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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The proof of the fake papers were freed by e - rickshaw

फर्जी कागजों का सुबूत बनाकर छुड़वा लिया ई-रिक्शा

Fri, 01 Jul 2016 01:23 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Fri, 01 Jul 2016 01:23 AM IST
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पिछले दिनों अवैध ई- रिक्शा के खिलाफ चले अभियान के दौरान पकड़े गए वाहनों को रिलीज कराने में बड़ा खेल शुरू हो गया है। मंगलवार को चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया। एक ई-रिक्शा छुड़वाने के लिए कागजों की हेराफेरी की गई। रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (आरसी) लगाने की जगह व्यवसाय करने का ट्रेड सर्टिफिकेट लगा दिया गया। जिस नंबर का ई-रिक्शा बताया गया उस नंबर का वाहन तो परिवहन विभाग में पंजीकृत है ही नहीं। इस बड़े गोलमाल के खुलासे के बाद हड़कंप मचा हुआ है।  
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अपंजीकृत ई- रिक्शा पर अंकुश लगाने के लिए 12 जून को यातायात पुलिस ने अभियान चलाया था। इसमें 32 अवैध ई- रिक्शा और जुगाड़ वाहन पकड़े गए थे। इस अभियान से अपंजीकृत अवैध ई- रिक्शा सड़कों से गायब होने लगे। दरअसल ई-रिक्शा की बिक्री से पहले यह नहीं बताया गया था कि इसका पंजीकरण भी जरूरी होगा। जब धर पकड़ शुरू हुई तो ई-रिक्शा खरीदने वालों ने एजेंसी वालों पर दबाव बनाया और गुमराह करने का आरोप लगाया। अब पकड़े गए ई-रिक्शा को रिलीज कराने का खेल शुरू हुआ है। 
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 अजीम खां ने न्यायालय में अपने ई-रिक्शे को छुड़वाने के लिए आवेदन किया और बाकायदा बताया कि उसका ई-रिक्शा पंजीकृत है। उसने सुबूत के तौर पर ट्रेड सर्टिफिकेट लगाकर कागज प्रस्तुत किया। इसी ट्रेड सर्टिफिकेट पर पड़े नंबर 25 टीसी 0457 को उसने ई-रिक्शा का पंजीयन नंबर लिखकर दे दिया। कोर्ट यातायात पुलिस को सारे सुबूतों की तस्दीक करने के साथ ही वाहन के बारे में सारी जानकारी करने और अगर सब ठीक हो तो ई-रिक्शा रिलीज करने का आदेश दिया था लेकिन यातायात पुलिस ने बिना कोई जांच पड़ताल किए ही आनन-फानन में ई-रिक्शा छोड़ दिया। 
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गाइड लाइन तलब 
सीजेएम न्यायालय ने आरटीओ से ई- रिक्शा रिलीज करने के लिए विभागीय नियमावली और शासन से जारी दिशा निर्देश तलब किए हैं। विभाग ने अपने जवाब में कहा है कि ई- रिक्शा रिलीज प्रक्रिया में पंजीयन आवेदन हेतु फार्म 20, सेल लेटर फार्म 21, निर्माता प्रमाण पत्र फार्म 22, बीमा, निवास प्रमाण पत्र, और तकनीकी निरीक्षण आदि आवश्यक बताया है। इन कागजातों की औपचारिकता होने पर ई- रिक्शा पंजीकरण परिवहन कार्यालय में किया जा सकता है। 
चेसिस नंबर बगैर बिक्री 
अवैध कारोबारी जुगाड़ से तैयार ई- रिक्शा ग्राहकों को भ्रामक जानकारी देकर बिक्री कर रहे हैं। इन अवैध ई- रिक्शा पर कोई चेसिस नंबर आदि नहीं है। इसलिए इनका परिवहन विभाग में पंजीकरण होना मुश्किल है। इसके साथ इसका बीमा और पकड़े जाने पर रिलीज करने में समस्या आ रही है। क्योंकि अभियान में पकड़े गए तमाम ई- रिक्शा हैं जिन पर चेसिस नंबर नहीं हैं तब इन्हें रिलीज कैसे किया जाए? 

‘पंजीकरण और परमिट बिना ई- रिक्शा सड़कों पर संचालित करना अवैध है। नगर निगम में पंजीकरण नहीं किया जा सकता है। अवैध ई- रिक्शा पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन से सहयोग मांगा गया है। न्यायालयों में लंबित वादों में विभाग पैरवी कर वस्तुस्थिति से अवगत कराएगा।’
- आरआर सोनी, आरटीओ
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