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Bareilly News: सप्लीमेंट्री कॉपी बदलने से बदला अंकों का गणित
Wed, 27 May 2026 01:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 27 May 2026 01:47 AM IST
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बरेली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से इस बार कॉपियों के जल्द मूल्यांकन के लिए अपनाई गई ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी मुसीबत बनती नजर आ रही है। बोर्ड परीक्षा के नतीजे जारी होने के बाद से लगातार कई बड़ी विसंगतियां सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक मामला दिल्ली पब्लिक स्कूल के 12वीं के छात्र शौर्य के साथ हुआ है। जहां बोर्ड की लापरवाही के कारण छात्र की सप्लीमेंट्री कॉपी ही बदल दी गई।
शौर्य ने परीक्षा में कुल 85 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वह जेईई परीक्षा के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला लेना चाहते हैं, जिसके लिए नियम के मुताबिक पीसीएम (भौतिकी, रसायन, गणित) विषयों में कम से कम 75 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। बोर्ड की ओर से जारी परिणाम में शौर्य को गणित में सिर्फ 62 अंक मिले हैं।
शौर्य ने 20 मई को ऑनलाइन कॉपियां देखने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करने का प्रयास किया। तकनीकी दिक्कतों और साइट न चलने के कारण शुरुआत में तो प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, लेकिन कई बार प्रयासों के बाद आखिरकार 23 मई को उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका प्राप्त हुई।
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जब शौर्य ने अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच की, तो पता चला कि दो बी कॉपियां (सप्लीमेंट्री शीट) लेने के बाद भी केवल एक ही जोड़ी गई है। यही नहीं जो कॉपी उनके रिकॉर्ड में लगाई गई है, वह किसी अन्य परीक्षार्थी की है। लिखावट का मिलान करने पर यह पूरी तरह साफ हो गया कि वह उत्तर पुस्तिका शौर्य की है ही नहीं।
शौर्य ने बताया कि परीक्षा के दौरान कक्षा निरीक्षक ने उनकी मूल बी कॉपी पर बाकायदा नंबर दर्ज किया था। बदली हुई कॉपी पर किसी और का नंबर अंकित है। इस कॉपी में छात्र को केवल एक अंक मिला है, जिसके कारण उनके कुल प्राप्तांकों में भारी गिरावट आ गई।
छात्र का आरोप है कि जब तक बोर्ड इस मामले को संज्ञान में लेकर दोबारा मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करेगा, तब तक देश के प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले की सीटें फुल हो चुकी होंगी। शौर्य ने बताया कि प्राचार्य ने बोर्ड को मामले की जानकारी ईमेल करके भी दी है।
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शौर्य ने परीक्षा में कुल 85 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वह जेईई परीक्षा के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला लेना चाहते हैं, जिसके लिए नियम के मुताबिक पीसीएम (भौतिकी, रसायन, गणित) विषयों में कम से कम 75 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। बोर्ड की ओर से जारी परिणाम में शौर्य को गणित में सिर्फ 62 अंक मिले हैं।
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शौर्य ने 20 मई को ऑनलाइन कॉपियां देखने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करने का प्रयास किया। तकनीकी दिक्कतों और साइट न चलने के कारण शुरुआत में तो प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, लेकिन कई बार प्रयासों के बाद आखिरकार 23 मई को उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका प्राप्त हुई।
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जब शौर्य ने अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच की, तो पता चला कि दो बी कॉपियां (सप्लीमेंट्री शीट) लेने के बाद भी केवल एक ही जोड़ी गई है। यही नहीं जो कॉपी उनके रिकॉर्ड में लगाई गई है, वह किसी अन्य परीक्षार्थी की है। लिखावट का मिलान करने पर यह पूरी तरह साफ हो गया कि वह उत्तर पुस्तिका शौर्य की है ही नहीं।
शौर्य ने बताया कि परीक्षा के दौरान कक्षा निरीक्षक ने उनकी मूल बी कॉपी पर बाकायदा नंबर दर्ज किया था। बदली हुई कॉपी पर किसी और का नंबर अंकित है। इस कॉपी में छात्र को केवल एक अंक मिला है, जिसके कारण उनके कुल प्राप्तांकों में भारी गिरावट आ गई।
छात्र का आरोप है कि जब तक बोर्ड इस मामले को संज्ञान में लेकर दोबारा मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करेगा, तब तक देश के प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले की सीटें फुल हो चुकी होंगी। शौर्य ने बताया कि प्राचार्य ने बोर्ड को मामले की जानकारी ईमेल करके भी दी है।