Ramadan 2025: चांद का दीदार नहीं... पहला रोजा रविवार से, जानें बरेली में सहरी का समय
बरेली मरकज पर कहीं से भी चांद देखे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अब बताया गया कि पहला रोजा दो मार्च का होगा।
विस्तार
शुक्रवार की शाम माह-ए-रमजान के चांद का दीदार नहीं हुआ। बरेली मरकज पर कहीं से भी चांद देखे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अब बताया गया कि पहला रोजा दो मार्च का होगा। पूर्व रात्रि शनिवार से तरावीह की नमाज शुरू होगी, जो ईद की चांद रात तक जारी रहेगी।
मगरिब के बाद से ही दरगाह व मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चांद देखने की कोशिश की गई। दरगाह आला हजरत स्थित मरकजी दारुल इफ्ता पर काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की अध्यक्षता में मरकजी रूहते हिलाल कमेटी की बैठक हुई।
उसके फैसले के बाद ऐलान किया गया कि पहला रोजा दो मार्च का होगा। जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव व काजी-ए-हिंदुस्तान के दामाद फरमान मियां ने बताया कि दिल्ली, लखनऊ और बरेली के आसपास जिलों में भी चांद देखे जाने की पुष्टि नहीं हुई।
देवबंद सिलसिले से भी चांद देखे जाने की खबर नहीं है। बांसमंडी स्थित मदरसा अरबिया काशीफुल उलूम के मुंतजिम मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी ने बताया कि देर शाम तक चांद की कहीं के इत्तेला नहीं मिली है। इसलिए रोजा दो मार्च से होगा। शिया समाज में भी चांद की सूचना नहीं है। आल इंडिया गुलदस्ता-ए-हैदरी के मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि पहला रोजा दो मार्च से ही होगा।
पहला रोजा सहरी
02 मार्च 2025
सुन्नी 05:13 बजे
देवबंद 05:16 बजे
शिया 5:05 बजे
नोट: सहरी व इफ्तार में क्षेत्रवार समय में परिवर्तन हो सकता है।
रमजान रहमतों की बारिश का महीना
रमजानुल मुबारक शुरू होने को है। इस सिलसिले में शहरभर की मस्जिदों में शुक्रवार को जुमे की नमाज से पहले इमामों की तकरीरें हुई। इसमें रमजान की फजीलत और बरकतों के बारे में नमाजियों को बताया गया। कोतवाली स्थित मोती मस्जिद में हाफिज चांद खान ने कहा कि रमजान रहमतों और बरकतों की बारिश का महीना है। इस महीने में इबादत का सवाब 70 गुना ज्यादा मिलता है, इसलिए 30 रोजे रखें और पांच वक्त की नमाजें पढें। वैसे तो अपनी जिंदगी में हर दिन नमाज पढ़ना जरूर है।
उन्होंने कहा कि नमाज हर बुराई से दूर रखती है और नमाजी की दुआ अल्लाह कुबूल करता हैं। इसी तरह जामा मस्जिद, दरगाह आला हजरत, मस्जिद नौमहला सहित तमाम मस्जिदों में भी रमजान के सिलसिलें में तकरीरें की गईं।
बरेली हज सेवा समिति के पम्मी खां वारसी ने बताया कि नौमहला स्थित दरगाह नासरी में 120 साल से इफ्तारी दस्तरख्वान रोजदारों के लिए लगाया जाता है। दरगाह नासिर मियां के सज्जादानशीन ख्वाजा सुल्तान अहमद नासिरी साबरी की ओर से 30 रमजान तक रोजा इफ्तार जारी रहेगा। इसके अलावा उन्होंने नगर निगम से साफ सफाई और जर्जर सड़क दुरुस्त कराने की मांग की है।
बांसमंडी स्थित मदरसा अरबिया काफीफुल उलूम में तीन अलग-अलग तरावीह की नमाज होगी। इसमें मस्जिद सहित हॉल व छत पर अलग-अलग तारीखों में कुरान पूरे होंगे। मदरसे से जुड़े मौलाना अरशद मजाहिरी ने बताया कि पहली कुरान छह दिन पर, दूसरी कुरान 15 दिन पर और तीसरी कुरान 20 रमजान मुकम्मल होगी।