार व उद्योगों पर बढ़ा दबाव

Fri, 01 May 2026 11:40 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 01 May 2026 11:40 PM IST
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The surge in commercial LPG prices has increased pressure on the hotel business and industry.
व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की कीमत में एकमुश्त 993 रुपये की बढ़ोतरी ने उद्योगों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। माहभर में ही दूसरी बार कीमत बढ़ने का असर सीधे होटल, रेस्टोरेंट, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, छोटे उद्योगों पर पड़ेगा।
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कारोबारियों के मुताबिक, लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की किल्लत के बीच कीमतों में उछाल अब कारोबार पर भारी पड़ सकता है। छह मार्च को कीमतों में 119 रुपये वृद्धि के बाद व्यावसायिक सिलिंडर 2,140 रुपये में मिल रहे थे। अब 933 रुपये की एकमुश्त बढ़त के बाद इसकी कीमत 3,133 रुपये हो गई है। इससे खाना बनाने की लागत में इजाफा होगा।
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आगामी दिनों में यह मेन्यू के दाम बढ़ने की वजह बनेगा। ग्राहक कहीं और न जाएं, इसलिए होटल व रेस्टोरेंट कारोबारियों को कीमतों से समझौता भी करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, छोटे कारोबारियों के लिए मुनाफा बचा पाना अब किसी चुनौती से कम नहीं रहेगा। व्यावसायिक सिलिंडर की महंगाई से घरेलू उपभोक्ता भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थ, पैकेज्ड आइटम, फास्ट फूड आदि महंगे हो सकते हैं।
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खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई इकाइयों पर दोहरी मार
पहले से कच्चे माल की महंगाई झेल रहे उद्योगों पर अब गैस की कीमत बढ़ने से दोहरी मार पड़ रही है। नमकीन, बिस्किट, पैकेज्ड फूड और डेयरी उत्पाद बनाने वाली इकाइयों में एलपीजी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। इसके अलावा गत्ता, साबुन, डिटर्जेंट, प्लास्टिक, फर्नीचर जैसे छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर भी सीधा असर पड़ेगा। उत्पादन लागत बढ़ने से उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होगी।

रोजगार पर भी मंडराएगा संकट
कारोबारियों के मुताबिक, व्यावसायिक एलपीजी की उपलब्धता की अड़चन से उत्पादन घटने की स्थिति में उद्योगों को श्रमिकों की संख्या कम करनी पड़ सकती है। इससे असंगठित क्षेत्र के मजदूरों पर संकट गहरा सकता है। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि अगर यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो छोटे उद्योगों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से राहत की मांग की है।
मुनाफे से समझौता मुमकिन नहीं

फोटो
व्यावसायिक सिलिंडरों की उपलब्धता की अड़चन दूर हुई तो अब कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ा रही है। मुनाफे से समझौता कर उत्पाद की बिक्री मुमकिन नहीं है। नए स्टॉक के रेट बढ़ाएंगे तभी संतुलन बनेगा। - केके चंदानी, उद्यमी, नमकीन फैक्टरी परसाखेड़ा
40 फीसदी होटल कैटरिंग सुविधा मुहैया कराते हैं। एलपीजी की किल्लत होने पर कई संचालक पीएनजी से जुड़े, लेकिन अब भी 15 फीसदी से ज्यादा सिलिंडरों के भरोसे हैं। रेसिपी महंगी हो सकती है। - डॉ. अनुराग सक्सेना, अध्यक्ष, होटल वेलफेयर एसोसिएशन

संसाधनों की सीमित उपलब्धता के साथ कीमतों में लगातार बढ़त से उद्योगों का संचालन प्रभावित हो रहा है। कॉमर्शियल एलपीजी के भाव माहभर में ही तीन हजार के पार पहुंच गए। औद्योगिक डीजल, पीएनजी भी महंगी हो गई हैं। - मयूर धीरवानी, चैप्टर चेयरमैन, आईआईए
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