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बुलंदियां छूने को बेताब दंगल की ‘शेरनियां’
बरेली
Updated Sat, 30 Sep 2017 02:54 AM IST
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तुलसी नगर मैदान में चल रहे दंगल में शुक्रवार को महिला पहलवानों का जलवा कायम रहा। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संभल की पायल शर्मा जब अखाड़े में उतरीं तो दर्शक का कौतूहल चरम पर पहुंच गया। उनका मुकाबला होना था पुरुष पहलवान संजय से। भिड़ंत शुरू हुई तो पायल ने कुछ ही देर में संजय को धूल चटा दी।
फोटो- साक्षात्कार
ओलंपिक मेरा लक्ष्य, गीता फोगाट आइडियल
मेरा लक्ष्य ओलंपिक खेलना है। रेसलर गीता फोगाट मेरी आइडियल हैं। मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। यह कहना है अंतरराष्ट्रीय पहलवान पायल शर्मा का। संभल की पायल चीन के ताइपे में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2016 खेल चुकीं हैं और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक हासिल किया था। वह बीते आठ साल से अखाड़े में उतर रही हैं। बताती हैं, मेरे दादा जी भी पहलवानी करते हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर मैं इस खेल में आगे बढ़ी। होम साइंस से एमए फर्स्ट ईयर की छात्रा पायल ने बताया कि शुरू में गांव के लोग उन्हें चिढ़ाते थे। गुरु भोले सिंह त्यागी को बताया तो कहने लगे, लोगों की बात पर ध्यान मत दो अभ्यास जारी रखो। घरवालों और खासकर भाई ने काफी सपोर्ट किया। देश में खेलों का हाल देखकर कभी-कभी निराशा भी होती है पर कुश्ती से लगाव की वजह से सब भुला देंती हैं पायल। उनकी इच्छा सेना में जाने की है।
पापा को कबड्डी खेलते देखकर जागा शौक
काशीपुर से आईं प्रिया यादव 2015 में लखनऊ में स्टेट खेलकर गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। बताती हैं कि पापा को कबड्डी खेलते देखकर कुश्ती का शौक जागा। पहले तो पापा ने मना किया, लेकिन 2015 में सफलता मिलने के बाद खूब सपोर्ट किया। वही उनके कोच हैं। उनके बड़े भाई चंडीगढ़ में फिजियो थेरेपिस्ट है। उन्होंने भी हमेशा साथ दिया। शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली की शीतल यादव को हराकर मुकाबला जीता। प्रिया बताती हैं कि दंगल फिल्म से उन्हें काफी प्रेरणा मिली। बीए कर रहीं प्रिया रेलवे में नौकरी करना चाहती हैं।
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काफी आगे जाना है
दिल्ली की पहलवान शीतल यादव गुजरात में 2013 में स्टेट खेलकर पहले स्थान पर रही थीं। मेरठ में दूसरे स्थान पर रही थीं। इंटर कर रहीं शीतल बताती हैं कि लोगों को देखकर कुश्ती की तरफ रुझान हुआ। परिवार से भी सपोर्ट मिला। हनुमान अखाड़ा के कोच विवेक भी काफी सपोर्ट करते हैं। शीतल कहती हैं कि उन्हें इस खेल में ही बहुत कुछ करना है। काफी आगे जाना है। इसके लिए मेहनत भी कर रही हैं। कहती हैं कि उन्हें नौकरी में रुचि नहीं है।
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फोटो- साक्षात्कार
ओलंपिक मेरा लक्ष्य, गीता फोगाट आइडियल
मेरा लक्ष्य ओलंपिक खेलना है। रेसलर गीता फोगाट मेरी आइडियल हैं। मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। यह कहना है अंतरराष्ट्रीय पहलवान पायल शर्मा का। संभल की पायल चीन के ताइपे में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2016 खेल चुकीं हैं और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक हासिल किया था। वह बीते आठ साल से अखाड़े में उतर रही हैं। बताती हैं, मेरे दादा जी भी पहलवानी करते हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर मैं इस खेल में आगे बढ़ी। होम साइंस से एमए फर्स्ट ईयर की छात्रा पायल ने बताया कि शुरू में गांव के लोग उन्हें चिढ़ाते थे। गुरु भोले सिंह त्यागी को बताया तो कहने लगे, लोगों की बात पर ध्यान मत दो अभ्यास जारी रखो। घरवालों और खासकर भाई ने काफी सपोर्ट किया। देश में खेलों का हाल देखकर कभी-कभी निराशा भी होती है पर कुश्ती से लगाव की वजह से सब भुला देंती हैं पायल। उनकी इच्छा सेना में जाने की है।
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पापा को कबड्डी खेलते देखकर जागा शौक
काशीपुर से आईं प्रिया यादव 2015 में लखनऊ में स्टेट खेलकर गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। बताती हैं कि पापा को कबड्डी खेलते देखकर कुश्ती का शौक जागा। पहले तो पापा ने मना किया, लेकिन 2015 में सफलता मिलने के बाद खूब सपोर्ट किया। वही उनके कोच हैं। उनके बड़े भाई चंडीगढ़ में फिजियो थेरेपिस्ट है। उन्होंने भी हमेशा साथ दिया। शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली की शीतल यादव को हराकर मुकाबला जीता। प्रिया बताती हैं कि दंगल फिल्म से उन्हें काफी प्रेरणा मिली। बीए कर रहीं प्रिया रेलवे में नौकरी करना चाहती हैं।
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काफी आगे जाना है
दिल्ली की पहलवान शीतल यादव गुजरात में 2013 में स्टेट खेलकर पहले स्थान पर रही थीं। मेरठ में दूसरे स्थान पर रही थीं। इंटर कर रहीं शीतल बताती हैं कि लोगों को देखकर कुश्ती की तरफ रुझान हुआ। परिवार से भी सपोर्ट मिला। हनुमान अखाड़ा के कोच विवेक भी काफी सपोर्ट करते हैं। शीतल कहती हैं कि उन्हें इस खेल में ही बहुत कुछ करना है। काफी आगे जाना है। इसके लिए मेहनत भी कर रही हैं। कहती हैं कि उन्हें नौकरी में रुचि नहीं है।