{"_id":"68a3967afb9795578a0d552c","slug":"the-pain-of-pregnant-women-increases-due-to-waiting-for-ultrasoundthe-pain-of-pregnant-women-increases-due-to-waiting-for-ultrasound-bareilly-news-c-4-vns1074-706414-2025-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: अल्ट्रासाउंड के इंतजार से बढ़ा गर्भवतियों का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: अल्ट्रासाउंड के इंतजार से बढ़ा गर्भवतियों का दर्द
विज्ञापन
बरेली। महिला अस्पताल में सोमवार को इस वर्ष पहली बार करीब छह सौ पर्चे बने। हालत यह रही कि जो महिलाएं सुबह दस बजे के बाद पहुंची उनके पर्चे बनने में करीब घंटे भर लगे। वहीं, अल्ट्रासाउंड जांच कक्ष पर लंबी कतार रही। कई गर्भवती बगैर जांच कराए लौट गईं।
मलूकपुर की रहने वाली मोअज्जम अपनी बहू की अल्ट्रासाउंड जांच कराने पहुंची थी। पर्चा बनवाकर डॉक्टर से परामर्श के बाद सुबह 11 बजे अल्ट्रासाउंड कक्ष पहुंची, लेकिन दोपहर एक बजे तक जांच नहीं हो सकी। इसी तरह रबड़ीटोला निवासी फरहा, किला छावनी की इकरा अपनी बेटी की जांच कराने पहुंची थीं। महिलाओं का आरोप था कि सिफारिश वालों की जांच हो रही है, बाकी को लौटा रहे हैं। दोपहर दो बजे सेंटर पर 93 गर्भवती की जांच हुई। जबकि पर्चे डेढ़ सौ बने थे। ओपीडी में भी दोपहर एक बजे तक कतार रही। कई महिलाएं बगैर परामर्श के लौट गईं।
सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक तीन दिन अवकाश की वजह से ओपीडी में सामान्य दिनों से दोगुना महिलाएं इलाज को पहुंची। सेंटर पर रोस्टर के तहत रेडियोलॉजिस्ट जांच को पहुंचते हैं। लिहाजा, पहले उन महिलाओं की जांच होती है, जिनकी जांच पूर्व में नहीं हो पाती। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
मलूकपुर की रहने वाली मोअज्जम अपनी बहू की अल्ट्रासाउंड जांच कराने पहुंची थी। पर्चा बनवाकर डॉक्टर से परामर्श के बाद सुबह 11 बजे अल्ट्रासाउंड कक्ष पहुंची, लेकिन दोपहर एक बजे तक जांच नहीं हो सकी। इसी तरह रबड़ीटोला निवासी फरहा, किला छावनी की इकरा अपनी बेटी की जांच कराने पहुंची थीं। महिलाओं का आरोप था कि सिफारिश वालों की जांच हो रही है, बाकी को लौटा रहे हैं। दोपहर दो बजे सेंटर पर 93 गर्भवती की जांच हुई। जबकि पर्चे डेढ़ सौ बने थे। ओपीडी में भी दोपहर एक बजे तक कतार रही। कई महिलाएं बगैर परामर्श के लौट गईं।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक तीन दिन अवकाश की वजह से ओपीडी में सामान्य दिनों से दोगुना महिलाएं इलाज को पहुंची। सेंटर पर रोस्टर के तहत रेडियोलॉजिस्ट जांच को पहुंचते हैं। लिहाजा, पहले उन महिलाओं की जांच होती है, जिनकी जांच पूर्व में नहीं हो पाती। ब्यूरो
विज्ञापन