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Bareilly News: माह भर में सोने से पांच गुना ज्यादा बढ़ी चांदी की चमक
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नौ अक्तूबर को 1,52,800 रुपये थे प्रति किलो चांदी के भाव, अब 1,77,800 रुपये
बरेली। औद्योगिक और मूल्यवान परिसंपत्ति दोनों के रूप में चांदी की स्थिति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। सोने का भाव माह भर से सवा लाख (प्रति दस ग्राम) के पास टिका है, जबकि इसी बीच चांदी दस गुना तेजी से बढ़त दर्ज कराते हुए प्रति किलो 1.78 लाख तक पहुंच गई है।
मंगलवार को सराफा बाजार में चांदी प्रति किलो 1,77,800 रुपये पर बिकी। सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक चांदी की सिल बाजार से लगभग गायब हो चुकी है, पर चांदी के आभूषणों की बिक्री जोरों पर है।
बताया कि पूर्व में चांदी के सापेक्ष साेने की बिक्री अधिक रहती थी पर अब सोना और चांदी की बिक्री में खास अंतर नहीं है। दोनों ही धातुओं के बाजार में समान खरीदार मिल रहे हैं। लिहाजा, ऐसे कारोबारी जो सोने के आभूषण की बिक्री करते थे, वे अब चांदी भी डिस्प्ले में लगा रहे हैं।
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माह भर में कीमतों पर गौर करें तो नौ अक्तूबर को बाजार में चांदी का भाव प्रति किलो 1,52,800 रुपये था जो नौ दिसंबर को 1,77,800 रुपये पहुंच गया। क्रमवार सोने का भाव प्रति दस ग्राम 1,23,500 रुपये था जो मंगलवार को 1,28,500 रुपये रहा। उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।
पायल, कंगन, कड़े, बिछिया की मांग बढ़ी
सराफा कारोबारी सुरेंद्र रस्तोगी के मुताबिक सहालग में इस बार चांदी के आभूषणों में पायल, कंगन, कड़े, करधन, बिछिया की बिक्री जोरों पर रही। इसके अलावा चांदी के बर्तन और देवी-देवताओं की प्रतिमा और उनसे जुड़े चांदी के सामान की भी खूब बिक्री हुई। सिल्वर कैप रुद्राक्ष की माला समेत चांदी के कप, गिलास, डिजाइनर कटोरी, थाली, प्लेट की मांग हो रही है। इसके अनुसार ऑर्डर भी दिए जा रहे हैं।
आपूर्ति में कमी और निवेश की चाहत वजह
वित्तीय मामलों के जानकार सीए अरविंद कुमार के मुताबिक चांदी औद्योगिक धातु है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, 5जी प्रौद्योगिकी में भी चांदी प्रयोग होता है। सोने के सापेक्ष सस्ती होने से निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारी नुकसान की गुंजाइश नहीं होती। चांदी का उत्पादन बढ़ाना मुश्किल है इसलिए वैश्विक आपूर्ति की कमी है। लिहाजा, कीमतों में बढ़त दर्ज की जा रही है। ब्यूरो
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बरेली। औद्योगिक और मूल्यवान परिसंपत्ति दोनों के रूप में चांदी की स्थिति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। सोने का भाव माह भर से सवा लाख (प्रति दस ग्राम) के पास टिका है, जबकि इसी बीच चांदी दस गुना तेजी से बढ़त दर्ज कराते हुए प्रति किलो 1.78 लाख तक पहुंच गई है।
मंगलवार को सराफा बाजार में चांदी प्रति किलो 1,77,800 रुपये पर बिकी। सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक चांदी की सिल बाजार से लगभग गायब हो चुकी है, पर चांदी के आभूषणों की बिक्री जोरों पर है।
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बताया कि पूर्व में चांदी के सापेक्ष साेने की बिक्री अधिक रहती थी पर अब सोना और चांदी की बिक्री में खास अंतर नहीं है। दोनों ही धातुओं के बाजार में समान खरीदार मिल रहे हैं। लिहाजा, ऐसे कारोबारी जो सोने के आभूषण की बिक्री करते थे, वे अब चांदी भी डिस्प्ले में लगा रहे हैं।
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माह भर में कीमतों पर गौर करें तो नौ अक्तूबर को बाजार में चांदी का भाव प्रति किलो 1,52,800 रुपये था जो नौ दिसंबर को 1,77,800 रुपये पहुंच गया। क्रमवार सोने का भाव प्रति दस ग्राम 1,23,500 रुपये था जो मंगलवार को 1,28,500 रुपये रहा। उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।
पायल, कंगन, कड़े, बिछिया की मांग बढ़ी
सराफा कारोबारी सुरेंद्र रस्तोगी के मुताबिक सहालग में इस बार चांदी के आभूषणों में पायल, कंगन, कड़े, करधन, बिछिया की बिक्री जोरों पर रही। इसके अलावा चांदी के बर्तन और देवी-देवताओं की प्रतिमा और उनसे जुड़े चांदी के सामान की भी खूब बिक्री हुई। सिल्वर कैप रुद्राक्ष की माला समेत चांदी के कप, गिलास, डिजाइनर कटोरी, थाली, प्लेट की मांग हो रही है। इसके अनुसार ऑर्डर भी दिए जा रहे हैं।
आपूर्ति में कमी और निवेश की चाहत वजह
वित्तीय मामलों के जानकार सीए अरविंद कुमार के मुताबिक चांदी औद्योगिक धातु है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, 5जी प्रौद्योगिकी में भी चांदी प्रयोग होता है। सोने के सापेक्ष सस्ती होने से निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारी नुकसान की गुंजाइश नहीं होती। चांदी का उत्पादन बढ़ाना मुश्किल है इसलिए वैश्विक आपूर्ति की कमी है। लिहाजा, कीमतों में बढ़त दर्ज की जा रही है। ब्यूरो