UP News: कुर्की वारंट लेकर गाजियाबाद पहुंचे बरेली के दरोगा, गैंगस्टर ने कोर्ट का फर्जी आदेश दिखाकर लौटाया
बरेली के दरोगा कुर्की वारंट लेकर गैंगस्टर के पते पर पहुंचे। वहां पता चला कि उसने अपना घर बेच दिया। जब फोन पर दरोगा ने बात की तो गैंगस्टर ने उनके व्हाट्सएप पर फर्जी आदेश की प्रति भेज दी। इससे दरोगा वहां से लौट आए।
विस्तार
बरेली में गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी के पुराने मामले में इज्जतनगर थाने के दरोगा जब कुर्की वारंट लेकर आरोपी को पकड़ने पहुंचे तो उनके व्हाट्सएप पर आरोपी ने कोर्ट का फर्जी रिकॉल आदेश भेजकर गुमराह कर दिया। धोखाधड़ी सामने आने के बाद इज्जतनगर थाने के दरोगा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जिला गाजियाबाद के थाना शालीमार गार्डन के शांतिनगर अपार्टमेंट निवासी विनोद अरोड़ा उर्फ रवि के खिलाफ करीब 15 साल पहले धोखाधड़ी और गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। स्पेशल गैंगस्टर एक्ट तबरेज अहमद की अदालत ने विनोद का गैरजमानती वारंट और कुर्की आदेश जारी किया था।
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इज्जतनगर थाने के दरोगा गुरदीप सिंह आदेश तामील कराने गाजियाबाद में विनोद के पते पर पहुंचे तो वहां मिलीं मीनू शर्मा ने बताया कि आठ साल पहले उन्होंने यह मकान विनोद से खरीद लिया था। मीनू के पति अमन शर्मा से विनोद के बारे में सूचना देने को कहा था। विनोद को भनक लगी तो उसने दरोगा गुरजीत को व्हाट्सएप कॉल की और बताया कि उसने न्यायालय में हाजिर होकर वारंट वापस करा लिया है।
आरोपी ने दरोगा के व्हाट्सएप पर भेजे रोपकार
विनोद ने न्यायालय की ओर से जारी दो रोपकार (जमानत मंजूर होने के बाद न्यायालय से मिलने वाला पत्र) दरोगा को व्हाट्सएप पर भेज दिया। दरोगा ने रिपोर्ट के साथ रोपकार लगाकर न्यायालय में दाखिल कर दिया। न्यायालय ने दाखिल रोपकार को फर्जी बताया और विनोद के खिलाफ पुलिस व न्यायालय को गुमराह करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। दरोगा गुरजीत ने इज्जतनगर थाने में विनोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस छानबीन कर रही है कि फर्जी रोपकार किसने तैयार किए थे।
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पहले भी सामने आ चुका है फर्जी जमानती पत्र लगाने का मामला
इससे पहले भी न्यायालय में फर्जी जमानती पत्र दाखिल करने का मामला सामने आ चुका है। गोकशी के आरोपी के गैरहाजिर रहने पर जब उसके जमानतदारों को नोटिस भेजा गया था तो पता चला था कि सदर तहसील में तैनात लेखपाल और थाना सीबीगंज के दरोगा की कूटरचित आख्या तैयार कर फर्जी तरीके से जमानत ली गई थी। पिछले साल इस मामले में कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अभी तक फर्जी आख्या लगाने वाले को नहीं खोज सकी है।