Gold Price: दो दशक में 17 गुना बढ़ी सोने की कीमत, चांदी के भाव में भी 11 गुना इजाफा
वर्ष 2001 में सोने की कीमत 4,255 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वर्तमान में 73,500 रुपये है। दो दशकों में करीब 17 गुना कीमत बढ़ी है। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।
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बरेली में दो दशक में चांदी की चमक में 11 गुना बढ़ोतरी हुई है। वहीं, इस दौरान सोने की खनक भी 17 गुना तक बढ़ी है। निवेश का बेहतर विकल्प होने के साथ ही सोने को समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक अगले एक वर्ष में सोने की कीमत एक लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच सकती है। अप्रैल 2001 में 7,250 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चांदी अब 80,800 रुपये तक जा पहुंची है।
दुनिया के अलग-अलग देशों की मुद्रा की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। इसलिए वे सोने का भंडारण कर रहे हैं। इसी वजह से सोने की कीमतों में तेजी आई है। सोने की कीमतें वैश्विक स्तर पर निर्धारित होती हैं। वर्ष 2001 में जिसने सोना खरीदा था, अब उसकी कीमत में 17 गुना तक इजाफा हो चुका है। यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है।
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नकदी के बाद सोना सर्वाधिक तरल निवेश
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल बरेली के महामंत्री सुदेश अग्रवाल के मुताबिक नकदी के बाद सोना सबसे तरल निवेश है। सोने को कभी भी, कहीं भी बेचकर बाजार मूल्य के बराबर पैसा पाया जा सकता है। किसी देश की मुद्रा सिर्फ उसी देश में चलती है, मगर सोना हर जगह चलता है।
लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना बेहतर विकल्प माना जाता है। डॉलर का बढ़ना, मंदी का भय, विदेशी बैंकों का डूबना, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ना, रूस-यूक्रेन, फलस्तीन-इस्राइल समेत अन्य देशों के बीच युद्ध आदि से सोने की कीमतें प्रभावित होती हैं।
20 और 18 कैरेट सोने की मांग ज्यादा
बरेली सराफा एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश अग्रवाल के मुताबिक सोने की बढ़ती कीमतों के बीच महिलाएं छोटे-छोटे निवेश करने में जुट गई हैं। लिहाजा, भारी के बजाय हल्के वजन के गहने खूब बिक रहे हैं। 24 और 22 के बजाय, महिलाएं 20 व 18 कैरेट के गहनों की खरीदारी कर रही हैं। यह निवेश आर्थिक मजबूती की वजह बनेगा। वर्षों पहले जिन्होंने सोने में निवेश किया था, रिटर्न अब कई गुना बढ़ा है।
17 गुना तक बढ़ गई कीमत
सराफा एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2001 में सोना प्रति दस ग्राम 4,255 रुपये था। वर्ष 2006 में यह 8,875 रुपये जा पहुंचा। वर्ष 2014 में 30,300 और अब 73,500 रुपये तक जा पहुंचा है। बाजार की चाल पर गौर करें तो वर्ष 2001 के बाद 2007-08 के बीच कीमतों में तीन हजार, 2010-11 में पांच हजार, 2012-13 में आठ हजार, 2020-21 में 20 हजार रुपये का उछाल आया।
बीते वर्षों में 13 अप्रैल को सोने का दाम (प्रति दस ग्राम)
वर्ष 2001 में 4,255 रुपये, 2002 में 5,090, 2003 में 5,175, 2004 में 6,075, 2005 में 6,175, 2006 में 8,875, 2007 में 9,570, 2008 में 12,120, 2009 में 14,450, 2010 में 16,750, 2011 में 21,600, 2012 में 28,800, 2013 में 29,870, 2014 में 30,300, 2015 में 27,300, 2016 में 30,225, 2017 में 28,600, 2018 में 32,320, 2019 में 32,750, 2020 और 2021 में लॉकडाउन, 2022 में 52,600, 2023 में 62,100, 2024 में 73,500 रुपये है।