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75 लाख रुपये तक अपना सकते हैं समाधान योजना
बरेली।
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:25 AM IST
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The solution plan can be up to Rs 75 lakhs
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
वाणिज्य कर विभाग (खंड-6) ने पहली जुलाई से प्रस्तावित जीएसटी प्रणाली पर गोष्ठी आयोजित कर कई सवालों पर शंका समाधान किया। अफसरों ने सरल भाषा में नई टैक्स प्रणाली पर टिप्स दिए। साथ ही कुछ बिंदुओं पर सचेत किया। गोष्ठी के अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी हुआ।
चौपला किला मार्ग स्थित एक होटल में आयोजित जीएसटी गोष्ठी में पहुंचे व्यापारियों से व्यापार कर अफसर रूबरू हुए। सहायक आयुक्त राजीव सिंह ने माइग्रेशन और पंजीकरण से संबंधित तकनीकी जानकारी दी। विशेषज्ञों ने इसमें आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों को बारीकी से समझाया और रिटर्न फाइल भरने संबधित जानकारी दी। बताया गया कि 75 लाख रुपये तक के व्यापारी समाधान योजना अपना सकते हैं। बताया कि ट्रांजेक्शन एक्ट में व्यापारी आईटीसी का लाभ कैसे उठा सकते हैं। इसके अलावा वैट से बचने वाले स्टाक को कैसे जीएसटी में ले जा सकते हैं। उन्होंने ऑनलाइन फाइलिंग, वैट आदि पर उठे सवालों का समाधान किया।
आयोजन में उपायुक्त जिलाजीत, ज्वाइंट कमिश्नर यूएस दूबे, डिप्टी कमिश्नर शिवकुमार, असिस्टेेंट कमिश्नर मनीष श्रीवास्तव, ज्वाइंट कमिश्नर दीनानाथ, दिनेश सिंह, वाणिज्य कर अधीक्षक रफत परवेज आदि व्यापारियों के सवालों से रूबरू हुए। गोष्ठी में किशोर खटवानी, सतीश सेठी, रितेश मोहन, अजय गर्ग, प्रदीप चावला, विजय मूलचंदानी, योगेंद्र अग्रवाल आदि ने हिस्सा लिया।
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वाणिज्य कर विभाग (खंड-6) ने पहली जुलाई से प्रस्तावित जीएसटी प्रणाली पर गोष्ठी आयोजित कर कई सवालों पर शंका समाधान किया। अफसरों ने सरल भाषा में नई टैक्स प्रणाली पर टिप्स दिए। साथ ही कुछ बिंदुओं पर सचेत किया। गोष्ठी के अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी हुआ।
चौपला किला मार्ग स्थित एक होटल में आयोजित जीएसटी गोष्ठी में पहुंचे व्यापारियों से व्यापार कर अफसर रूबरू हुए। सहायक आयुक्त राजीव सिंह ने माइग्रेशन और पंजीकरण से संबंधित तकनीकी जानकारी दी। विशेषज्ञों ने इसमें आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों को बारीकी से समझाया और रिटर्न फाइल भरने संबधित जानकारी दी। बताया गया कि 75 लाख रुपये तक के व्यापारी समाधान योजना अपना सकते हैं। बताया कि ट्रांजेक्शन एक्ट में व्यापारी आईटीसी का लाभ कैसे उठा सकते हैं। इसके अलावा वैट से बचने वाले स्टाक को कैसे जीएसटी में ले जा सकते हैं। उन्होंने ऑनलाइन फाइलिंग, वैट आदि पर उठे सवालों का समाधान किया।
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आयोजन में उपायुक्त जिलाजीत, ज्वाइंट कमिश्नर यूएस दूबे, डिप्टी कमिश्नर शिवकुमार, असिस्टेेंट कमिश्नर मनीष श्रीवास्तव, ज्वाइंट कमिश्नर दीनानाथ, दिनेश सिंह, वाणिज्य कर अधीक्षक रफत परवेज आदि व्यापारियों के सवालों से रूबरू हुए। गोष्ठी में किशोर खटवानी, सतीश सेठी, रितेश मोहन, अजय गर्ग, प्रदीप चावला, विजय मूलचंदानी, योगेंद्र अग्रवाल आदि ने हिस्सा लिया।
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