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Bareilly News: अनसुनी न रह जाए किलकारी... पटाखों से दूर रहें गर्भवती
Sun, 12 Nov 2023 02:30 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 12 Nov 2023 02:30 AM IST
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बरेली। दिवाली पर पटाखों का शोर न हो यह मुमकिन नहीं, पर जिन घरों में गर्भवती महिलाएं हैं, उन्हें विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। क्योंकि पटाखों व आतिशबाजी से निकलने वाली हानिकारक गैस, तेज आवाज गर्भपात की वजह बन सकते हैं। संभव हो तो पटाखे न जलाएं या गर्भवती वहां से दूर रहें।
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. प्रगति अग्रवाल के मुताबिक गर्भवती महिला, जिन्हें सांस की समस्या हो, वे पटाखों से दूर रहें। एलर्जी के खतरे को कम करने के लिए जब तक संभव हो पटाखा जलाने वाले स्थान से दूर ही रहें। तेज आवाज वाले पटाखों से पहली तिमाही की गर्भवती महिलाएं भी दूर रहें। क्योंकि तेज आवाज का शरीर पर गंभीर असर होता है। रक्तचाप (बीपी) बढ़ता है। पटाखों के प्रदूषण से बचकर रहना चाहिए। क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड सांस लेने पर शरीर में ऑक्सीजन के संचरण को प्रभावित कर सकता है।
त्योहार में व्यस्त रहें पर सेहत का रखें ध्यान
गायनी के मुताबिक त्योहार पर गर्भवती महिलाएं भी घर के कार्यों और तैयारियों में जुट जाती हैं। इस दौरान भोजन के प्रति लापरवाही हो ही जाती है। ऐसे में थोड़ी मात्रा में ही सही पर एकाध घंटे बाद पौष्टिक भोजन ग्रहण करें। पानी पीते रहना चाहिए, ताकि चक्कर आने की समस्या, बेहोशी और सुस्ती से खुद को बचा सकें। अगर किन्हीं वजहों से कोई तकलीफ हो तो तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
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गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. प्रगति अग्रवाल के मुताबिक गर्भवती महिला, जिन्हें सांस की समस्या हो, वे पटाखों से दूर रहें। एलर्जी के खतरे को कम करने के लिए जब तक संभव हो पटाखा जलाने वाले स्थान से दूर ही रहें। तेज आवाज वाले पटाखों से पहली तिमाही की गर्भवती महिलाएं भी दूर रहें। क्योंकि तेज आवाज का शरीर पर गंभीर असर होता है। रक्तचाप (बीपी) बढ़ता है। पटाखों के प्रदूषण से बचकर रहना चाहिए। क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड सांस लेने पर शरीर में ऑक्सीजन के संचरण को प्रभावित कर सकता है।
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त्योहार में व्यस्त रहें पर सेहत का रखें ध्यान
गायनी के मुताबिक त्योहार पर गर्भवती महिलाएं भी घर के कार्यों और तैयारियों में जुट जाती हैं। इस दौरान भोजन के प्रति लापरवाही हो ही जाती है। ऐसे में थोड़ी मात्रा में ही सही पर एकाध घंटे बाद पौष्टिक भोजन ग्रहण करें। पानी पीते रहना चाहिए, ताकि चक्कर आने की समस्या, बेहोशी और सुस्ती से खुद को बचा सकें। अगर किन्हीं वजहों से कोई तकलीफ हो तो तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
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