Bareilly News: एयरपोर्ट विस्तार के लिए चिह्नित जमीन बिक गई... अफसरों को नहीं लगी भनक
बरेली से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एयरपोर्ट के विस्तार के लिए चिह्नित की गई जमीन बेच दी गई। बैनामे भी हो गए और अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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बरेली में एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए चिह्नित जमीन पर प्लाटिंग के बाद उसकी बिक्री कर दी गई। यही नहीं, अनुसूचित जाति के व्यक्ति से भिन्न जातियों के लोगों ने बिना डीएम की अनुमति के ही जमीन खरीद ली। अब इस जमीन के बैनामा को निरस्त कर उसे सरकार के नाम दर्ज करने की संस्तुति की गई है।
गांव मुड़िया अहमदनगर में गाटा संख्या-1093, गाटा संख्या-1095 और गाटा संख्या-1096 पर करीब नौ बीघा जमीन है। यह जमीन राम भरोसे और उनके दो भाइयों कुंदनलाल व केदारनाथ ने अनुसूचित जाति के भूस्वामी से खरीदी थी। कुछ समय बाद तीनों भाइयों ने इस जमीन पर प्लाटिंग कर दी। डीएम की पूर्व अनुमति के बिना ही अनुसूचित जाति से भिन्न लोगों को जमीन का बैनामा करा दिया। तीनों भाइयों की जमीन पर प्लाट खरीदने वालों में जावित्री, टिंकू, मुकेश, मुरारीलाल, विमला देवी और अन्य लोग हैं।
लेखपाल अनिल कुमार ने बताया कि वर्तमान में ये मामला एसडीएम सदर कोर्ट में है। उन्होंने बताया कि जमीन पर प्लाटिंग करने वाले तीन भाइयों में राम भरोसे की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस जमीन के मामले में एसडीएम सदर न्यायालय को मौके की जांच रिपोर्ट दी गई है। यह जमीन भूमि सिविल एन्क्लेव बरेली (एयरपोर्ट) के विस्तारीकरण के लिए प्रस्तावित है।
विमला देवी ने भी नियम विरुद्ध खरीदा प्लॉट
राम भरोसे ने अनुसूचित जाति से भिन्न विमला देवी पत्नी रघुवीर सरन को गाटा 1095 व 1096 में से रकबा 167.22 वर्ग मीटर जमीन बेची है। जमीन के खरीदार आजाद नगर कटरा चांद खां के रहने वाले हैं। विमला देवी ने भी बिना डीएम की अनुमति के अनुसूचित जाति के भू-स्वामी से जमीन खरीद ली। जिससे उप्र राजस्व संहिता-2006 में दी गई व्यवस्था का उल्लंघन हुआ है। इस तरह खातेदार ने नियम विरुद्ध भूमि का विक्रय किया और लोगों ने उस बेशकीमती जमीन को कम कीमत में खरीदा है। इस कारण संबंधित भूमि को सरकार में निहित करने की संस्तुति हुई है।
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास काफी लोगों ने जमीनें बेची हैं। मुड़िया अहमदनगर के 12 मामलों में हमने पिछले महीनों में आदेश पारित कर उन भूमियों को सरकार में निहित कर चुके हैं। इसके अलावा गांव चावर में भी 12 मामलों को निस्तारित किया है। मुड़िया अहमदनगर के कुछ मामले और चल रहे हैं, इसमें भी मौके की रिपोर्ट मिल गई। जल्द ही इस जमीन को भी सरकार में निहित करेंगे।