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Bareilly News: ग्रामीणों को चकबंदी कराने के लिए मनाने पहुंचे अफसर विरोध के बाद लौटे
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ग्रामीणों को समझाते अधिकारी। स्रोत: ग्रामीण
मीरगंज। क्षेत्र के गांव ठिरिया बुजुर्ग और अंबरपुर में काफी समय से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन यहां के ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। रविवार को चकबंदी कराने व समझाने के लिए दोबारा प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के तीन घंटे बाद अधिकारियों को लौटना पड़ा।
रविवार को एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एसडीएम तृप्ति गुप्ता, चकबंदी सीओ अनुराग दीक्षित, कानूनगो और लेखपालों की टीम के साथ दोपहर ढाई बजे ठिरिया बुजुर्ग में बने सचिवालय पर पहुंचे। वहां पर दोनों गांवों के लोग मौजूद थे। तभी एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने ग्रामीणों को चकबंदी कराने के लाभ बताना शुरू किया। काफी देर तक लोगों को समझाते रहे, लेकिन सभी ग्रामीणों ने एकराय होकर गांव में चकबंदी कराने से साफ इन्कार कर दिया।
अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे ग्रामीण
लोगों ने बताया कि चकबंदी अधिकारी 1359 फसली खतौनी से चकबंदी करना चाह रहे हैं, जबकि ग्रामीण 1392 फसली के बंदोबस्त से चकबंदी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन चकबंदी अधिकारी 1359 फसली से ही करने की बात कर रहे है। ग्रामीणों ने बताया उनके गांव रामगंगा के खादर क्षेत्र में आते हैं। उस समय से अब तक कितनी बार जमीनों का क्रय विक्रय हो चुका है। कितने लोगों के पट्टे हुए हैं। अगर चकबंदी 1359 फसली से की गई तो तमाम काश्तकार भूमिहीन हो जाएंगे, जिससे रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
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ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। आगे शासन और उच्चाधिकारियों का, जो भी निर्देश होगा। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- तृप्ति गुप्ता, उपजिलाधिकारी
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रविवार को एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एसडीएम तृप्ति गुप्ता, चकबंदी सीओ अनुराग दीक्षित, कानूनगो और लेखपालों की टीम के साथ दोपहर ढाई बजे ठिरिया बुजुर्ग में बने सचिवालय पर पहुंचे। वहां पर दोनों गांवों के लोग मौजूद थे। तभी एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने ग्रामीणों को चकबंदी कराने के लाभ बताना शुरू किया। काफी देर तक लोगों को समझाते रहे, लेकिन सभी ग्रामीणों ने एकराय होकर गांव में चकबंदी कराने से साफ इन्कार कर दिया।
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अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे ग्रामीण
लोगों ने बताया कि चकबंदी अधिकारी 1359 फसली खतौनी से चकबंदी करना चाह रहे हैं, जबकि ग्रामीण 1392 फसली के बंदोबस्त से चकबंदी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन चकबंदी अधिकारी 1359 फसली से ही करने की बात कर रहे है। ग्रामीणों ने बताया उनके गांव रामगंगा के खादर क्षेत्र में आते हैं। उस समय से अब तक कितनी बार जमीनों का क्रय विक्रय हो चुका है। कितने लोगों के पट्टे हुए हैं। अगर चकबंदी 1359 फसली से की गई तो तमाम काश्तकार भूमिहीन हो जाएंगे, जिससे रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
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ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। आगे शासन और उच्चाधिकारियों का, जो भी निर्देश होगा। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- तृप्ति गुप्ता, उपजिलाधिकारी