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अफसर मेहरबान, लैब संचालकों को चेतावनी देकर छोड़ा
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- फोटो : पीटीआई
निजी लैब के तकनीशियन का आखिर कैसे दर्ज हुआ नंबर, नहीं दिया जवाब
बरेली। पिछले दिनों एनआरआई के सैंपल लेने के दौरान गलत पता और मोबाइल नंबर दर्ज कराने के प्रकरण में लैब संचालकों ने अपनी गलती मान ली है। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने की बात कही है। जवाब पर सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने दोनों निजी लैब संचालकों को आगे गलती मिलने पर लैब पर प्रोटोकॉल के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
26 नवंबर को कैंट सदर में इंग्लैंड से एक युवक अपने घर आया था। सात दिन घर पर रहने के बाद वह तीन दिसंबर को निगेटिव रिपोर्ट लेकर वापस लौट गया। चार दिसंबर को युवक के आरटपीसीआर सैंपल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने का पता चला। निजी लैब की ओर से पोर्टल पर रिपोर्ट अपडेट करने के बाद सर्विलांस टीम सक्रिय हुई मगर युवक का पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज था। लैब से प्रकरण की जानकारी ली गई तो रिपोर्ट में लैब के तकनीशियन का ही नंबर दर्ज मिला था। प्रकरण की सीएमओ ने जांच शुरू कराई। पता चला कि सर्किट हाउस स्थित सैंपल कलेक्शन सेंटर पर युवक ने सैंपल दिया था। जो लैब गया था।
यहां पर युवक ने दो निजी लैब को सैंपल जांच करने को दिए थे। एक लैब में ट्रूनेट और दूसरी में आरटीपीसीआर जांच हुई थी। कलेक्शन सेंटर की ओर से गलत सूचना दर्ज कराने की बात निजी लैब संचालकों ने कही। साथ ही, जवाब में उन्होंने अपनी ओर से सही जानकारी दर्ज न करने पर सीएमओ से माफी मांगी है। लिहाजा, भविष्य में उन्हें सतर्क रहने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। ब्यूरो
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बरेली। पिछले दिनों एनआरआई के सैंपल लेने के दौरान गलत पता और मोबाइल नंबर दर्ज कराने के प्रकरण में लैब संचालकों ने अपनी गलती मान ली है। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने की बात कही है। जवाब पर सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने दोनों निजी लैब संचालकों को आगे गलती मिलने पर लैब पर प्रोटोकॉल के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
26 नवंबर को कैंट सदर में इंग्लैंड से एक युवक अपने घर आया था। सात दिन घर पर रहने के बाद वह तीन दिसंबर को निगेटिव रिपोर्ट लेकर वापस लौट गया। चार दिसंबर को युवक के आरटपीसीआर सैंपल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने का पता चला। निजी लैब की ओर से पोर्टल पर रिपोर्ट अपडेट करने के बाद सर्विलांस टीम सक्रिय हुई मगर युवक का पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज था। लैब से प्रकरण की जानकारी ली गई तो रिपोर्ट में लैब के तकनीशियन का ही नंबर दर्ज मिला था। प्रकरण की सीएमओ ने जांच शुरू कराई। पता चला कि सर्किट हाउस स्थित सैंपल कलेक्शन सेंटर पर युवक ने सैंपल दिया था। जो लैब गया था।
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यहां पर युवक ने दो निजी लैब को सैंपल जांच करने को दिए थे। एक लैब में ट्रूनेट और दूसरी में आरटीपीसीआर जांच हुई थी। कलेक्शन सेंटर की ओर से गलत सूचना दर्ज कराने की बात निजी लैब संचालकों ने कही। साथ ही, जवाब में उन्होंने अपनी ओर से सही जानकारी दर्ज न करने पर सीएमओ से माफी मांगी है। लिहाजा, भविष्य में उन्हें सतर्क रहने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। ब्यूरो
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