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रैली बाद ही तय होगा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का नाम
बरेली
Updated Fri, 26 Feb 2016 02:25 AM IST
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बरेली। किसान कल्याण रैली में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों और प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों की भी अग्नि परीक्षा होगी। प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा पिछले महीने ही होनी थी लेकिन मोदी रैली की वजह से ही इसे टाला गया है।
उड़ीसा के बाद किसान कल्याण रैली के लिए बरेली को चुना गया। 28 को हो रही रैली को विधान सभा चुनाव के रण की शुरुआत माना जा रहा है। करीब आधे यूपी के भाजपा जिलाध्यक्षों को 100-100 किसान लाने की हिदायत मिली है क्षेत्र के हर सांसद को एक- एक विधानसभा से 15000 की भीड़ लाने का जिम्मा सौंपा गया है। बरेली जोन में दो कैबिनेट मंत्री समेत सात सांसद, चार विधायक और एक एमएलसी तो हैं हीं संगठन के भी कई प्रदेश पदाधिकारी मौजूद हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री प्रत्याशी के तौर पर अंदरखाने चल रहे नामों में योगी आदित्यनाथ, स्मृति इरानी और उमा भारती भी इस रैली में मौजूद रहेंगी। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में चल रहे आंवला के विधायक धर्मपाल सिंह जो रैली के संयोजक हैं अपनी ताकत दिखाने की कोशिश में हैं तो अध्यक्ष पद के दूसरे दावेदार प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी कई दिनों पहले से ही जमे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कुछ दिनों पहले ही सभी दिग्गजों के साथ मीटिंग कर रैली की रणनीति बनाई है। प्रदेश में किसानों की दुर्दशा को मुद्दा बनाकर पहला चुनावी वार प्रदेश सरकार पर करने का इस रैली को माकूल बताया गया है। इसकी सफलता में कोई संशय न रहे इसके लिए राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी तो लगातार संपर्क में हैं हीं जोन के दिग्गज भी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते।
विधान सभा टिकट के दावेदार भी इसी रैली से नंबर पाएंगे। भीड़ जुटोने की क्षमता उनकी परख का पैमाना होगी। इनकी रिपोर्ट क्षेत्रीय संगठन और पार्टी के पदाधिकारी तैयार करेंगे।
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उड़ीसा के बाद किसान कल्याण रैली के लिए बरेली को चुना गया। 28 को हो रही रैली को विधान सभा चुनाव के रण की शुरुआत माना जा रहा है। करीब आधे यूपी के भाजपा जिलाध्यक्षों को 100-100 किसान लाने की हिदायत मिली है क्षेत्र के हर सांसद को एक- एक विधानसभा से 15000 की भीड़ लाने का जिम्मा सौंपा गया है। बरेली जोन में दो कैबिनेट मंत्री समेत सात सांसद, चार विधायक और एक एमएलसी तो हैं हीं संगठन के भी कई प्रदेश पदाधिकारी मौजूद हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री प्रत्याशी के तौर पर अंदरखाने चल रहे नामों में योगी आदित्यनाथ, स्मृति इरानी और उमा भारती भी इस रैली में मौजूद रहेंगी। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में चल रहे आंवला के विधायक धर्मपाल सिंह जो रैली के संयोजक हैं अपनी ताकत दिखाने की कोशिश में हैं तो अध्यक्ष पद के दूसरे दावेदार प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी कई दिनों पहले से ही जमे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कुछ दिनों पहले ही सभी दिग्गजों के साथ मीटिंग कर रैली की रणनीति बनाई है। प्रदेश में किसानों की दुर्दशा को मुद्दा बनाकर पहला चुनावी वार प्रदेश सरकार पर करने का इस रैली को माकूल बताया गया है। इसकी सफलता में कोई संशय न रहे इसके लिए राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी तो लगातार संपर्क में हैं हीं जोन के दिग्गज भी कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते।
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विधान सभा टिकट के दावेदार भी इसी रैली से नंबर पाएंगे। भीड़ जुटोने की क्षमता उनकी परख का पैमाना होगी। इनकी रिपोर्ट क्षेत्रीय संगठन और पार्टी के पदाधिकारी तैयार करेंगे।
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